scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

Delhi Excise Policy Case: 'क्यों न आप पर भारी जुर्माना ठोका जाए', केजरीवाल को सीएम पद से हटाए जाने की याचिका पर बिफरा दिल्ली हाईकोर्ट

Delhi High Court: केजरीवाल को सीएम पद से हटाने की यह तीसरी याचिका है जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
Written by: न्यूज डेस्क
नई दिल्ली | Updated: April 08, 2024 13:24 IST
delhi excise policy case   क्यों न आप पर भारी जुर्माना ठोका जाए   केजरीवाल को सीएम पद से हटाए जाने की याचिका पर बिफरा दिल्ली हाईकोर्ट
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर। फोटो- (इंडियन एक्‍सप्रेस)।
Advertisement

Delhi Excise Policy Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के एक पूर्व विधायक को कड़ी फटकार लगाई है। जिन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तारी के बाद अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से हटाने के निर्देश देने के लिए कोर्ट का रुख किया था।

जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने याचिका दायर करने के लिए याचिकाकर्ता संदीप कुमार की आलोचना की। हालांकि अन्य लोगों द्वारा दायर इसी तरह की दो याचिकाएं पहले ही हाई कोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई थीं। कोर्ट ने टिप्पणी कि क्यों ने आप पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए।

Advertisement

सिंगल जज ने टिप्पणी की कि इसी तरह के मामलों को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की पीठ ने सुना और खारिज कर दिया था। साथ ही कहा कि यह पब्लिसिटी इंटरेस्ट पिटीशन है और इसके अलावा कुछ भी नहीं। अंततः यह मामला कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की पीठ को स्थानांतरित करने के लिए आगे बढ़ा, क्योंकि उस पीठ ने पहले भी इसी तरह की याचिकाओं पर सुनवाई की थी।

केजरीवाल को सीएम पद से हटाने की यह तीसरी याचिका है जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इससे पहले, 28 मार्च को हाई कोर्ट ने सुरजीत सिंह यादव नामक व्यक्ति द्वारा दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) को खारिज कर दिया था।

Advertisement

हाई कोर्ट ने तब कहा था कि इस मुद्दे की जांच करना कार्यपालिका और राष्ट्रपति का काम है और कोर्ट इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इसके बाद, 4 अप्रैल को कोर्ट ने विष्णु गुप्ता, जो हिंदू सेना के अध्यक्ष हैं, उनकी एक अन्य जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा था कि यह केजरीवाल का निजी फैसला होगा कि वह सीएम बने रहेंगे या नहीं। फिर पीठ ने एक संकेत देते हुए कहा था कि कभी-कभी, व्यक्तिगत हित को राष्ट्रीय हित के अधीन करना पड़ता है, लेकिन यह उनका (केजरीवाल का) निजी फैसला है।

Advertisement

तीसरी याचिका संदीप कुमार द्वारा दायर की गई थी जिसमें कहा गया था कि केजरीवाल जेल में होने बावजूद दिल्ली के मुख्यमंत्री के पद पर बने हुए हैं, जो न केवल कई संवैधानिक जटिलताओं को जन्म देता है बल्कि दिल्ली के लोगों के जीवन के अधिकार की गारंटी का भी उल्लंघन करता है।

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
tlbr_img1 चुनाव tlbr_img2 Shorts tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो