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Reverse Hair Loss: इस नई तकनीक से बिना तकलीफ के ही सिर पर दोबारा से ग्रो हो जाएंगे बाल, डॉक्टर ने किया खुद पर एक्सपेरिमेंट

फोर्टिस हॉस्पिटल, वसंत कुंज में वरिष्ठ सलाहकार स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. रश्मि शर्मा ने अपने बालों को बाउंसी, लंबा और घना बनाए रखने के लिए प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा थेरेपी को अपनाया है।
Written by: हेल्थ डेस्क | Edited By: Shahina Noor
नई दिल्ली | March 11, 2024 17:44 IST
reverse hair loss  इस नई तकनीक से बिना तकलीफ के ही सिर पर दोबारा से ग्रो हो जाएंगे बाल  डॉक्टर ने किया खुद पर एक्सपेरिमेंट
प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा थेरेपी अपने ही शरीर की शक्ति से बालों को दोबारा से ग्रो करने की तकनीक है। freepik
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हेयरफॉल एक ऐसी परेशानी है जिससे मर्द और औरत ज्यादातर लोग परेशान रहते हैं। हेयर फॉल का अगर समय पर उपचार नहीं किया जाए तो गंजेपन की परेशानी भी हो सकती है। हेयर फॉल की वजह से ही हेयर लॉस की समस्या होने लगती है। जरूरत से ज्यादा कॉस्मेटिक प्रोडक्ट का इस्तेमाल,खराब डाइट का सेवन,बॉडी में जरूरी पोषक तत्वों की कमी और बढ़ता तनाव हेयर लॉस का कारण बन सकता है। वैसे तो हेयर लॉस के और भी कई कारण हो सकते हैं। हेयर लॉस का उपचार करने के लिए लोग तरह-तरह के नुस्खे अपनाते हैं, तरह-तरह के मेडिकल ट्रीटमेंट कराते हैं फिर भी उनकी समस्या का समाधान नहीं होता।

लोगों की इस परेशानी का हल एक डॉक्टर ने निकाल लिया है। डॉक्टर ने एक ऐसी तकनीक का इजाद किया है जिसका ट्रायल उन्होंने खुद पर किया है। डॉक्टर ने अपने पर ट्रायल करके फिर इस तकनीक से मरीजों का इलाज किया है। इस तकनीक की मदद से उन मरीजों और डॉक्टर को फायदा मिला है जो गंजेपन से जूझ रहे थे।

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फोर्टिस हॉस्पिटल, वसंत कुंज में वरिष्ठ सलाहकार स्किन स्पेशलिस्ट, दिल्ली में 34 वर्षीय डॉ. रश्मि शर्मा ने अपने बालों को बाउंसी, लंबा और घना बनाए रखने के लिए प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (पीआरपी) थेरेपी को अपनाया है। ये थेरेपी वायु प्रदूषण, नल के पानी और तनाव से लड़ने में कारगर होगी और तीन महीने के अंदर बाल घने और लम्बे हो जाएंगे। एक्सपर्ट ने बताया कि सिर्फ तीन महीनों में उन्होंने अपने बाल घने और लम्बे किए हैं। आइए जानते हैं कि डॉक्टर और मरीज ने कैसे अपने बालों को इस थैरेपी की मदद से घना और लम्बा बनाया है।

प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा थेरेपी क्या है?

प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा थेरेपी अपने ही शरीर की शक्ति से बालों को दोबारा से ग्रो करने की तकनीक है। डॉक्टर रश्मि ने बताया कि इस तकनीक में मरीज से 8-10 ml ब्लड लिया जाता है। इसके बाद इसे सेंट्रीफ्यूज मशीन में ब्लड में तब तक रखा जाता है जब तक कि प्लाज्मा अलग नहीं हो जाए। इसके बाद ये रेड ब्लड सेल्स से अलग होकर ऊपर उठ जाते हैं जिसके बाद इस लेयर को निकाल लेते हैं जो प्लेटलेट्स के साथ केंद्रित होती है।

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ये प्रोटीन से भरपूर होते हैं जो कोशिकाओं को पुनर्जीवित करते हैं, और उन्हें खोपड़ी में इंजेक्ट कर दिया जाता हैं। संक्षेप में जाने तो बालों के रोम कूप को आपके ब्लड द्वारा सर्वोत्तम प्रोटीन, विटामिन और खनिज मिलता हैं और बाल बेहतर तरीके से ग्रो करते हैं। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है क्योंकि आप दवा के बजाय अपने पोषक तत्वों का उपयोग कर रहे हैं।

मरीज के बाल कैसे घने और लम्बे बनें?

जम्मू की 44 साल की स्नेहल शर्मा ने बताया कि उनके बाल कोविड के कारण बुरी तरह से झड़ गए थे और उनके सिर पर गंजेपन से पेच बन गए थे। उन्होंने प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा थेरेपी को अपनाया तो वापस से उनके बाल घने और खूबसूरत बन गए। एक्सपर्ट ने बताया कि प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा सबसे सुरक्षित बाल उपचारों में से एक है। महामारी के बाद के वर्षों में इसका चलन बढ़ रहा है। कोविड के बाद युवाओं में बाल झड़ने की परेशानी ज्यादा रही है। यह तकनीक बालों को झड़ने से रोकती है। इस तकनीक का इस्तेमाल करके आप समय से पहले गंजापन को रोक सकते हैं। प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा थेरेपी से अपने ही सेल्स से इलाज हो जाता है।

दर्द रहित ये प्रक्रिया तेजी से करती है असर

एक्सपर्ट के मुताबिक यह प्रक्रिया तेजी से काम करती है और इससे दर्द भी नहीं होता। इसे करने से पहले सिर पर सुन्न करने वाली क्रीम लगाई जाती है उसके एक घंटे बाद ये तकनीक अपनाई जाती है। इसे करने में केवल 30 से 40 मिनट लगते हैं। टीके लगाने के बाद स्कैल्प को कीटाणुरहित किया जाता है और 24 घंटे बाद हेयर वॉश कर सकते हैं। यह अपेक्षाकृत दर्द रहित है क्योंकि हम सूक्ष्म सुइयों का उपयोग करते हैं और ये सिर्फ स्कैल्प पर चुभन करती हैं। उनकी चुभन इंसुलिन सुइयों की तरह ही होती है।

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