scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

चुनावी बॉन्ड मामले में SCBA अध्यक्ष को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- हमें पता है ये सब पब्लिसिटी के लिए है

एससीबीए अध्यक्ष आदिश अग्रवाल ने चुनावी बांड फैसले की स्वत: समीक्षा के लिए सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखा था।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Mohammad Qasim
नई दिल्ली | Updated: March 18, 2024 12:51 IST
चुनावी बॉन्ड मामले में scba अध्यक्ष को सुप्रीम कोर्ट की फटकार  कहा  हमें पता है ये सब पब्लिसिटी के लिए है
Supreme Court: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़। (PTI)
Advertisement

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद सामने आए इलेक्टोरल बॉन्ड डेटा को लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष आदिश अग्रवाल CJI डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने CJI से अपील की थी कि वे इलेक्टोरल बॉन्ड पर अपने फैसले की समीक्षा करें। अब सीजेआई ने आज हुई सुनवाई के दौरान उन्हें जवाब दिया है और कहा कि वे इसपर ज़्यादा कुछ नहीं कहना चाहते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने SBI को भी फटकार लगाई है और कहा है कि 21 मार्च शाम 5 बजे तक इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी पूरी जानकारी साझा की जाए।

Advertisement

SCBA अध्यक्ष से क्या बोले CBI? 

एससीबीए अध्यक्ष आदिश अग्रवाल द्वारा चुनावी बांड फैसले की स्वत: समीक्षा के लिए सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखने पर सीजेआई ने कहा कि ये सभी 'पब्लिसिटी' से जुड़ा है और हम इसमें नहीं पड़ेंगे।

सीजेआई ने आदिश अग्रवाल से कहा, "एक वरिष्ठ वकील होने के अलावा, आप SCBA के अध्यक्ष हैं। आपने मुझे इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान के लिए लिखा है। आपको पता है कि प्रोसेस क्या है। हमें पता है कि ये सब पब्लिसिटी' के लिए है और हम इसमें नहीं पड़ेंगे। मैं इस मामले पर ज़्यादा कुछ नहीं कहना चाहता और ये ठीक भी नहीं होगा।

SCBA ने किया था किनारा

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया था कि आदिश अग्रवाल को चुनावी बांड के फैसले को लागू नहीं करने के लिए भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखना SCBA का आधिकारिक बयान नहीं माने जाए।

Advertisement

एसोसिएशन ने इसे 'सर्वोच्च न्यायालय के अधिकार को कमजोर करने का प्रयास' कहा था और 'स्पष्ट रूप से इसकी निंदा' की थी। सीजेआई की अगुवाई वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 15 फरवरी को दिए एक ऐतिहासिक फैसले में केंद्र की चुनावी बॉण्ड योजना को रद्द कर दिया था। जिसके बाद से यह मुद्दा काफी चर्चा में बना हुआ है।

Advertisement
Tags :
Advertisement
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो