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Ram Mandir Opening: 17 जनवरी को गर्भगृह में प्रवेश, पूजन, मंत्रोच्चार… जानें रामलला की प्राण प्रतिष्ठा तक पूरा कार्यक्रम

Ramlala Pran Pratishtha: 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इससे लेकर अयोध्या में तैयारियां जोरों पर हैं। पूरी अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है।
Written by: न्यूज डेस्क
अयोध्या | January 15, 2024 10:13 IST
ram mandir opening  17 जनवरी को गर्भगृह में प्रवेश  पूजन  मंत्रोच्चार… जानें रामलला की प्राण प्रतिष्ठा तक पूरा कार्यक्रम
Ram Mandir: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर पूरी दुनिया में उत्साह। (एक्सप्रेस फोटो)
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Ram Mandir Inauguration: अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां जोरों पर हैं। 22 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम के लिए अयोध्या में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इससे पहले अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे। 17 जनवरी को रामलला पहली बार मंदिर में प्रवेश करेंगे। इसके बाद अगले दिन गर्भगृह में उनका प्रवेश होगा। मंदिर परिसर में यज्ञ और हवन शुरू हो जाएंगे। प्राण प्रतिष्ठा से पहले अनुष्ठान शुरू होंगे जो 22 जनवरी तक जारी रहेंगे।

17 जनवरी से शुरू होंगे अनुष्ठान

जानकारी के मुताबिक बुधवार को रामलला का राममंदिर में प्रवेश होगा। इसके अगले दिन गुरुवार मुहूर्त पर वो स्वयं गर्भगृह में प्रवेश करेंगे। इस दौरान मंदिर में हवन, पूजन और मंत्रोच्चार जारी रहेगा। प्राण प्रतिष्ठा से पहले जलादिवास, धन्यादिवास, पुष्पादिवास, फलादिवास आदि होंगे। इससे रामलला की प्रतिमा को सिद्ध किया जाएगा।

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17 जनवरी को रामलला की प्रतिमा को नगर भ्रमण कराया जाएगा। इसके बाद 18 जनवरी से प्राण-प्रतिष्ठा के मुख्य अनुष्ठान की शुरुआत होगी। 19 जनवरी को राम मंदिर में यज्ञ अग्नि कुंड की स्थापना की जाएगी। खास विधि के जरिए अग्नि का प्रज्वलन होगा। 20 जनवरी को गर्भगृह को 81 कलश, अलग नदियों के जल से पवित्र किया जाएगा। 21 जनवरी रामलला का 125 कलशों से दिव्य स्नान होगा। 22 जनवरी को रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हो जाएंगे।

रामलला मू्र्ति की प्राण प्रतिष्ठा मुहूर्त

रामलला की मूर्ति को प्राण प्रतिष्ठा देने के लिए 22 जनवरी पौष माह के द्वादशी तिथि को अभिजीत मुहूर्त, इंद्र योग, मृगशिरा नक्षत्र, मेष लग्न एवं वृश्चिक नवांश को चुना गया है जो दिन के 12 बजकर 29 मिनट और 08 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट और 32 सेकंड तक अर्थात 84 सेकंड का होगा। इसी समय में प्रभु श्रीराम की मूर्ति को प्राण प्रतिष्ठा दी जाएगी। 12 बजकर 30 मिनट 21 सेकंड बजे षष्टियांश लग्न सिंह हो जाएगा। जो स्थिर लग्न हो होगा। 12 बजकर 30 मिनट 21 सेकंड बजे से 12 बजकर 30 मिनट 25 सेकंड बजे का समय तथा 12 बजकर 30 मिनट 25 सेकंड बजे से 12 बजकर 30 मिनट 29 सेकंड बजे तक का समय प्राण प्रतिष्ठा के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होगा।

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