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उम्र से पहले सिर के बाल हो गए हैं सफेद,  इस आयुर्वेदिक हेयर कलर का करें इस्तेमाल, एक-एक बाल पहले जैसा हो जायेगा काला

आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी के मुताबिक बालों को कलर करने के लिए 'Nilini या इंडिगो हेयर कलरिंग करने का बेस्ट ऑप्शन है।
Written by: Shahina Noor
नई दिल्ली | Updated: April 17, 2024 16:43 IST
उम्र से पहले सिर के बाल हो गए हैं सफेद   इस आयुर्वेदिक हेयर कलर का करें इस्तेमाल  एक एक बाल पहले जैसा हो जायेगा काला
आमतौर पर हम जिस डाई का इस्तेमाल करते हैं उसमें अमोनिया, पैराबींस और सल्फेट होते हैं जो बालों के लिए नुकसानदायक है,जबकि इंडिगो केमिकल फ्री डाई है। freepik
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उम्र बढ़ने के साथ बालों का सफेद होना नेचुरल प्रोसेस है। हेल्दी इंसान के बाल 40 साल की उम्र के बाद ही सफेद होते हैं, लेकिन खराब डाइट, बिगड़ता लाइफस्टाइल और तनाव ने लोगों को उम्र से पहले ही बूढ़ा बना दिया है। जी हां आपके सफेद बाल देखकर आपकी उम्र से बढ़े लोग भी आपको बुजुर्ग समझने लगते हैं। सफेद बालों की परेशानी पुरुषों से लेकर महिलाओं तक को परेशान कर रही है। उम्र से पहले बालों के सफेद होने के लिए तनाव, केमिकल बेस्ड कलर का इस्तेमाल, कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट की वजह से बाल समय से पहले सफेद होने लगते हैं। कुछ लोग बालों को कलर करने के लिए केमिकल बेस्ड कलर से परहेज करते हैं तो नेचुरल नुस्खो की तलाश में रहते हैं। नेचुरल तरीके से बालों को रंगने के लिए ज्यादातर लोग मेहंदी का ही इस्तेमाल करते हैं।

आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी के मुताबिक बालों को कलर करने के लिए 'Nilini या इंडिगो हेयर कलरिंग करने का बेस्ट ऑप्शन है। इस कलर का इस्तेमाल करने से बालों का रंग नेचुरल तरीके से काला होता है और बालों में चमक भी आती है।

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आयुर्वेद में  इंडिगो को नील या  Nilini के नाम से जाना जाता है। इंडिगो एक ऐसा प्लांट है जो इंडिया, वियतनाम और अफ्रीका में पैदा होता है। ये पौधा आयुर्वेद में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करता है जैसे स्किन से जुड़ी परेशानियां, पाचन और जख्मों को भरने के लिए इंडिगो का इस्तेमाल किया जाता है। बालों को रंगने के लिए लोग इस आयुर्वेदिक औषधि का इस्तेमाल ज्यादा कर रहे हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि इंडिगो का इस्तेमाल बालों पर कैसा करता है और इस डाई का इस्तेमाल कैसे करें।

इंडिगो का इस्तेमाल बालों पर कैसा असर करता है?

इंडिगो का इस्तेमाल बालों पर करने का सबसे बड़ा कारण इसका केमिकल फ्री होना है। आमतौर पर हम जिस डाई का इस्तेमाल करते हैं उसमें अमोनिया, पैराबींस और सल्फेट होते हैं जो बालों के लिए नुकसानदायक है। इन डाई की तुलना में इंडिगो पूरी तरह हर्बल प्रोडक्ट है जिसमें किसी तरह के कोई हार्मफुल केमिकल नहीं होते। इसका इस्तेमाल बालों में करने से बाल स्ट्रांग और शाइनी बनते हैं। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ट्राईकोलॉजी के मुताबिक इंडिगो का इस्तेमाल करने से बालों की लेंथ बढ़ती है और बाल तेजी से ग्रो करते हैं।

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 नलिनी या इंडिगो का इस्तेमाल कैसे करें

  • सामग्री
  • प्योर नलिनी या इंडिगो पाउडर
  • एक बाउल
  • स्पून
  • शावर कैप
  • ग्लव्स 

इंडिगो का इस्तेमाल कैसे करें

इंडिगो का इस्तेमाल सफेद बालों को काला करने के लिए करना चाहते हैं तो सबसे पहले माइल्ड शैंपू से बालों को वॉश कर लें। अब एक कांच के बाउल में इंडिगो पाउडर को डालें और पानी के साथ उसे मिक्स करके उसका गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को बनाने के लिए ज्यादा पानी एक साथ नहीं डालना है वरना पाउडर में गांठ पड़ जाएगी या पाउडर पतला हो जाएगा। गाढ़ा पेस्ट लगाकर आप इसे बालों में लगाने के लिए हाथों पर ग्लव्स पहन लें। अब बालों को दो हिस्सों में बांटकर ब्रश की मदद से बालों पर लगाएं। इसे बालों पर लगाने के लिए बालों की जड़ों से लगाए और नीचे तक लाएं। एक घंटे बाद आप बालों को वॉश कर लें। इस रंग को लम्बे समय तक बालों पर स्टे करने के लिए आप नेचुरल शैंपू का इस्तेमाल करें।

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