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चंडीगढ़ मेयर मनोज सोनकर का इस्तीफा, बीजेपी में गए 3 AAP पार्षद, SC की सुनवाई से पहले बदला गेम

AAP-बीजेपी की सियासी जंग के बीच चंडीगढ़ के मेयर मनोज सोनकर ने इस्तीफा दे दिया है।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Sudhanshu Maheshwari
नई दिल्ली | Updated: February 18, 2024 23:51 IST
चंडीगढ़ मेयर मनोज सोनकर का इस्तीफा  बीजेपी में गए 3 aap पार्षद  sc की सुनवाई से पहले बदला गेम
चंडीगढ़ के मेयर मनोज सोनकर ने दिया इस्तीफा
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AAP-बीजेपी की सियासी जंग के बीच चंडीगढ़ के मेयर मनोज सोनकर ने इस्तीफा दे दिया है। कई दिनों से चंडीगढ़ मेयर चुनाव में धांधली के आरोप लग रहे हैं, सुप्रीम कोर्ट से भी अधिकारियों को कड़ी फटकार पड़ चुकी है। उस मामले में आगे भी सर्वोच्च अदालत की सुनवाई होने वाली है, लेकिन अब उससे ठीक पहले बीजेपी नेता और चंडीगढ़ मेयर मनोज सोनकर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके ऊपर तीन आप पार्षद ने पाला बदल बीजेपी ज्वाइन कर ली है।

बड़ी बात ये है कि कल यानी कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई करने जा रहा है। सुनवाई का केंद्र चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हुई धांधली ही है। अब उसी सुनवाई से पहले बीजेपी नेता का यूं इस्तीफा देना और फिर आप पार्षदों का पाला बदलना काफी कुछ बता रहा है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की तरफ से तो लगातार गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्हीं आरोपों की वजह से मामला सर्वोच्च अदालत के पास तक गया था। कोर्ट ने भी अपनी पहली ही सुनवाई के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर को जमकर फटकार लगाई थी। यहां तक कहा गया था कि ये लोकतंत्र की हत्या है, ऐसे मजाक को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

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असल में उस चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार को मिले थे 16 वोट, जबकि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशी के खाते में गए 20 वोट। अब सामान्य गणित कहता है कि इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार को ज्यादा वोट मिले, ऐसे में मेयर भी उनका ही होना चाहिए। लेकिन यहां हुए एक बड़ा खेल।

चुनाव के समय जो रिटर्निंग ऑफिसर थे, उन्होंने कुल आठ वोटों को निरस्त कर दिया, उन्हें स्वीकार ही नहीं किया गया। इस वजह से जिस इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी को 20 वोट मिले थे, वो घटकर 12 रह गए और इस तरह बीजेपी प्रत्याशी जीत गया और पार्षद भी पार्टी का ही बना। अब सुप्रीम कोर्ट ने जब इस मामले में सुनवाई की, दो टूक और तल्ख अंदाज में उस रिटर्निंग ऑफिसर की नीयत पर सवाल उठाए गए। यहां तक कहा गया कि ये लोकतंत्र की हत्या है। इस प्रकार के मजाक को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

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वैसे अपनी पहली सुनवाई के दौरान ही कोर्ट ने मेयर के सभी कामकाज पर रोक लगा दी थी, उस समय ही बीजेपी के लिए खतरे की घंटी बच चुकी थी। लेकिन अब जब सोमवार को अहम सुनवाई होने वाली है, मेयर का इस्तीफा हुआ है और आप के तीन पार्षदों ने बीजेपी ज्वाइन कर ली है। इस वजह से नगर निगम में बीजेपी का आंकड़ा 17 पहुंच गया है, ऐसे में कल की सुनवाई में कई बड़े नाटकीय मोड़ देखने को मिल सकते हैं।

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