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Ram Mandir: कई मायनों में भव्य होगी रामनवमी, चार मिनट तक होगा रामलला का 'सूर्य तिलक'

राममंदिर के निर्माण के समय यह प्रस्ताव रखा गया कि वैज्ञानिक विधि से ऐसा प्रबंध किया जाए कि रामनवमी के दिन दोपहर में सूर्य की किरणें सीधे रामलला की मूर्ति पर ऐसी पड़ें, जैसे उनका अभिषेक कर रहीं हों।
Written by: जनसत्ता | Edited By: Bishwa Nath Jha
नई दिल्ली | Updated: April 08, 2024 10:57 IST
ram mandir  कई मायनों में भव्य होगी रामनवमी  चार मिनट तक होगा रामलला का  सूर्य तिलक
प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो -(इंडियन एक्सप्रेस)।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली रामनवमी कई मायनों में ऐतिहासिक होगी। रामलला का भव्य जन्मोत्सव मनाने की तैयारी हो रही है। रामनवमी के दिन रामलला के जन्म की घड़ी दोपहर ठीक 12 बजे सूर्य की रश्मियों से रामलला का अभिषेक यानी सूर्य तिलक होगा। सूर्य की किरणें करीब चार मिनट तक रामलला के मुख मंडल को प्रकाशित करेंगी। यह सर्कुलर सूर्य तिलक 75 मिमी का होगा। इसी रामनवमी को रामलला का सूर्य तिलक करने की तैयारी में वैज्ञानिक जुटे हुए हैं। इसके लिए राममंदिर में उपकरण लगाए जा रहे हैं।

भगवान राम सूर्यवंशी माने जाते हैं। ऐसे में राममंदिर के निर्माण के समय यह प्रस्ताव रखा गया कि वैज्ञानिक विधि से ऐसा प्रबंध किया जाए कि रामनवमी के दिन दोपहर में सूर्य की किरणें सीधे रामलला की मूर्ति पर ऐसी पड़ें, जैसे उनका अभिषेक कर रहीं हों। इसके लिए रुड़की के सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने अनूठा सिस्टम तैयार किया है। मिरर, लेंस और पीतल के प्रयोग से बने इस सिस्टम के लिए किसी बैटरी या बिजली की जरूरत नहीं होगी। वैज्ञानिकों ने इस प्रोजेक्ट को सूर्य रश्मियों का तिलक कहा है। यह सकुर्लर तिलक 75 मिमी का होगा, जो रामनवमी के दिन दोपहर में तीन से चार मिनट के लिए भगवान राम के माथे को सुशोभित करेगा।

यह खास तिलक हर साल सिर्फ रामनवमी के मौके पर ही दिखाई देगा। मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थापित किए जाने वाले ऑप्टोमैकेनिकल सिस्टम में उच्च गुणवता वाले दर्पण, एक लेंस और खास कोणों पर लगे लेंस के साथ वर्टिकल पाइपिंग शामिल है। मंदिर के ग्राउंड फ्लोर पर दो मिरर और एक लेंस फिट किए जा चुके हैं। तीसरे फ्लोर पर जरूरी उपकरण लगाए जा रहे हैं। सूर्य की रोशनी तीसरे फ्लोर पर लगे पहले दर्पण पर गिरेगी और तीन लेंस व दो अन्य मिरर से होते हुए सीधे भूतल पर लगे आखिरी मिरर पर पड़ेगी। इससे रामलला की मूर्ति के मस्तक पर सूर्य किरणों का एक तिलक लग जाएगा। यह दो से तीन मिनट तक रामलला के माथे पर रहेगा। रामनवमी में दोपहर यह घटना घटेगी जब भगवान राम का जन्म हुआ माना जाता है।

सपरिवार पहुंचे राजस्थान के राज्यपाल

राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र परिवार समेत रविवार को अयोध्या पहुंचे। महर्षि वाल्मीकि एअरपोर्ट पर अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। सर्किट हाउस में उन्हें गार्ड आफ आनर दिया गया। यहां कलराज मिश्रा ने कहा कि अयोध्या में मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार अयोध्या पहुंचा हूं। उन्होंने कहा कि जिस मंदिर के निर्माण के लिए कोटि-कोटि लोग लगे रहे, आंदोलनरत रहे, हम सब लोग भी आंदोलन में सहभागी थे। जब मंदिर बन गया तो मन को इतनी प्रसन्नता हुई है कि इसे प्रकट नहीं किया जा सकता। अयोध्या पहुंचकर मैं अपने को धन्य महसूस कर रहा हूं। यह कभी कल्पना नहीं की थी कि हम लोगों के काल में राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा।

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