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खेल में लड़कियों को प्रमोट करेगी सेना, दो आर्मी गर्ल्स स्पोर्ट्स कंपनियां की जाएंगी स्थापित, इन खास सुविधाओं से होंगी लैस

भारतीय सेना लड़कों के लिए पहले से ही इस तरह की कपंनी चलाती है अब लड़कियों के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। इस बारे में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आर्मी स्पोर्ट्स कंपनियां प्रतिभाशाली सैनिक खिलाड़ियों को सुविधाएं, माहौल, अवसर और अपने खेल पर फोकस करने की क्षमता देती हैं।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Jyoti Gupta
नई दिल्ली | Updated: March 09, 2024 12:45 IST
खेल में लड़कियों को प्रमोट करेगी सेना  दो आर्मी गर्ल्स स्पोर्ट्स कंपनियां की जाएंगी स्थापित  इन खास सुविधाओं से होंगी लैस
आर्मी गर्ल्स स्पोर्ट्स कंपनियों की होगी स्थापना। (express Photo)
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भारतीय सेना ने महिला दिवस के मौके पर बड़ी खुशखबरी दी है। सेना ने युवा प्रतिभा को बढ़ावा देने और लड़कियों के बीच खेल के प्रति रुचि जगाने के लिए दो आर्मी गर्ल्स स्पोर्ट्स कंपनियों (एजीएससी) के गठन का एलान किया है। सेना दो आर्मी गर्ल्स स्पोर्ट्स कंपनियां स्थापित करेगी। जो कुछ खास सुविधाओं से लैस होंगी। ये कंपनियां महू में आर्मी मार्क्समैनशिप यूनिट और पुणे में आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में स्थापित की जाएंगी। इनकी शुरुआत अप्रैल से हो जाएगी।

दरअसल, भारतीय सेना लड़कों के लिए पहले से ही इस तरह की कपंनी चलाती है अब लड़कियों के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। इस बारे में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आर्मी स्पोर्ट्स कंपनियां प्रतिभाशाली सैनिक खिलाड़ियों को सुविधाएं, माहौल, अवसर और अपने खेल पर फोकस करने की क्षमता देती हैं। अधिकारी ने आगे कहा, “इन खेल कंपनियों ने भविष्य के चैंपियन तैयार किए हैं और सैनिकों को खेलों के लिए प्रेरित किया है। वे अच्छी तरह से अपनी स्किल पर काम करते हैं, जिससे वे एक बेहतर खिलाड़ी बन सकते हैं।

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पुरुषों की तरह महिलाओं को मिलेगी ट्रेनिंग

अधिकारी ने बताया कि अब महिला सैनिकों के रैंक में शामिल होने से उन्हें समान खेल सुविधाओं का अवसर मिलेगा। जिससे उनका विकास होगा। इससे महिला सैनिकों को स्पोर्ट्स में भाग लेने के लिए हौसला मिलेगा। इसके अलावा यहां से पढ़कर निकली इन लड़कियों को सेना में सीधे प्रवेश मिल पाएगा।

अधिकारी ने आगे कहा, "ये कंपनियां महिलाओं को खेल क्षेत्र के मैदान में उतारने में सक्षम बनाएंगी।" अधिकारी ने आगे बताया कि खेल कंपनियों द्वारा लडकों को मिली सफलता के बाद अब सेना का लक्ष्य खेलों में लड़कियों के लिए उसी मॉडल को दोहराना है।

सूत्रों के अनुसार, एजीएससी उभरते एथलीट्स के लिए इनक्यूबेटर के रूप में काम करेगा जो न केवल खास स्ट्रीम के लिए ट्रेनिंग देगा बल्कि उनके स्किल को निखारने के लिए अन्य सहायता भी देगा। सेना का उद्देश्य युवा प्रतिभा की पहचान करनी है। इन लड़कियों को शिक्षा के साथ ही खेलों के लिए ट्रेन किया जाएगा। इसके अलावा एजीएससी के तहत चुनी गई लड़कियां अग्निवीर और नॉन कमिशंड ऑफिसर (एनसीओ) सहित जूनियर कमिशंड ऑफिसर (जेसीओ) योजनाओं के जरिए सेना में सीधे भर्ती के लिए पात्र होंगी।

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किन खेलों के लिए मिलेगी ट्रेनिंग

एजीएससी के जरिये लड़कियों को शूटिंग, तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और वेटलिफ्टिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। इन खेलों के प्रशिक्षण के लिए महू और पुणे में सेना के पास वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पोर्ट मेडिसिन सेंटर हैं। इसके साथ ही सेना की तरफ से बताया गया कि यहां प्रशिक्षण के लिए चुनी गई लड़कियों को सीनियर आर्मी टीम और एथलीट्स का भी अनुभव भी मिलेगा।

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