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Ram Mandir: ग्राउंड फ्लोर तैयार, 25 हजार लोगों के लिए फैसिलिटी सेंटर, दिव्यांगों के लिए लिफ्ट… जानें राम मंदिर में कहां क्या होगा

70 एकड़ में तैयार हो रहे राम मंदिर के प्रवेश द्वार के पास ही तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र (फैसिलिटी सेंटर) का निर्माण किया गया है। दिव्यांगजनों के लिए मंदिर में लिफ्ट का भी इंतजाम किया गया है।
Written by: न्यूज डेस्क
अयोध्या | Updated: December 27, 2023 13:10 IST
ram mandir  ग्राउंड फ्लोर तैयार  25 हजार लोगों के लिए फैसिलिटी सेंटर  दिव्यांगों के लिए लिफ्ट… जानें राम मंदिर में कहां क्या होगा
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होगा। (फ़ोटो सोर्स: X/@ShriRamTeerth)
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Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे। इससे पहले 30 दिसंबर को पीएम मोदी अयोध्या जाएंगे। इस दौरान वह रोड शो में शामिल होंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने कहा कि बताया कि श्रद्धालुओं के लिए एक फैसिलिटी सेंटर का निर्माण किया गया है। इसमें 25 हजार श्रद्धालुओं के लिए लॉकर की भी सुविधा उपलब्ध होगी। इसमें यात्री अपना जरूरी सामान जैसे पर्स, मोबाइल, छोटा बैग, जूते आदि रख सकेंगे। यहां से आगे श्रद्धालुओं को नंगे पैर जाना होगा। गर्मियों में श्रद्धालुओं को कोई समस्या ना हो इसका इंतजाम भी किया जाएगा। इस फैसिलिटी सेंटर में 500 लोगों के लिए टॉयलेट और अन्य सुविधाएं मौजूद होंगी। मंदिर प्रांगण में ही दो एसटीपी भी बनाए गए हैं।

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ग्राउंड फ्लोर बनकर तैयार

चंपत राय ने बताया कि मंदिर का ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह तैयार हो गया है। मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। 70 एकड़ में तैयार हो रहे राम मंदिर के प्रवेश द्वार के पास ही तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र (फैसिलिटी सेंटर) का निर्माण किया गया है। दिव्यांगजनों के लिए मंदिर में लिफ्ट का भी इंतजाम किया गया है। मंदिर के चारों चरण दीवार का भी निर्माण किया जा रहा है। चंपत राय ने बताया कि पूर्वी गेट से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा।

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एक हजार साल की होगी आयु

चंपत राय ने बताया कि मंदिर के निर्माण में फ्लोर के लिए मकराना मार्बल का इस्तेमाल किया गया है वहीं गर्भगृह के लिए श्वेत मार्बल का इस्तेमाल किया गया है। जिस गुलाबी पत्थर से मंदिर का निर्माण किया गया है वह राजस्थान के बंसी पहाड़पुर का गुलाबी सैंडस्टोन है। इन पत्थरों की उम्र 1000 साल की होगी। चंपत राय ने बताया कि मई 2022 में मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इसके निर्माण में 22 लाख क्यूबिक पत्थर का इस्तेमाल किया गया है। रामलला की मू्र्ति को लेकर उन्होंने कहा कि 5 साल के बालक की एक ड्रॉइंग तैयार कराई गई है। इसके ललाट तक की ऊंचाई 51 इंच होगी। कर्नाटक से आए पत्थरों से इसका निर्माण किया जा रहा है।

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