scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई नई मूर्ति का रखा गया नाम, जानिए किस आधार पर हुआ नामकरण

अयोध्या राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा की गई रामलला की मूर्ति का नामकरण किया गया है। रामलला के विग्रह को अब 'बालक राम' के नाम से जाना जाएगा।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Jyoti Gupta
अयोध्या | January 23, 2024 19:37 IST
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई नई मूर्ति का रखा गया नाम  जानिए किस आधार पर हुआ नामकरण
आभूषण में सजे श्री रामलला। (Jansatta)
Advertisement

अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन के बाद प्रभु श्री राम लला के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ इकट्ठा हो रही है। असल में प्राण-प्रतिष्ठा की गई रामलला की मूर्ति का नामकरण किया गया है। अब रामलला के विग्रह को 'बालक राम' के नाम से जाना जाएगा। इस विग्रह का नाम ‘बालक राम’ इसलिए रखा गया है क्योंकि भगवान पांच वर्ष के बच्चे के रूप में खड़ी मुद्रा में स्थापित किए गए हैं।

प्राण प्रतिष्ठा समारोह से जुड़े पुजारी अरुण दीक्षित ने मीडियो को बताया कि ‘‘भगवान राम की जिस मूर्ति का अभिषेक 22 जनवरी को किया गया था, उसका नाम 'बालक राम' रखा गया है। भगवान राम की मूर्ति का नाम 'बालक राम' रखने का कारण यह है कि वे एक बच्चे की तरह दिखते हैं, जिनकी उम्र पांच साल है।''

उन्होंने आगे कहा, ‘‘पहली बार जब मैंने मूर्ति देखी तो मैं रोमांचित हो गया और मेरे आंखों से आंसू बहने लगे। उस समय मुझे जो अनुभूति हुई उसे मैं बयां नहीं कर सकता।’’ पुजारी अरुण दीक्षित ने अब तक लगभग 50-60 प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान करा चुके हैं। उन्होंने आगे कहा ‘‘अब तक किए गए सभी प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठानों में से यह मेरे लिए सबसे 'अलौकिक ' और 'सर्वोच्च' है।’’

उन्‍होंने कहा कि 18 जनवरी को उन्हें मूर्ति की पहली झलक मिली थी। मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भव्य समारोह में की गई। इस मौके पर पीएम ने कहा कि यह एक नए युग के आगमन का प्रतीक है। रामलला की पुरानी मूर्ति (जो पहले एक अस्थायी मंदिर में रखी गई थी) को नई मूर्ति के सामने रखा गया है।

Advertisement

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, विग्रह के लिए आभूषण अध्यात्म रामायण, वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस और अलवंदर स्तोत्रम जैसे ग्रंथों के शोध और अध्ययन के बाद तैयार किए गए हैं। रामलला ने बनारसी वस्त्र धारण किए हैं जिसमें एक पीली धोती और एक लाल 'अंगवस्त्रम' है। 'अंगवस्त्रम' को शुद्ध सोने की 'जरी' और धागों से तैयार किया गया है, जिसमें शुभ वैष्णव प्रतीक 'शंख', 'पद्म', 'चक्र' और 'मयूर' शामिल हैं।

Advertisement
Tags :
Advertisement
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो