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Gyanvapi Case: ASI ने सीलबंद लिफाफे में सौंपी रिपोर्ट, याचिकाकर्ताओं को 21 दिसंबर को मिलेगी कॉपी

Gyanvapi Case: ज्ञानवापी परिसर से जुड़ी पांच याचिकाओं पर 19 दिसंबर को कोर्ट में सुनवाई होनी है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला रिजर्व रख लिया था।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Kuldeep Singh
Updated: December 18, 2023 14:53 IST
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ज्ञानवापी मस्जिद (PTI PHOTO)
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Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामले में जिला जज के आदेश के बाद कराए गए ASI सर्वे के मामले में आज साइंटिफिक रिपोर्ट जिला अदालत में पेश कर दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ASI ने सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सीलबंद रिपोर्ट सौंप दी है। कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा है। याचिकाकर्ताओं को सर्वे की कॉपी 21 दिसंबर को दी जाएगी।

इससे पहले सर्वे रिपोर्ट को पेश किए जाने को लेकर चार बार समय बढ़ाया गया था। कोर्ट में सुनवाई से पहले मुस्लिम पक्ष की ओर से मांग की गई थी कि सर्वे की रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में दाखिल किया जाए। दूसरी तरफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में जारी याचिकाओं पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने 8 दिसंबर को अपना फैसला रिजर्व रखा लिया था। इसमें तीन याचिकाएं 1991 में वाराणसी की कोर्ट में अदालत में दाखिल किए गए केस की पोषणीयता को लेकर दाखिल की गई है।

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4 बार बढ़ चुकी है तारीख

बता दें कि कोर्ट में एएसआई सर्वे की रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 4 बार समय मांग चुकी है। पिछली सुनवाई में एएसआई के वकील ने अतिरिक्त समय की मांग की थी। वकील ने जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश से कहा था कि एएसआई के सुप्रीटेंडेंट अविनाश मोहंती कोर्ट में उपस्थित होकर रिपोर्ट दाखिल करने में असमर्थ हैं। इसके बाद कोर्ट ने 18 दिसंबर की तारीख तय की है। एएसआई की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर श्रृंगार गौरी के दैनिक पूजा संबंधी याचिका पर अहम निर्णय हो सकता है। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में एएसआई को सर्वे रिपोर्ट जमा करानी है।

कोर्ट के आदेश पर हुआ था सर्वे

वाराणसी कोर्ट ने 21 जुलाई को ज्ञानवापी परिसर का सर्वे कराने का आदेश दिया था। इस आदेश में 3 अगस्त तक जांच पूरी कर एएसआई को सर्वे रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया गया था। हालांकि मुस्लिम पक्ष के सुप्रीम कोर्ट का रुख करने के बाद सर्वे का काम रोकना पड़ा। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक बार फिर सर्वे का काम शुरू किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने सील किए गए वजूखाना क्षेत्र को छोड़कर परिसर के सर्वे का आदेश जारी कर दिया। सर्वे के काम में एएसआई के अलावा पुरातत्वविद्, रसायनशास्त्री, भाषा विशेषज्ञों, सर्वेयर के अलावा आईआईटी की भी मदद ली गई। सर्वे में आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया।

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