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'मुझे ही मच्छर ज्यादा क्यों काटते हैं?' आप भी ऐसा सोचते हैं तो यहां जान लें कारण, बचाव के लिए अपनाएं आसान तरीके

इंसानों की तरह ही मच्छरों का भी अपना खुद का एक बायोलॉजिकल लाइफ साइकिल होता है। इतना ही नहीं, आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि केवल मादा मच्छर ही इंसानों या जानवरों को काटती है। दरअसल, नर मच्छर केवल फलों के रस पर निर्भर होते हैं। जबकि मादा मच्छर अपने भोजन के लिए इंसानों को काटती है, उन्हें अपने अंडे पैदा करने के लिए मानव रक्त में मौजूद कुछ प्रोटीन की आवश्यकता होती है।
Written by: हेल्थ डेस्क | Edited By: Shreya Tyagi
नई दिल्ली | Updated: April 02, 2024 09:07 IST
 मुझे ही मच्छर ज्यादा क्यों काटते हैं   आप भी ऐसा सोचते हैं तो यहां जान लें कारण  बचाव के लिए अपनाएं आसान तरीके
कई शोध के नतीजे बताते हैं कि इंसान का पसीना मच्छरों को अपनी और ज्यादा आकर्षित करता है। यानी जिन लोगों को ज्यादा पसीना आता है उन्हें मच्छर भी ज्यादा काटते हैं। (P.C- pexels)
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गर्मी का मौसम आते ही कीड़े-मकोड़ों का आतंक भी अधिक बढ़ जाता है। इनमें भी खासकर मच्छर बेहद परेशान करते हैं। घर से बाहर निकलते ही इधर-उधर घूमते मच्छर लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं। ऐसे में डेंगू- मलेरिया जैसी घातक बीमारियों का डर लोगों को सताने लगता है।

खैर, वैसे तो मच्छर हर किसी को अपना शिकार बनाते हैं लेकिन कुछ लोगों का मानना होता है कि बाकी लोगों की तुलना में उन्हें मच्छर ज्यादा काटते हैं। वहीं, ऐसे लोगों को अक्सर सुनने को मिलता है कि वे अपने आसपास साफ-सफाई का ज्यादा ध्यान नहीं रखते हैं इसलिए उन्हें मच्छर अपना शिकार ज्यादा बनाते हैं। अगर आप भी इन्हीं लोगों में से एक हैं तो बता दे की साफ-सफाई से अलग कुछ अन्य कारण भी मच्छरों को आपकी और ज्यादा आकर्षित करने के पीछे जिम्मेदार हो सकते हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसे ही कारणों के बारे में बता रहे हैं। आइए जानते हैं क्यों किसी व्यक्ति को अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा मच्छर काटते हैं-

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इससे पहले आपको बता दे कि इंसानों की तरह ही मच्छरों का भी अपना खुद का एक बायोलॉजिकल लाइफ साइकिल होता है। इतना ही नहीं, आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि केवल मादा मच्छर ही इंसानों या जानवरों को काटती है। दरअसल, नर मच्छर केवल फलों के रस पर निर्भर होते हैं। जबकि मादा मच्छर अपने भोजन के लिए इंसानों को काटती है, उन्हें अपने अंडे पैदा करने के लिए मानव रक्त में मौजूद कुछ प्रोटीन की आवश्यकता होती है। इंसान को काटने की प्रक्रिया के दौरान मादा मच्छर अपनी लार इंसान के खून में डालती है और इसके परिणाम स्वरुप विभिन्न वेक्टर जनित संक्रमण जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जीका वायरस संक्रमण आदि होते हैं।

गंभीर बात यह है कि दुनिया भर में वेक्टर जनित संक्रमणों के चलते लाखों मौत होती हैं, ऐसे में मच्छरों से दूरी बनाना और खुद को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी हो जाता है। अब लौटते हैं सवाल पर-

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क्यों कुछ लोगों को ज्यादा काटते हैं मच्छर?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

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पसीना

कई शोध के नतीजे बताते हैं कि इंसान का पसीना मच्छरों को अपनी और ज्यादा आकर्षित करता है। यानी जिन लोगों को ज्यादा पसीना आता है उन्हें मच्छर भी ज्यादा काटते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे पसीने में लैक्टिक एसिड, कुछ मात्रा में यूरिक एसिड और अमीनो एसिड जैसे तत्व होते हैं, जिनकी गंध मादा मच्छर को अपनी ओर आकर्षित करती है। यही वजह है कि गर्मी के मौसम में या एक्सरसाइज करते समय लोगों को मच्छर ज्यादा काटते हैं।

बॉडी हीट

पसीने से अलग जिन मनुष्य के शरीर में अधिक गर्मी उत्पन्न होती है या कहें कि जिनकी बॉडी हीट बाकी की तुलना में कुछ अधिक होती है, उनमें मच्छरों को आकर्षित करने की संभावना भी ज्यादा होती है। उदाहरण के लिए समझा जाए, तो मोटे लोग या एथलीट लोगों का चयापचय यानी मेटाबॉलिक रेट ज्यादा होता है, ऐसे में उनकी बॉडी ज्यादा हीट पैदा करती है और उन्हें मच्छर भी ज्यादा काटते हैं।

ब्लड ग्रुप

कई शोध के नतीजे बताते हैं कि बाकी लोगों की तुलना में 'O' ब्लड ग्रुप वाले लोगों को भी मच्छर ज्यादा काट सकते हैं। कई रिसर्च रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि ब्लड ग्रुप विशिष्ट रसायन मनुष्य की त्वचा में छोड़ते हैं, जो मच्छरों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। ऐसे में खासकर 'O' ब्लड ग्रुप वाले लोगों को मच्छरों से अधिक बचके रहना चाहिए।

कपड़ों का रंग

कुछ रिपोर्टर्स बताती हैं कि मच्छरों में देखने और रंग पहचान की क्षमता भी होती है। इनमें भी खासकर गहरे रंग की ओर वे ज्यादा आकर्षित होते हैं। ऐसे में गहरे रंग के कपड़े पहनने पर भी आपको मच्छर काटने का एहसास ज्यादा हो सकता है।

बता दे कि डेंगू फैलाने के लिए जिम्मेदार मच्छर की एक प्रजाति 'एडीज', हाथों को काटना ज्यादा पसंद करती है। दूसरी ओर मलेरिया फैलाने के लिए जिम्मेदार मच्छर की प्रजाति 'एनोफिलीज' पैरों को अपना शिकार बनती है। ऐसे में अगर आप गहरे रंग के कपड़े पहनते भी हैं तो भी कोशिश करें कि उनसे आपका पूरा शरीर सही ढंग से कवर हो रहा हो। खासकर शाम के समय आधी बाजू के कपड़े पहनने से बच्चे, साथ ही पैरों को भी कवर कर रखें।

शराब

इन सबसे अलग जो लोग शराब का ज्यादा सेवन करते हैं उन्हें भी मच्छर ज्यादा काटते हैं। शराब में इथेनॉल की मात्रा ज्यादा होती है, वहीं इथेनॉल की खुशबू मच्छरों को अपनी ओर आकर्षित करती है। ऐसे में शराब के सेवन के बाद मच्छर काटने का एहसास ज्यादा होता है।

सोते समय क्यों काटते हैं मच्छर?

अधिकतर लोगों के मन में ये सवाल भी होता है कि सोते वक्त उन्हें मच्छर ज्यादा क्यों काटते हैं? दरअसल, इसके पीछे की वजह कार्बन डाइऑक्साइड है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानव शरीर दिन के मुकाबले रात को सोते समय कार्बन डाइऑक्साइड ज्यादा छोड़ता है। इसी कार्बन डाइऑक्साइड की गंध मच्छरों को आकर्षित करती है और यही वजह है कि सोते समय किसी भी व्यक्ति को मच्छर ज्यादा काटते हैं।

Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।

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