scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

अब किराने की दुकान पर भी मिल सकेंगी सर्दी-जुकाम की दवाएं, केंद्र सरकार लेने जा रही ये बड़ा फैसला

Medical News: केंद्र सरकार कुछ दवाओं को OTC की कैटेगरी में डालने की तैयारी कर रही है। इसके बाद इन दवाओं को बिना प्रिस्क्रिप्शन के भी बेचा जा सकेगा।
Written by: न्यूज डेस्क
नई दिल्ली | Updated: April 18, 2024 09:31 IST
अब किराने की दुकान पर भी मिल सकेंगी सर्दी जुकाम की दवाएं  केंद्र सरकार लेने जा रही ये बड़ा फैसला
केंद्र सरकार जरूरी दवाओं को लेकर ओटीसी नीति पर काम कर रही है। (ANI)
Advertisement

केंद्र सरकार जल्द ही एक बड़ा फैसला लेने जा रही है। सर्दी, जुकाम और बुखार में इस्तेमाल होने वाली दवाओं को किराना की दुकानों पर भी बिक्री के लिए मुहैया कराने की तैयारी की जा रही है। केंद्र सरकार OTC यानी ओवर द काउंटर दवाओं की लिए एक नीति लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए एक समिति बनाई गई जो इस पर विचार कर रही है।

क्या है OTC नीति?

OTC यानी ओवर द काउंटर उन दवाओं को कहा जाता है जिन्हें बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बेचा जा सके। अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह नीति पहले से ही लागू है। अब इसे भारत में लागू कराने की तैयार की जा रही है। इस समिति इस दिशा में काम कर रही है। इस समिति को अब तक इस संबंध में कई सुझाव भी मिले हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी कुछ नहीं कहा गया है।

Advertisement

क्यों लाई जा रही यह नीति

रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इस नीति को ग्राणीण इलाकों को ध्यान में रखते हुए लाने की तैयारी कर रही है। दरअसल ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में मेडिकल स्टोर भी कम उपलब्ध होते हैं। ऐसे में कई बार लोगों को जरूरी दवाएं भी नहीं मिल पाती है। कई मामलों में तो समय पर जरूरी दवा ना मिलने के कारण मरीजों की हालत और गंभीर हो जाती है। इसी कारण समिति की ओर से ओटीसी को लेकर सुझाव दिया गया है।

कब बनाई गई समिति

इसी साल फरवरी में स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक अतुल गोयल की तरफ से एक्सपर्ट्स की एक कमेटी गठित की गई थी। इस समिति को भारत की OTC ड्रग नीति तैयार करने का काम सौंपा गया था। सूत्रों का कहना है कि समिति की ओर से एक ड्राफ्ट जमा भी कर दिया गया है। इसमें ऐसी दवाओं की लिस्ट भी सौंपी गई है जिन्हें ओवर द काउंटर बेचा जा सके। अभी तक भारत में इस तरह का कोई नियम नहीं है। अगर किसी दवा को प्रिस्क्रिप्शन ओनली ना कहा गया हो तो उन्हें ओटीली मान लिया जाता है हालांकि इसे लेकर कोई नियम तय नहीं है। सरकार इसी को नियम के दायरे में लाकर जरूरी दवाओं की पहुंच बढ़ाने की कोशिश में है।

Advertisement
Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
tlbr_img1 चुनाव tlbr_img2 Shorts tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो