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कब्ज,गैस और एसिडिटी से परेशान रहते है? कुछ भी खाते ही पेट भारी लगता है तो ये Gastritis है, इस Diet Chart को अपनाएं पाचन हो जाएगा दुरुस्त

गैस्ट्रोलिवर हॉस्पिटल कानपुर में डॉक्टर वीके मिश्रा ने बताया कि खाने की थैली में कुछ भी परेशानी को गैस्ट्रिटिस की परेशानी कहा जाता है। खाने की थैली की लाइन में सूजन,जलन और रेडनेस को गैस्ट्राइटिस कहा जाता है।
Written by: Shahina Noor
नई दिल्ली | March 01, 2024 11:42 IST
कब्ज गैस और एसिडिटी से परेशान रहते है  कुछ भी खाते ही पेट भारी लगता है तो ये gastritis है   इस diet chart को अपनाएं पाचन हो जाएगा दुरुस्त
गैस्ट्राइटिस की परेशानी होने पर बॉडी में उसके कुछ लक्षण दिखते हैं जैसे पेट में भारीपन होना,बदहज़मी होना,जी मिचलाना,सीने में जलन की शिकायत हो सकती है। freepik
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गैस्ट्रिटिस (Gastritis) एक ऐसी परेशानी है जिसकी वजह से पेट में कई तरह की परेशानियां होने लगती है। गैस्ट्रिटिस की वजह से पेट की अंदरूनी परत में सूजन हो जाती है। यह सूजन ज्यादा और लम्बे समय तक हो सकती है। क्रोनिक गैस्ट्रिटिस अचानक हो सकती है और लम्बे समय तक भी हो सकती है। इसके लक्षणों की बात करें तो पेट में दर्द,अपच,सूजन,पेट भरा हुआ महसूस होना, जी मिचलाना और कभी-कभी कब्ज भी होना शामिल है। ज्यादातर लोग गैस्ट्राइटिस को कोई परेशानी नहीं मानते और ना ही उसका कोई इलाज कराते हैं। लोगों को लगता है कि ये परेशानी बिना दवाई के भी ठीक हो सकती है।

लेकिन आप जानते हैं कि अगर लम्बे समय तक गैस्ट्राइटिस का इलाज नहीं कराया जाए तो ये पेट में अल्सर हो सकता है और कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। गैस्ट्राइटिस से पीड़ित लोगों को अपनी डाइट में कुछ मॉडिफिकेशन करने की जरूरत होती है। डाइट में कुछ मॉडिफिकेशन करके आप इस परेशानी का काफी हद तक उपचार कर सकते हैं।

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गैस्ट्रोलिवर हॉस्पिटल कानपुर में डॉक्टर वीके मिश्रा ने बताया कि खाने की थैली में कुछ भी परेशानी को गैस्ट्रिटिस की परेशानी कहा जाता है। खाने की थैली की लाइन में सूजन,जलन और रेडनेस को गैस्ट्राइटिस कहा जाता है। गैस्ट्राइटिस की परेशानी होने पर बॉडी में उसके कुछ लक्षण दिखते हैं जैसे पेट में भारीपन होना,बदहज़मी होना,जी मिचलाना,सीने में जलन की शिकायत हो सकती है। एक्सपर्ट के मुताबिक अगर डॉक्टर और डायटिशियन की मदद से इलाज नहीं करते हैं तो ये परेशानी आपकी जान के लिए खतरा बन सकती है। गैस्ट्राइटिस की परेशानी को दूर करने के लिए कुछ फूड्स का सेवन करने की और कुछ चीजों को स्किप करने की जरूरत है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि गैस्ट्राइटिस के मरीजों की डाइट कैसी होनी चाहिए।

इन फूड्स को खाने से बचें

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इन फल और सब्जियों से करें परहेज

