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Real vs Fake Protein: बॉडी बनाने के चक्कर में कहीं आप नकली प्रोटीन तो नहीं ले रहे? ऐसे करें पहचान

कोई भी प्रोटीन सप्लीमेंट खरीदने से पहले उसकी पैकेजिंग और लेबल पर ध्यान दें। प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनी के बारे में सही जानकारी निकालें।
Written by: हेल्थ डेस्क | Edited By: Shreya Tyagi
नई दिल्ली | April 15, 2024 17:51 IST
real vs fake protein  बॉडी बनाने के चक्कर में कहीं आप नकली प्रोटीन तो नहीं ले रहे  ऐसे करें पहचान
असली प्रोटीन सप्लीमेंट्स के मुकाबले नकली पाउडर में तेज गंध आती है। इस तरह का कोई भी सप्लीमेंट लेने से बचें। (P.C- Freepik)
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मांसपेशियों की ग्रोथ के लिए प्रोटीन का सेवन सबसे अधिक जरूरी माना जाता है। यही वजह है कि आज के समय में लोग खाने से अलग प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन भी करने लगे हैं। खासकर जिम जाने वाले लोग व्हे प्रोटीन सप्लीमेंट इस्तेमाल करते हैं और इसी के चलते आज के समय में बाजार में इस तरह के सप्लीमेंट्स की भरमार देखने को मिल रही है। हालांकि, भारत में बिकने वाले प्रोटीन सप्लीमेंट्स को लेकर हाल ही में एक चौंका देने वाली खबर सामने आई है।

मेडिसिन जर्नल में पब्लिश एक रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कंज्यूम किए जाने वाले प्रोटीन सप्लीमेंट प्रोडक्ट्स में से 70% प्रोडक्ट्स नकली निकले हैं जबकि 14% में हानिकारक टॉक्सिन और 8% प्रोडक्ट्स में कीटनाशक पाए गए। ऐसे में आप बॉडी बिल्डिंग के चक्कर में जो प्रोटीन ले रहे हैं, वो आपकी ओवरऑल हेल्थ के लिए कितना सही है, इस बात पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है। इसी कड़ी में यहां हम आपको असली और नकली व्हे प्रोटीन सप्लीमेंट में पहचान करने के कुछ आसान तरीकों के बारे में बता रहे हैं।

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कैसे करें असली और नकली प्रोटीन सप्लीमेंट की पहचान?

लेबल पर दें ध्यान

कोई भी प्रोटीन सप्लीमेंट खरीदने से पहले उसकी पैकेजिंग और लेबल पर ध्यान दें। प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनी के बारे में सही जानकारी निकालें। दरअसल, कई बार ब्रांड्स कॉपी करके भी मार्किट में सप्लीमेंट्स बेचे जाते हैं। इसका पता लगाने के लिए ब्रांड की स्पेलिंग और लेबल को अच्छी तरह चेक करें। आप डिब्बे पर लगे बारकोड को स्कैन करके भी चेक कर सकते हैं। इससे अलग एलओटी नंबर चेक करें और इसकी बनावट में जरा भी गड़बड़ी दिखने पर उस सप्लीमेंट को खरीदने से बचें।

स्मेल और टेस्ट से करें पहचान

असली प्रोटीन सप्लीमेंट्स के मुकाबले नकली पाउडर में तेज गंध आती है। इस तरह का कोई भी सप्लीमेंट लेने से बचें। इसके अलावा नकली प्रोटीन सप्लीमेंट में अलग से शुगर मिलाई जाती है, जिसके चलते इसका स्वाद अधिक मीठा लग सकता है। जबकि असली प्रोटीन सप्लीमेंट्स में शुगर की मात्रा उतनी अधिक नहीं होती है।

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पानी में घोलकर देखें

असली और नकली का पता लगाने के लिए एक चम्मच व्हे प्रोटीन पाउडर को 300ML पानी में मिलाएं और कुछ देर के लिए शेक कर लें। अगर शेक करने के बाद भी पानी में पाउडर के क्रिस्टल घुल नहीं पा रहे हैं, तो समझ जाएं कि ये नकली है। असली प्रोटीन पाउडर शेक करने के बाद पानी में पूरी तरह घुल जाता है।

इस तरह आप कुछ आसान और जरूरी बातों पर ध्यान देकर असली और नकली में प्रोटीन सप्लीमेंट में फर्क पहचान सकते हैं।

Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।

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