scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

क्या लोकसभा में स्पीकर किसी का भी माइक कर सकते हैं बंद? जानें क्या होता है सदन का प्रोटोकॉल

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी कह चुके हैं कि जब हम बोलते हैं तो माइक बंद हो जाता है।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Nitesh Dubey
नई दिल्ली | Updated: July 01, 2024 15:55 IST
क्या लोकसभा में स्पीकर किसी का भी माइक कर सकते हैं बंद  जानें क्या होता है सदन का प्रोटोकॉल
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला हैं।
Advertisement

सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई। वहीं एक बार फिर से सदन में हंगामा मचा हुआ है। इस बार लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में माइक बंद को लेकर माहौल गर्म देखने को मिला। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी कह चुके हैं कि जब हम बोलते हैं तो माइक बंद हो जाता है। अब सवाल उठता है कि माइक कंट्रोल किसके पास होता है? उसको लेकर क्या प्रोटोकॉल है?

Advertisement

किसके पास होता है माइक का कंट्रोल?

बड़ा सवाल उठता है कि माइक का कंट्रोल किसके पास होता है? लोकसभा और राज्यसभा में हर एक सांसद के लिए निर्धारित सीट होती है और माइक्रोफोन उसी संसद के डेस्क से जुड़े होते हैं। हर माइक्रोफोन पर एक अलग नंबर लिखा होता है।

Advertisement

इसके अलावा राज्यसभा और लोकसभा के लिए एक-एक चेंबर बना है, जहां पर साउंड टेक्नीशियन बैठते हैं। यहीं से राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही रिकॉर्ड की जाती है। इन टेक्नीशियन के पास सभी सीटों के नंबर लिखे होते हैं और यहीं से माइक्रोफोन को चालू या बंद किया जाता है। चेंबर में सामने की ओर शीशा लगा होता है, जहां से टेक्नीशियन सांसदों और स्पीकर को बोलते हुए पूरी कार्यवाही देखते हैं।

क्या है प्रोटोकॉल?

लोकसभा और राज्यसभा को कवर करने वाले एक्सपर्ट की मानें तो माइक्रोफोन को चालू और बंद करने की एक प्रक्रिया होती है। सदन में केवल स्पीकर ही माइक्रोफोन को बंद करने या चालू करने का निर्देश दे सकते हैं। नियमों के अनुसार स्पीकर ऐसा करते हैं। आमतौर पर जिस सदस्य का बोलने का नंबर आता है, उसका स्पीकर चालू कर दिया जाता है। लेकिन जब सदन में हंगामा होता है और कार्यवाही बाधित होती है, तो स्पीकर अपने पावर का इस्तेमाल करते हुए माइक बंद करने का निर्देश दे सकते हैं।

Advertisement

यदि किसी सांसद की बोलने की बारी नहीं आई है और वह बोलने के लिए खड़ा होता है तो उसका माइक बंद किया जा सकता है। हालांकि स्पेशल मेंशन के मामले में सांसदों के पास 250 शब्द पढ़ने की सीमा होती है और जैसे ही लिमिट पूरी होती है तो उस सदस्य का माइक बंद कर दिया जाता है।

Advertisement

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 खेल tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो