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गोवा के एसपी के कुत्तों ने सेना के अफसर को काटा, पुलिस बोली- पीड़ित के डरने की वजह से हुई घटना, यह अपराध नहीं

पुलिस ने कहा, 'पूछताछ में आरोपी एसपी बोसुएट सिल्वा कुत्ते के बिना पट्टे बांधे सड़क पर चलने के बारे में कहा कि वह उनके निवास स्थान से 50 मीटर के भीतर था। वह कुत्ते के लिए परिचित जगह थी।' पढ़ें पवनीत सिंह चड्ढा की रिपोर्ट।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: संजय दुबे
नई दिल्ली | Updated: March 01, 2024 12:34 IST
गोवा के एसपी के कुत्तों ने सेना के अफसर को काटा  पुलिस बोली  पीड़ित के डरने की वजह से हुई घटना  यह अपराध नहीं
पुलिस जांच ने निष्कर्ष निकाला कि "घटना अनजाने में हुई और एसपी सिल्वा की ओर से इस घटना को अंजाम देने का कोई इरादा नहीं था।"
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गोवा में सेना के एक अधिकारी को पुलिस अधीक्षक के पालतू कुत्तों ने काट लिया। थाने में इसकी शिकायत करने पर न तो रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही कोई कार्रवाई हुई। पीड़ित अधिकारी ने गोवा मानवाधिकार आयोग के समक्ष शिकायत की तो आरोपी पुलिस अधीक्षक ने दावा किया कि घटना शिकायतकर्ता की "घबराहट" के कारण हुई। वह कुत्तों के पास खुद गया था। ऐसे में केस में "कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता।"

मामला अक्टूबर 2020 का है, बिना पट्टे बंधे कुत्तों ने किया था हमला

शिकायतकर्ता, गोवा निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल जीसस बेनिनो फर्टाडो (Lieutenant Colonel Jesus Benino Furtado) ने आरोप लगाया कि 31 अक्टूबर, 2020 को सुबह करीब 7.15 बजे, जब वह मडगांव में बर्नार्डो एफ कोस्टा रोड पर सुबह की सैर पर निकले थे, तो उन्होंने देखा कि चार कुत्तों के साथ एसपी बोसुएट सिल्वा (Bossuet Silva) पैदल चल रहे थे। इनमें से केवल दो ही के गले में पट्टे थे। बाकी दो खुले घूम रहे थे। फर्टाडो ने आरोप लगाया कि दोनों खुले कुत्ते अचानक उन पर झपट पड़े और उनके पैर में काट लिया।

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आरोपी ने अपने जानवरों को रोकने के लिए हस्तक्षेप भी नहीं किया

शिकायत में सेना के पीड़ित अधिकारी ने कहा, “आरोपी ने अपने कुत्तों को 'हटने' या रुकने का आदेश नहीं दिया, न ही उन्होंने हमले को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया। इसके बजाय घटना के बाद उन्होंने अपने कुत्तों को बुलाए और चले गये।''

कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने मानवाधिकार आयोग में की शिकायत

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में जब उन्होंने फतोर्दा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की, तो पुलिस ने "मामले को दबाने" की कोशिश की और "जानबूझकर आरोपी को बचाने का प्रयास किया गया, जो एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी है।" इस पर उन्होंने आयोग से संपर्क किया।

फ़र्टाडो ने पहले दक्षिण गोवा पुलिस में एक शिकायत दर्ज की थी जिसमें सिल्वा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पुलिस अधिकारी से उनकी "लापरवाही और अपने कुत्तों को सही ढंग से संभालने में विफलता" के लिए "लिखित माफ़ी" मांगने की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता ने "ग्रेड 3 कुत्ते के काटने" के इलाज की एक मेडिकल रिपोर्ट संलग्न की थी।

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फतोर्दा पुलिस स्टेशन इंस्पेक्टर की ओर से गुरुवार को दायर जवाब में बताया गया था कि 13 नवंबर 2020 की पुलिस जांच ने निष्कर्ष निकाला कि "घटना अनजाने में हुई और एसपी सिल्वा की ओर से इस घटना को अंजाम देने का कोई इरादा नहीं था।"

पुलिस ने कहा, "पूछताछ में आरोपी पुलिस अधीक्षक बोसुएट सिल्वा कुत्ते के बिना पट्टे बांधे सड़क पर चलने के बारे में कहा कि वह उनके निवास स्थान से 50 मीटर के भीतर था। वह कुत्ते के लिए परिचित जगह थी। पीड़ित फर्टाडो ने कुत्ते को देखकर घबराहट दिखाई तो इससे उन्हें चोट लग गई। कुत्ते ने काटा नहीं हैं।"

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