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इस 1 कारण की वजह से आंतों में सूजन और पेट में मचती है तबाही,दवाई से भी गट हेल्थ में नहीं होता सुधार, इस तरह करें बीमारी का उपचार

सेल मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक तनाव इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्थितियों को बढ़ने के लिए जिम्मेदार है।
Written by: Shahina Noor
नई दिल्ली | Updated: February 12, 2024 15:45 IST
इस 1 कारण की वजह से आंतों में सूजन और पेट में मचती है तबाही दवाई से भी गट हेल्थ में नहीं होता सुधार  इस तरह करें बीमारी का उपचार
फोर्टिस अस्पताल मोहाली में क्लिनिकल न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स विभाग की प्रमुख, डॉ.सोनिया गांधी ने बताया कि आंत के बैक्टीरिया पोषक तत्वों के अवशोषण और हमारे पूरे सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं। freepik
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बॉडी को हेल्दी रखने के लिए सिर्फ अच्छी डाइट ही काफी नहीं है बल्कि तनाव से दूर रहना भी जरूरी है। आप जानते हैं कि तनाव आपके गट हेल्थ को पूरी तरह बिगाड़ सकता है। अगर आप तनाव से जूझ रहे हैं तो ये तनाव चुपचाप आपके गट फ्रेंडली बैक्टीरिया के नेचेर को बदल सकता है। गट फ्रेंडली बैक्टीरिया ही आपको क्रॉनिक बीमारियों से महफूज रखते हैं। सेल मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक शोधकर्ताओं ने तनाव और गट हेल्थ पर चूहों पर एक शोध किया जिसमें पाया कि जिन चूहों को लगातार दो सप्ताह तक तनाव रहा उनमें आंतों को रोगजनकों से बचाने वाली कोशिकाओं का स्तर कम था।

एक्सपर्ट के मुताबिक मानसिक तनाव इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्थितियों को बढ़ने के लिए जिम्मेदार है। तनाव ही पेट में दर्द और मोशन का कारण बनता है। रिसर्च में शोधकर्ताओं ने बताया है कि तनाव एक जैव रासायनिक कैस्केड को कैसे ट्रिगर कर सकता है जो गट माइक्रोबायोम को दोबारा आकार देता है।

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तनाव गट हेल्थ को कैसे प्रभावित करता है?

पीजीआई, चंडीगढ़ में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के पूर्व प्रोफेसर और प्रमुख डॉ. राकेश कोचर ने बताया कि हमारी आंतों में सूक्ष्मजीवों बड़ी संख्या में मौजूद होते हैं। हमारे गट में असंख्य सुक्ष्मजीव रहते हैं जो ओटोनॉमिक नर्वस सेंटर से जुड़े होते हैं। ये सिस्टम ब्रेन से अलग सबसे बड़ा नेटवर्क है। गट में जो सुक्ष्मजीव या गट माइक्रोबायोम रहते हैं ये आंत की लाइनिंग के आस-पास रहते हैं इसलिए ये मोटापा,डायबिटीज,इंफ्लामेटरी बाउड डिजीज,फैटी लिवर और ऑटोइम्यून डिजीज को बढ़ाते हैं। आंत की लाइनिंग में ये सुक्ष्मजीव सूजन बढ़ा देते हैं जिसकी वजह से ये बीमारियां होती है।

फोर्टिस अस्पताल मोहाली में क्लिनिकल न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स विभाग की प्रमुख, डॉ.सोनिया गांधी ने बताया कि आंत के बैक्टीरिया पोषक तत्वों के अवशोषण और हमारे पूरे सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं। पाचन संबंधी विकारों के अलावा, नींद में खलल, थकान और संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक गट हेल्थ को दुरुस्त करने के लिए डाइट में कुछ खास फूड्स का सेवन करना जरूरी है। कुछ फूड्स ऐसे हैं जो तनाव से लड़ने में और गट हेल्थ को सुधारने में मदद करते हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि कौन-कौन से ऐसे फूड्स है जो गट हेल्थ को सुधारते हैं और तनाव को दूर करते हैं।

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कौन-कौन से खाद्य पदार्थ आंत के स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकते हैं?

  • डॉ. सोनिया गांधी ने कुछ खाद्य पदार्थों की सूची दी है जो आंत की सेहत में सुधार कर सकते हैं। गट हेल्थ को दुरुस्त करना चाहते हैं तो हाई फाइबर वाले फूड्स जैसे फलियां, दालें, सब्जियां और फलों का सेवन करें। ये फूड्स गट हेल्थ में सुधार करते हैं और पेट की बीमारियों का उपचार करते हैं।
  • जई, केला, लहसुन और प्याज जैसे प्रीबायोटिक खाद्य पदार्थों का सेवन आंत की सेहत के लिए बेहतरीन फूड हैं।
  • किण्वित खाद्य पदार्थ आंत में लाभकारी बैक्टीरिया या प्रोबायोटिक्स की संख्या को भी बढ़ा सकते हैं।
  • प्रोबायोटिक का सेवन आंत की सेहत के लिए फायदेमंद है। प्रोबायोटिक्स जीवित बैक्टीरिया हैं जो आंत के स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं। इसमें दही, केफिर, पनीर, किमची, कोम्बुचा आदि शामिल हैं।
  • कोलेजन शरीर में सबसे प्रचुर मात्रा में प्रोटीन है। बॉडी में कोलेजन को बढ़ाने के लिए आप डाइट में जामुन, ब्रोकोली, एलोवेरा, नट्स और बीज जैसे कोलेजन युक्त खाद्य पदार्थ खाएं।
  • पॉलीफेनोल युक्त खाद्य पदार्थ अनअवशोषित फेनोलिक्स लाभकारी रोगाणुओं को बढ़ाने और आंत के मेटाबॉलिज्म को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इनमें ब्लूबेरी, प्लम, चेरी, सेब, स्ट्रॉबेरी, ब्लैक करंट, ब्लैक ऑलिव, डार्क चॉकलेट को शामिल करें।
  • लीन प्रोटीन के स्रोत जैसे अंडे, मछली और प्लांट बेस प्रोटीन का करें सेवन।
  • पानी का अधिक सेवन करें। पानी भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है। कब्ज से निजात दिलाता है और भोजन के अवशोषण को बढ़ाता है।
  • तनाव से दूर रहें। तनाव कम करने के लिए आप गहरी लम्बी सांस लें। कुदरती माहौल में वक्त गुज़ारें,परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं।
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