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Budget 2024: ग्रामीण भारत को मोदी सरकार के आखिरी बजट में क्या मिला? जानिए बड़ी बातें

Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट पेश करते हुए कई ऐलान किए हैं। यह इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि इस अंतरिम बजट में ग्रामीण भारत के लिए क्या ऐलान किए गए हैं?
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Mohammad Qasim
नई दिल्ली | Updated: February 01, 2024 14:52 IST
budget 2024  ग्रामीण भारत को मोदी सरकार के आखिरी बजट में क्या मिला  जानिए बड़ी बातें
आज पेश किए गए बजट में ग्रामीण भारत के लिए क्या है? (फोटो : पीटीआई)
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज मोदी सरकार का आखिरी बजट पेश कर दिया है। यह अंतरिम बजट था, पूर्ण बजट नई सरकार बनने के बाद जुलाई में पेश होने की उम्मीद है। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यकाल छठा बजट था। पीएम मोदी ने बजट पेश किए जाने के बाद देश को संबोधित करते हुए कहा कि यह बजट महिलाओं, किसानों, गरीब वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था और इससे देश को एक नई दिशा मिलेगी। इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि इस अंतरिम बजट में ग्रामीण भारत के लिए क्या ऐलान किए गए हैं?

ग्रामीण भारत के लिए क्या?

ग्रामीण आवास योजना :

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट पेश करते हुए यह जानकारी दी कि देश ग्रामीण आवास योजना के तहत तीन करोड़ घरों का लक्ष्य हासिल करने के करीब है और अगले पांच साल में दो करोड़ घरों का निर्माण किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस महीने की शुरुआत में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) के तहत ग्रामीण आवास योजना के एक लाख लाभार्थियों को 540 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने बजट पेश किए जाने के बाद कहा, "हमने गांवों और शहरों में गरीबों के लिए 4 करोड़ से ज्यादा घर बनाए हैं और अब हमने 2 करोड़ और घर बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही आज के बजट में किसान कल्याण के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।"

पीएम किसान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम किसान योजना के तहत 11.8 करोड़ किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजनाओं में से है। पीएम-किसान योजना के तहत सरकार तीन समान मासिक किस्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपये का वित्तीय लाभ प्रदान करती है। यह पैसा देशभर के किसान परिवारों के बैंक खातों में ‘डीबीटी’ के जरिये डाला जाता है। फरवरी 2019 में अंतरिम बजट में इसकी घोषणा की गई थी। यह अभी भी जारी रहेगी।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि फसलों पर NANO DAP का इस्तेमाल होगा, डेयरी विकास के क्षेत्र में अच्छा काम होगा, दुग्ध किसानों को बढ़ावा दिया जाएगा, इससे किसानों को खासा फायदा हासिल होगा। वित्त मंत्री ने कहा, "हमारी सरकार के 10 साल के कार्यकाल में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। 11.8 करोड़ किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिला है। 4 करोड़ से अधिक किसानों को फसल बीमा योजना का फायदा मिला है।"

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वित्त मंत्री ने बताया कि पीएम आवास योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 70% से अधिक घरों की मालकिन महिलाएं हैं। मुद्रा योजना के अंतर्गत महिलाओं को 30 करोड़ से अधिक ऋण दिए गए हैं।

कुछ खास ऐलान:

हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए, जैव-विनिर्माण और बायो-फाउंड्री की एक नई योजना शुरू की जाएगी। यह योजना जैव अपघट्य बहुलक, जैव-प्‍लास्टिक, जैव-भेषज और जैव-कृषि-इनपुट जैसे पर्यावरण हितैषी विकल्‍प उपलब्ध कराएगी। यह योजना आज के उपभोगकारी विनिर्माण प्रतिमान को पुनःसर्जनात्‍मक सिद्धांतों पर आधारित विनिर्माण प्रतिमान में रूपांतरित करने में भी मदद करेगी।  

वित्त मंत्री ने कहा-

यह हमारी सरकार ही थी जिसने मछुआरों की सहायता करने के महत्व को समझते हुए अलग मत्स्यपालन विभाग की स्थापना की। इसके परिणामस्वरूप इनलैंड और जलकृषि उत्पादन दोगुना हो गया है। वर्ष 2013-14 से सीफूड का निर्यात भी दोगुना हो गया है। प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के कार्यान्वयन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसके उद्देश्य इस प्रकार होंगेः

(1) जलकृषि उत्पादकता को प्रति हैक्टेयर मौजूदा 3 टन से बढ़ाकर 5 टन करना, 

(2) निर्यात को दोगुना बढ़ाकर ` 1 लाख करोड़ तक पहुंचाना और 

(3) निकट भविष्य में रोजगार के 55 लाख अवसरों का सृजन करना। 

पांच एकीकृत एक्वापार्कों की स्थापना की जाएगी।

वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि डेयरी किसानों की सहायता के लिए व्यापक कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। खुरपका रोग को नियंत्रित करने के प्रयास पहले से चल रहे हैं। भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है लेकिन देश में दुधारू पशुओं की दुग्ध उत्पादकता कम है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय पशुधन मिशन और डेयरी प्रसंस्करण एवं पशुपालन के लिए अवसंरचना विकास निधि जैसी मौजूदा योजनाओं की सफलताओं पर आधारित होगा। 

वर्ष 2022 में घोषित पहल से आगे बढ़ते हुए सरसों, मूंगफली, तिल, सोयाबीन और सूरजमुखी जैसे तिलहनों के संबंध में ‘आत्मनिर्भरता’ प्राप्त करने के लिए कार्यनीति तैयार की जाएगी। इसमें अधिक उपज देने वाली किस्मों के लिए अनुसंधान, आधुनिक कृषि तकनीकों को व्यापक पैमाने पर अपनाने, बाजार संपर्कों, खरीद, मूल्य-वर्धन और फसल बीमा को शामिल किया जाएगा। 

साथ ही इस क्षेत्र का तीव्र विकास सुनिश्चित करने के लिए हमारी सरकार उपज एकत्रीकरण, आधुनिक भंडारण, दक्षतापूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं, प्राथमिक और माध्यमिक प्रसंस्करण तथा विपणन एवं ब्रांड तैयार करने सहित फसल कटाई के उपरांत चलाए जाने वाले कार्यकलापों में निजी और सार्वजनिक निवेश को और बढ़ावा देगी। नैनो डीएपी52. नैनो यूरिया को सफलतापूर्वक अपनाए जाने के बाद सभी कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभिन्न फसलों पर नैनो डीएपी का प्रयोग किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि कृषि क्षेत्र में मूल्य-वर्धन और किसानों की आमदनी बढ़ाने के प्रयासों को बढ़ावा दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना से 38 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं और रोजगार के 10 लाख अवसरों का सृजन हुआ है। प्रधान मंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम के औपचारिकीकरण योजना से 2.4 लाख स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) और साठ हजार व्यक्तियों को ऋण सुविधा प्राप्त करने में सहायता मिली है। फसल कटाई के बाद होने वाली हानि को कम करने और उत्पादकता एवं आमदनी बढ़ाने के प्रयासों में अन्य योजनाओं से मदद मिल रही है।

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