अगर आपको गैस्ट्राइटिस की परेशानी है तो आप सभी खट्टे फलों और सब्जियों को खाना बंद कर दें। खट्टे फ्रूट्स,खट्टे जूस,नींबू और टमाटर का सेवन करना बंद कर दें। एसिडिक फ्रूट्स और एसिडिक सब्जियों का सेवन करना बंद कर दें।

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इस अनाज से रहें दूर

कॉर्न और कॉर्न से बने फूड्स जैसे कॉर्नब्रेड, कॉर्न सिरप, और बेबी कॉर्न, साथ ही परिष्कृत आटा और इससे बने फूड्स जैसे नूडल्स और पास्ता का सेवन करने से बचें। इन फूड्स में शुगर ज्यादा होती है और ये गैस्ट्र्रिटिस की परेशानी को बढ़ा सकते हैं।

डेयरी उत्पाद बढ़ा सकते हैं परेशानी

अधिक वसा वाले डेयरी प्रोडक्ट पेट की परत की सूजन को और ज्यादा बढ़ा सकते हैं। ये फूड पेट को खराब करके गैस्ट्राइटिस की परेशानी को बढ़ा सकते हैं। यदि आपको गैस्ट्राइटिस है तो दूध, मक्खन और घी जैसे पूर्ण वसा वाले डेयरी प्रोडक्ट का सेवन करना बंद कर दें। यहां तक ​​कि डेयरी उत्पादों से बनी आइसक्रीम, चीज, सॉस और पुडिंग से भी परहेज करें।

फैटी प्रोटीन भी बढ़ाता है परेशानी

वसायुक्त खाद्य पदार्थ गैस्ट्राइटिस की परेशानी को बढ़ा सकते हैं। वसायुक्त प्रोटीन वाले फूड्स में पोल्ट्री लीवर के साथ-साथ रेड मीट और मांस के वसायुक्त हिस्से शामिल हो सकते हैं। गैस्ट्राइटिस से पीड़ित होने पर नट्स और नट बटर का सेवन करने से भी बचना चाहिए।

इन फूड्स का करें सेवन

ये फल और सब्जियां खाएं

गैस्ट्राइटिस की परेशानी है तो आप कम एसिड वाले फल और सब्जियां खाएं। केला, सेब, जामुन, गाजर, कद्दू और हरी पत्तेदार सब्जियां सेहत को फायदा पहुंचाएंगी।

साबुत अनाज का करें सेवन

अगर आपको गैस्ट्राइटिस है तो अपनी डाइट में साबुत अनाज वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें। इनमें ब्राउन राइस, साबुत अनाज की ब्रेड, साबुत गेहूं पास्ता, जई, जौ और क्विनोआ को डाइट में शामिल करें। फाइबर से भरपूर ये अनाज गैस्ट्र्रिटिस के लक्षण जैसे गैस और सूजन को कम करेंगे। आप सादे सफेद चावल और आलू का विकल्प भी चुन सकते हैं क्योंकि ये पचाने में आसान होते हैं।

लो फैट डेयरी प्रोडक्ट खाएं

आप कम वसा वाले डेयरी उत्पादों जैसे कम वसा वाले दूध और बिना वसा वाले सादे दही का सेवन कर सकते हैं। गैस्ट्राइटिस की परेशानी में दही एक अच्छा विकल्प है। इसमें स्वस्थ प्रोबायोटिक्स होते हैं जो पेट और आंत में बैक्टीरिया के संक्रमण को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।

इस प्रोटीन का करें सेवन

अंडे, मछली, लीन मांस, फलियां और बीन्स का सेवन गैस्ट्राइटिस के लिए बेहतरीन फूड हैं। ये फूड्स प्रोटीन से भरपूर होते हैं और पेट को भरा हुआ महसूस करा सकते हैं। इसका सेवन करने से पेट की जलन कम होती है और गैस की परेशानी कम होती है। पेट को आराम देने के लिए चिकन का सेवन कर सकते हैं।

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