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Farmers Protest: ऋण माफी, MSP के अलावा एक और मुद्दा, जानें किसानों के साथ समझौता नहीं हो पाने की बड़ी वजह

पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हालांकि बातचीत में कोई प्रगति नहीं हुई है, लेकिन हम हरियाणा और पंजाब में इंटरनेट कनेक्शन बहाल करने के कदम की सराहना करते हैं। सरकार को आगे की बातचीत से पहले चीजों को सामान्य करने की जरूरत है।
Written by: कंचन वासदेव , राखी जग्गा | Edited By: संजय दुबे
नई दिल्ली | Updated: February 27, 2024 10:46 IST
farmers protest  ऋण माफी  msp के अलावा एक और मुद्दा  जानें किसानों के साथ समझौता नहीं हो पाने की बड़ी वजह
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एमएसपी और कृषि ऋण माफी के लिए विवादास्पद कानूनी गारंटी के अलावा, एक और मुद्दा था जिस पर विरोध करने वाले फार्म यूनियन नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के पैनल के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। चंडीगढ़ में दोनों पक्षों के बीच चार दौर की वार्ता बैठक हो चुकी है। विवाद की एक बड़ी वजह 26 जनवरी 2021 को ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले पर हुई हिंसा के दौरान किसानों और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज मामले थे। केंद्रीय मंत्रियों ने वादा किया था कि 2020 के आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस ले लिए जाएंगे, लेकिन यह पता चला है कि उन्होंने लाल किला हिंसा से संबंधित मामलों के लिए ऐसा करने से इनकार कर दिया। हिंसा के बाद दिल्ली के कोतवाली पुलिस स्टेशन में 54 मामले दर्ज किए गए थे।

हिंसा के जघन्य मामले वापस नहीं लिए जाने की बात कही

सरकार के कई सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों ने लाल किले से संबंधित मामले वापस लिए जाने से इनकार किया है। किसान नेताओं ने इसकी वजह पूछी है। बैठकों से जुड़े एक सूत्र ने कहा, "केंद्रीय मंत्रियों ने कहा है कि जघन्य अपराधों के मामले वापस नहीं लिये जायेंगे। किसान नेताओं ने पूछा कि क्या लाल किला हिंसा को जघन्य अपराध की श्रेणी में रखा गया है तो इस पर उन्होंने हां कहा।"

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एक वीडियो में सरवन सिंह पंढेर को उकसाते हुए सुना गया

मौजूदा विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने भी खुद को लाल किला हिंसा के दौरान विवादों में पाया था। उस मामले से संबंधित सामने आए एक वीडियो में उन्हें किसानों को किले की ओर बढ़ने के लिए कहते हुए सुना गया था। बाद में पंढेर ने इससे इनकार किया था।

किसान नेता बोले- उनके खिलाफ अफवाहें फैलाई जा रही हैं

पंढेर ने सोमवार को द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि यह कहना गलत है कि लाल किला हिंसा मामलों के कारण वार्ता टूटी। उन्होंने कहा, “मेरे खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था। हमारे खिलाफ अफवाहें फैलाई जा रही हैं। हमारी जायज मांगें थीं।'' केंद्रीय मंत्रियों ने जहां दलहन, कपास और मक्का सहित तीन फसलों पर एमएसपी की पेशकश की है, वहीं किसान नेताओं ने कर्ज माफी की भी मांग की।

पता चला है कि सरकार किसान शुभकरण सिंह के सिर के पिछले हिस्से में चोट लगने के कारण उनके दाह संस्कार को लेकर बने गतिरोध के मुद्दे पर कोई रास्ता नहीं निकाल पाई है। शव पटियाला के राजिंद्रा अस्पताल के शवगृह में पड़ा हुआ है। किसान नेताओं और परिवार ने शुभकरण की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। सरकार ने परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और छोटी बहन को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।

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एसकेएम (गैर-राजनीतिक) के समन्वयक जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा, “अब समय आ गया है कि पंजाब सरकार किसानों के लिए बोले। हरियाणा के दोषी अधिकारियों और विरोध स्थल पर निहत्थे लोगों पर गोली चलाने का आदेश देने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से सीएम भगवंत मान को कौन रोक रहा है।"