scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

3 बार बिहार के डिप्टी सीएम, नीतीश के करीबी, बिहार बीजेपी के संकटमोचक… जानिए कैसा था सुशील मोदी का राजनीतिक सफर

सुशील कुमार मोदी बिहार बीजेपी के संकट मोचन माने जाते थे। वह तीन बार बिहार के उपमुख्यमंत्री बने थे।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Nitesh Dubey
नई दिल्ली | Updated: May 14, 2024 00:21 IST
3 बार बिहार के डिप्टी सीएम  नीतीश के करीबी  बिहार बीजेपी के संकटमोचक… जानिए कैसा था सुशील मोदी का राजनीतिक सफर
सुशील कुमार मोदी का निधन हो गया है।
Advertisement

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का निधन हो गया है। 72 वर्ष की उम्र में सुशील कुमार मोदी ने आखिरी सांस ली। वह कैंसर बीमारी से पीड़ित थे। दिल्ली एम्स में सुशील कुमार मोदी का निधन हुआ है। सुशील कुमार मोदी बिहार बीजेपी के संकटमोचक माने जाते थे। वह तीन बार बिहार के उपमुख्यमंत्री बने थे। वहीं 2020 में उन्हें पार्टी ने राज्यसभा भेजा था।

पटना यूनिवर्सिटी से की थी राजनीतिक जीवन की शुरुआत

सुशील मोदी का जन्म 5 जनवरी 1952 को हुआ था और उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की। सुशील मोदी ने पटना यूनिवर्सिटी से ही अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। वह 1973 में पटना यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के जनरल सेक्रेटरी बने थे।

Advertisement

19 महीने तक लगातार जेल में थे सुशील मोदी

सुशील मोदी को जेपी आंदोलन और इमरजेंसी के दौरान पांच बार गिरफ्तार किया गया था। वहीं 1974 में एक छात्र आंदोलन के दौरान भी उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इमरजेंसी के दौरान भी सुशील मोदी को गिरफ्तार किया गया था और वह 19 महीने तक लगातार जेल में थे। इमरजेंसी के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का स्टेट सेक्रेटरी सुशील मोदी को नियुक्त कर दिया गया। एबीवीपी के कई अहम पदों पर भी सुशील मोदी ने अपनी जिम्मेदारी निभाई।

1990 के दौर में सुशील मोदी ने सक्रिय राजनीति में हिस्सा लेना शुरू किया और पटना सेंट्रल विधानसभा से विधायक चुने गए। उसके बाद 1995 और 2000 में भी सुशील मोदी पटना सेंट्रल विधानसभा से ही विधायक चुने गए।

Advertisement

वर्ष 2000 में सुशील मोदी नीतीश कुमार की सरकार में पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर रहे और उन्होंने अलग झारखंड राज्य की मांग का भी समर्थन किया था। 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव में जब एनडीए सत्ता में आई, तब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री चुने गए और बीजेपी ने सुशील कुमार मोदी को अपने विधायक दल का नेता बनाया और उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

Advertisement

लालू को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा

2010 में जब एनडीए की दोबारा सरकार बनी, तब सुशील कुमार मोदी फिर से उपमुख्यमंत्री बने। वह 2013 तक उप मुख्यमंत्री रहे। वहीं 2017 में जब जेडीयू और आरजेडी की सरकार थी, उस दौरान सुशील कुमार मोदी ही इस सरकार के गिरने के पीछे के मुख्य कारण थे। उन्होंने लगातार भ्रष्टाचार के मुद्दों पर लालू यादव को घेरा और अंततः यह सरकार गिर गई। इसके बाद नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ सरकार बनाई और सुशील मोदी तीसरी बार डिप्टी सीएम बने।

2020 में बिहार में विधानसभा चुनाव हुए और एनडीए की सरकार बनी। हालांकि इस बार पार्टी ने सुशील मोदी को डिप्टी सीएम नहीं बनाया और उन्हें राज्यसभा भेजा। सुशील कुमार मोदी को राज्यसभा रामविलास पासवान की जगह भेजा गया था। रामविलास पासवान का निधन हो गया था और उनकी सीट खाली थी। इसके बाद सुशील कुमार मोदी राजनीति में कम सक्रिय रहने लगे थे।

कैंसर से थे पीड़ित

सुशील मोदी ने बीते 3 अप्रैल को X पर पोस्ट कर कैंसर से पीड़ित होने की जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा था, "पिछले 6 माह से कैंसर से संघर्ष कर रहा हूं। अब लगा कि लोगों को बताने का समय आ गया है। लोक सभा चुनाव में कुछ कर नहीं पाऊंगा। PM को सब कुछ बता दिया है। देश, बिहार और पार्टी का सदा आभार और सदैव समर्पित।"

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 चुनाव tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो