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संजय निरूपम पर कांग्रेस का बड़ा एक्शन, 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित

Sanjay Nirupam Expelled: संजय निरूपम मुंबई में पार्टी का बड़ा चेहरा माने जाते हैं लेकिन आज उन पर कांग्रेस ने ही बड़ा एक्शन लिया है।
Written by: जनसत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली | Updated: April 03, 2024 23:50 IST
संजय निरूपम पर कांग्रेस का बड़ा एक्शन  6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित
संजय निरूपम ने लगातार दिए हैं पार्टी विरोधी बयान (सोर्स - PTI/File)
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Sanjay Nirupam Expelled: कांग्रेस पार्टी ने आज एक बड़ा कदम उठाते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस के बड़े नेता संजय निरुपम को 6 साल के पार्टी से निष्कासित कर दिया है। संजय निरूपम ने कुछ दिनों में पार्टी के खिलाफ ही बागी रुख अख्तियार किया था, जिसके चलते पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देकर उन्हें कांग्रेस पार्टी से बाहर कर दिया गया है।

पार्टी ने सहयोगी दल शिवसेना (उद्धव) के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत के बीच पार्टी नेतृत्व पर की गई निरुपम की हालिया टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। वहीं, निरुपम ने कहा कि वह गुरुवार को अपने फैसले की घोषणा करेंगे।

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कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने मुंबई में पार्टी की प्रचार समिति की बैठक में भाग लेने के बाद संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस ने निरुपम का नाम प्रमुख प्रचारकों की सूची से हटा दिया है। कांग्रेस की मुंबई इकाई के पूर्व प्रमुख निरुपम ने कहा कि वह गुरुवार को अपना रुख बताएंगे।

कांग्रेस पर निरूपम ने किया था कटाक्ष

कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए संजय निरूपम ने कहा था कि वित्तीय संकट का सामना कर रही पार्टी को अपनी ऊर्जा खर्च नहीं करनी चाहिए। निरुपम ने एक्स पर कहा कि गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही पार्टी मेरे लिए कागज-कलम और ऊर्जा बर्बाद न करे। इसका इस्तेमाल पार्टी को बचाने के लिए होना चाहिए। मैंने पार्टी को जो समय सीमा दी थी वह आज खत्म हो रही है। मैं कल अपने अगले कदम के बारे में बताऊंगा।

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प्रचार समिति की बैठक के बाद कांग्रेस नेता पटोले ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी ने निरुपम का नाम प्रमुख प्रचारकों की सूची से हटा दिया है और पार्टी तथा प्रदेश इकाई नेतृत्व के खिलाफ बयानों के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। एक या दो दिन में निर्णय लिया जाएगा। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव) द्वारा मुंबई की छह लोकसभा सीट में से मुंबई उत्तर-पश्चिम सीट समेत चार के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा के बाद निरुपम ने कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व पर निशाना साधा था।

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चुनाव लड़ने को लेकर थी संजय निरूपम की नाराजगी

बताया जाता है कि निरुपम उत्तर-पश्चिम सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। मुंबई उत्तर से सांसद रह चुके निरुपम ने कहा था कि कांग्रेस नेतृत्व को शिवसेना (उद्धव) के आगे दबाव में झुकना नहीं चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई में एकतरफा उम्मीदवार उतारने के शिवसेना (उद्धव) के फैसले को स्वीकार करना कांग्रेस को बर्बाद करने की अनुमति देने के समान है।

बता दें कि निरुपम एक समय शिवसेना में भी रह चुके हैं। उन्होंने 2005 में शिवसेना छोड़ दी थी। उन्होंने उत्तर भारतीय फेरीवालों का मुद्दा उठाया और बाद में कांग्रेस में शामिल हुए। 2009 में, उन्होंने मुंबई उत्तर सीट से चुनाव में जीत हासिल की। निरुपम 2014 में मुंबई उत्तर सीट भाजपा के गोपाल शेट्टी से हार गए थे। समझा जाता है कि निरुपम मुंबई उत्तर-पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, लेकिन शिवसेना (उद्धव) ने अपना उम्मीदवार उतारकर उनके इरादों पर पानी फेर दिया।

बहरहाल, पटोले ने कहा कि कांग्रेस सांगली, भिवंडी और मुंबई में कुछ सीट पर चुनाव लड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संबंधित उम्मीदवारों की काबिलियत के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ना चाहती है। पटोले ने कहा कि वर्धा में भी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने कांग्रेस नेता को चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतारा है क्योंकि पवार के खेमे को उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिला। इससे पहले, शिवसेना (उद्धव) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गतिरोध वाले निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस के कुछ नेताओं की ‘दोस्ताना लड़ाई’ की मांग को खारिज करते हुए कहा ‘या तो दोस्त बनें या मुकाबला करें।’

ठाकरे की टिप्पणियों के जवाब में पटोले ने कहा कि एमवीए संबंधित सीट के मुद्दे को सुलझा लेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव के लिए घर-घर तक पहुंचते हुए प्रचार अभियान चलाएगी।

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