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RapidX Train: कैसी है देश की पहली रैपिडएक्स ट्रेन? जानिए स्टेशन पर क्या सुविधाएं, दो तरह का होगा किराया

Delhi-Meerut RapidX Coach: रैपिड रेल में झुकने वाली सीटों और खिड़कियों के अलावा हाई-टेक कोचों में डिजिटल स्क्रीन लगाई गई है। जिस पर यात्री किसी भी समय ट्रेन का अपना रूट चेक कर सकते हैं।
Written by: न्यूज डेस्क
Updated: October 18, 2023 18:20 IST
rapidx train  कैसी है देश की पहली रैपिडएक्स ट्रेन  जानिए स्टेशन पर क्या सुविधाएं  दो तरह का होगा किराया
Rapidx Coach: रैपिडेक्स ट्रेन में क्या होंगी सुविधाएं। (File image/Express)
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Rapid Rail: देश की पहली रैपिडएक्स ट्रेन के कॉरिडोर का उद्घाटन 20 अक्टूबर को पीएम मोदी गाजियाबाद के साहिबाबाद से करेंगे। पहले चरण के उद्घाटन के बाद साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर इस ट्रेन का परिचालन शुरू हो जाएगा। हरी झंडी दिखाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सेमी हाई स्पीड ट्रेन में दुहाई तक का सफर करेंगे। उसके बाद वसुंधरा में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। 21 अक्टूबर से यह रैपिडेक्स आम जनता के लिए उपलब्ध रहेगा, इसमें लोग सफर कर सकेंगे।

रैपिड रेल में खासियत?

रैपिड रेल में झुकने वाली सीटों और खिड़कियों के अलावा हाई-टेक कोचों में डिजिटल स्क्रीन लगाई गई है। जिस पर यात्री किसी भी समय ट्रेन का अपना रूट चेक कर सकते हैं। इसके साथ ही डिजिटल स्क्रीन पर चल रही ट्रेन की मौजूदा स्पीड का भी पता लगाया जा सकेगा। हर एक रेक में छह कोच, एक प्रीमियम और पांच स्टैंडर्ड होंगे। प्रीमियम कोचों के लिए यात्रियों को ज्यादा किराया देना होगा।

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रैपिड रेल में 50 प्रतिशत से ज्यादा महिला कर्मचारी

स्टैंडर्ड कोचों में से एक कोच महिलाओं के लिए आरक्षित होगा। हर कोच में 10 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। रैपिड रेल में 50% से ज्यादा महिला कर्मचारी होंगी। स्थानीय लोगों का रोजगार सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली और मेरठ के बीच रहने वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।

स्टेशनों का निर्माण नौ कोच की ट्रेन के लिए किया गया

हालांकि, एनसीआरटीसी ने सभी स्टेशनों का निर्माण नौ कोच की ट्रेनों के लिए किया गया है। दिल्ली से मेरठ तक पूरे कॉरिडोर पर परिचालन शुरू हो जाने के बाद अगर जरूरत पड़ी तो ट्रेनों में कोच बढ़ाए जा सकेंगे। एक ट्रेन में अधिकतम नौ कोच लगाए जा सकते हैं।

एनसीआरटीसी के अधिकारियों का कहना है कि जून 2025 में मेरठ तक पूरे कॉरिडोर पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा। इसके बाद यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा। अनुमान है प्रतिदिन 8 लाख यात्री इन ट्रेनों से सफर करेंगे। ऐसी स्थिति में ट्रेनों के कोच बढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है।

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बड़े स्टेशनों पर बनाए गए बेबी फीडिंग रूम

रैपिडएक्स के स्टेशनों पर मेट्रो स्टेशन से ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी। 82 किलोमीटर इस लंबे कॉरिडोर पर मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जुड़ने वाले आनंद विहार, गाजियाबाद समेत अन्य स्टेशनों पर बच्चों को फीड कराने के लिए फीडिंग रूम भी बनाए गए हैं।

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रैपिडएक्स में प्रीमियम और स्टैंडर्ड कोच में दो तरह का होगा किराया

रैपिडएक्स रेल में दो तरह के कोच होंगे। कुल छह कोच में एक प्रीमियम और पांच स्टैंडर्ड कोच होंगे। दोनों कोच का अलग-अलग किराया होगा। एक स्टैंडर्ड कोच महिलाओं के लिए आरक्षित होगा। प्रीमियम कोच की तुलना में स्टैंडर्ड कोच में सुविधा कम होगी।

एनसीआरटीसी के प्रवक्ता ने बताया, 'टिकट पर स्टैंडर्ड और प्रीमियम लिखा रहेगा। स्टैंडर्ड और प्रीमियम कोच के दोनों टिकट के यात्रियों की जांच की व्यवस्था अलग होगी। उन्होंने बताया कि प्रीमियम यात्री की पहली बार प्लेटफॉर्म जाते समय, दूसरी जांच प्लेटफॉर्म पर बने महिलाओं के लिए सीट भी आरक्षित है। यात्री पुश बटन दबाकर ट्रेन में चढ़ेंगे और उतरेंगे। स्टेशन पर 30 सेकंड रुकने के बाद रैपिड का दरवाजा ऑटोमैटिक बंद हो जाएगा।

दिव्यांग और मरीज के लिए भी सुविधा-

रैपिडएक्स रेल में कुल 72 सीटें लगी हुई हैं। दिव्यांग और मरीजों के लिए सुविधा है। अगर कोई मरीज चलने में असमर्थ है तो वो स्ट्रेचर और व्हील चेयर से सफर कर सकता है।

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