scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

Haryana Politics: हरियाणा में 2024 से पहले कांग्रेस-बीजेपी ब्राह्मणों को लुभाने की क्यों कर रही कोशिश? समझिए पूरी केमिस्ट्री

Haryana Politics: सीएम मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को कैथल में एक मेडिकल कॉलेज का नाम ब्राह्मण प्रतीक परशुराम के नाम पर रखा। साथ ही11 दिसंबर को अपने गृह क्षेत्र करनाल में दूसरे ब्राह्मण महाकुंभ के आयोजन की घोषणा की।
Written by: वरिंदर भाटिया
Updated: October 18, 2023 14:26 IST
haryana politics  हरियाणा में 2024 से पहले कांग्रेस बीजेपी ब्राह्मणों को लुभाने की क्यों कर रही कोशिश  समझिए पूरी केमिस्ट्री
Haryana Politics: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर और उपमुख्यमंत्री दुष्यन्त चौटाला। (एक्सप्रेस फोटो)
Advertisement

Haryana Politics: हरियाणा में अगले साल लोकसभा और विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको देखते हुए सत्तारूढ़ भाजपा और प्रमुख विपक्षी कांग्रेस ने राज्य में ब्राह्मण समुदाय तक अपनी पहुंच बढ़ा दी है। साथ ही दोनों पार्टियां ब्राह्मणों को लुभाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को कैथल में एक मेडिकल कॉलेज का नाम ब्राह्मण प्रतीक परशुराम के नाम पर रखा। साथ ही11 दिसंबर को अपने गृह क्षेत्र करनाल में दूसरे ब्राह्मण महाकुंभ के आयोजन की घोषणा की। यह आयोजन पहली बार पिछले साल इसी दिन करनाल में आयोजित किया गया था। इस साल अप्रैल में सीएम ने परशुराम के नाम पर एक डाक टिकट जारी किया था और राज्य में परशुराम जयंती पर अवकाश घोषित किया था।

Advertisement

पिछले हफ्ते, रोहतक में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, विपक्ष के नेता (एलओपी) और दो बार के सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा ने वादा किया था कि अगर कांग्रेस 2024 में सत्ता में आती है तो ब्राह्मण समुदाय से चार डिप्टी सीएम में से एक होगा।

12 प्रतिशत हैं हरियाणा में ब्राह्मण

बता दें, जाट बहुल हरियाणा में बड़े समुदायों में से ब्राह्मण राज्य की आबादी का लगभग 12 प्रतिशत हैं। 2014 के विधानसभा चुनावों में जब भाजपा 90 सदस्यीय सदन में 47 सीटें जीतकर पहली बार बहुमत के आंकड़े तक पहुंची तो पार्टी के राज्य प्रमुख राम बिलास शर्मा एक ब्राह्मण नेता के तौर पर सीएम पद की दौड़ में सबसे आगे थे। हालांकि, बीजेपी हाईकमान ने सभी को आश्चर्यचकित करते हुए एक पंजाबी नेता खट्टर को अपने सीएम पद के उम्मीदवार के रूप में चुना। 2019 के चुनाव में राम बिलास अपनी सीट हार गए।

भगवत दयाल शर्मा थे हरियाणा के पहले ब्राह्मण सीएम

हरियाणा के पहले सीएम कांग्रेस के भगवत दयाल शर्मा एक ब्राह्मण थे। वो 1 नवंबर, 1966 को हरियाणा के गठन के बाद से समुदाय से सीएम बनने वाले एकमात्र व्यक्ति थे। हालांकि, कुछ ही महीनों के बाद उनकी जगह राव बीरेंद्र सिंह ने ले ली।

Advertisement

1968 से आज तक कुछ अपवादों को दिया जाए तो ज्यादातर जाट नेताओं ने राज्य पर शासन किया, जिसमें विशाल हरियाणा पार्टी के राव बीरेंद्र सिंह, बनारसी दास गुप्ता और कांग्रेस के भजन लाल के अलावा निवर्तमान खट्टर शामिल हैं।

Advertisement

एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, 'बीजेपी ने कभी भी जाति की राजनीति नहीं की है, लेकिन परंपरागत रूप से जाट हरियाणा में बीजेपी को वोट नहीं देते रहे हैं। वर्तमान परिदृश्य में हरियाणा में शीर्ष जाट नेताओं के तीन गुट हैं - कांग्रेस के भूपेंद्र सिंह हुड्डा, आईएनएलडी के ओम प्रकाश चौटाला और अभय चौटाला और जेजेपी के दुष्यंत चौटाला। एक नजरिया है कि जाट वोट तीन पार्टियों के तीन जाट गुटों में बंटने की संभावना है। यही एक कारण है कि भाजपा बनिया और पंजाबी समुदायों के अलावा ब्राह्मण मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रही है।'

इससे भाजपा के भीतर ब्राह्मण नेताओं की आकांक्षाएं भी बढ़ गई हैं। पिछले साल मई में एक रैली में भाजपा के रोहतक सांसद अरविंद शर्मा ने राज्य में एक ब्राह्मण सीएम की जोरदार वकालत की थी। भाजपा के राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ब्राह्मण महाकुंभ के लिए जन-संगति के लिए हरियाणा का दौरा कर रहे हैं। इस संबंध में वह अब तक करनाल, पानीपत, काइंड, कैथल, चरखी दादरी, झज्जर, भिवानी, अंबाला और गुड़गांव का दौरा कर चुके हैं।

जबकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा हुड्डा की रोहतक घोषणा के बाद ब्राह्मणों को लुभाने की कोशिश कर रही है। वहीं खट्टर ने उन पर "विभाजनकारी, जाति की राजनीति करने" का आरोप लगाया।

हालांकि, भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ''मैं विभाजनकारी राजनीति करने वालों में से नहीं हूं। मैं वह हूं, जो जाति के नाम पर लोगों को बांटने वाली बीजेपी के विपरीत सभी समुदायों के बीच प्यार फैला रहा हूं।' हुड्डा के डिप्टी सीएम प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राम बिलास शर्मा ने हाल ही में कहा था कि ब्राह्मण समुदाय की नजरें "बड़ी सीट" पर हैं, जो कि सीएम पद का संदर्भ था।

Advertisement
Tags :
Advertisement
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो