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'कुछ अपराधियों को बचाने के लिए मुख्तार को रास्ते से हटाया गया, सही वक्त पर दूंगा सबूत', भाई अफजाल का बड़ा दावा

अफजाल ने कहा, '26 मार्च को मुख्तार को बांदा जेल से मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। अस्पताल में हमें बड़ी मुश्किल से सिर्फ 5 मिनट के लिए मिलने दिया गया।'
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: संजय दुबे
नई दिल्ली | Updated: March 31, 2024 12:04 IST
 कुछ अपराधियों को बचाने के लिए मुख्तार को रास्ते से हटाया गया  सही वक्त पर दूंगा सबूत   भाई अफजाल का बड़ा दावा
मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सांसद अफजाल अंसारी।
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यूपी के मऊ से विधायक माफिया डान मुख्तार अंसारी की मौत को लेकर डॉक्टरों ने भले ही अपनी रिपोर्ट में हार्ट अटैक को वजह बताई हो, लेकिन उसके परिवार वाले इसे मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि मुख्तार अंसारी को योजना के तहत मारा गया है। मुख्तार अंसारी की 28 मार्च को बांदा में मौत हो गई थी। उनके भाई और गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी ने दावा किया है कि मुख्तार अंसारी को बांदा जेल में धीमा जहर दिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि "उनको मारकर रास्ते से हटाया गया है।" अफजाल अंसारी ने चेतावनी भी दी कि सही वक्त पर वह इसका सबूतों के साथ खुलासा करेंगे। इस पूरे मामले को उन्होंने एक गहरी साजिश बताते हुए कहा कि पूरी सरकार और उसकी मशीनरी ने कुछ अपराधियों को बचाने के लिए ऐसी हरकत की है।

अफजाल बोल- "मुख्तार ने बताया था कि उन्हें जहर दिया गया है"

अफजाल अंसारी ने कहा कि मुख्तार को 26 मार्च को बांदा जेल से मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। पुलिस के मुताबिक ऐसा जेल के डॉक्टरों के सुझाव पर किया गया था। अफजाल ने कहा कि अस्पताल में हमें बड़ी मुश्किल से सिर्फ 5 मिनट के लिए मिलने दिया गया। उनका दावा है कि "इस दौरान मुख्तार ने उनको बताया कि उनको जहर दिया गया था और इस वजह से वह बेहोश हो गए थे। मुख्तार ने बताया था कि वह बेहद दर्द में हैं।"

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इससे पहले मुख्तार अंसारी के शव को शनिवार को सुपुर्द-ए-खाक किये जाने के बाद बलिया जिले के निरूपुर गांव में एक दिवंगत पुलिसकर्मी के परिवार ने खुशी जाहिर की। दिवंगत पुलिसकर्मी निर्भय उपाध्याय की पत्नी अनीता उपाध्याय ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘भगवान बहुत देर किए, लेकिन बहुत अच्छा किए। आज इंसाफ मिल गया।’’ गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद क्षेत्र में 29 नवंबर 2005 को बीजेपी के विधायक कृष्णानंद राय के काफिले पर हुई गोलीबारी में राय और उपाध्याय सहित सात लोगों की मौत हो गई थी।

बलिया जिले के हल्दी थाना क्षेत्र में नीरूपुर गांव के रहने वाले पुलिसकर्मी उपाध्याय, राय की सुरक्षा में तैनात थे। उनके परिजनों ने बताया कि उपाध्याय की मौत के करीब डेढ़ वर्ष पूर्व ही उनकी शादी अनीता उपाध्याय से हुई थी। घटना के वक्त उनकी बेटी रोशनी महज आठ माह की थी। मुख्तार को सुपुर्द-ए-खाक किये जाने की खबर सुनकर दिवंगत पुलिसकर्मी की पत्नी अनीता और बेटी रोशनी की आंखों में आंसू आ गए। अपने शहीद पति की फोटो हाथों में लिए अनीता ने कहा कि आज उन्हें दुनिया की बहुत अधिक खुशी मिली है। वहीं, रोशनी ने बताया कि उसने प्रण लिया था कि वह पढ़ लिखकर नौकरी करेगी और ‘‘अपने पिता की मौत का बदला मुख्तार अंसारी को अदालत से सजा दिलाकर लेगी, और अब भगवान के इंसाफ से आज उसके कलेजे को ठंडक मिली है।’’

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