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खाते ही पेट में एसिड तेजी से बनता है, पेट फूलकर बन जाता है कुप्पा, हंसा योगेंद्र के इन 3 आयुर्वेदिक टिप्स को अपनाएं परेशानी होगी दूर

भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र ने बताया हमेशा के लिए एसिडिटी का इलाज चाहते हैं तो कुछ आयुर्वेदिक नुस्खे अपनाएं।
Written by: Shahina Noor
नई दिल्ली | Updated: February 22, 2024 11:59 IST
खाते ही पेट में एसिड तेजी से बनता है  पेट फूलकर बन जाता है कुप्पा  हंसा योगेंद्र के इन 3 आयुर्वेदिक टिप्स को अपनाएं परेशानी होगी दूर
एंटी-इंफ्लामेटरी गुणों से भरपूर मुलेठी पाचन से जुड़ी परेशानियों को दूर करती है। freepik
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पेट में एसिडिटी बनना एक ऐसी परेशानी है जिससे ज्यादातर लोग परेशान रहते हैं। अत्यधिक मिर्च-मसालेदार फूड्स का सेवन, ऑयली फूड्स का सेवन, खाए हुए भोजन के बिना पचे हुए कण,अधिक अम्ल पदार्थों का सेवन,पर्याप्त नींद न लेना और तनाव का बढ़ना एसिडिटी की समस्या का मुख्य कारण है। एसिडिटी को दूर करने के लिए ज्यादातर लोग सुबह खाली पेट दवाई का सेवन करते हैं और कई तरह के देसी नुस्खे भी आज़माते हैं। आप जानते हैं कि एसिडिटी को दूर करने में आयुर्वेदिक नुस्खे बेहद असरदार साबित होते हैं। आयुर्वेदिक नुस्खों को अपनाकर एसिडिटी का जड़ से इलाज किया जा सकता है।

भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र के मुताबिक हर इंसान कभी न कभी एसिडिटी से परेशान रहता है। आयुर्वेद के मुताबिक एसिडिटी की परेशानी पित्त दोष के बिगड़ने के कारण होती है। पित्त दोष ही डायजेशन और मेटाबॉलिज्म के लिए जिम्मेदार है। शरीर में पित्त दोष बढ़ने के कारण ही गैस, हार्ट बर्न और एसिडिटी की समस्या होती है।

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एक्सपर्ट के मुताबिक पित्त दोष बढ़ने के कई कारण होते हैं जैसे खराब डाइट, अधिक तीखे, खट्टे, तेल-मसालेदार फूड्स का सेवन करने से यह समस्या होती है। एक्सपर्ट के मुताबिक पेट में होने वाली इस परेशानी को दूर करने में आयुर्वेदिक नुस्खे बेहद असरदार साबित होते हैं। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से ऐसे आयुर्वेदिक टिप्स हैं जो एसिडिटी से निजात दिलाते हैं।

अविपत्तिकर चूर्ण का करें सेवन

एसिडिटी,अपच और सीने में जलन जैसी परेशानी को दूर करने के लिए आप अविपत्तिकरा चूर्ण का सेवन करें। पाचन से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में ये सबसे प्रभावी आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन है। इसका सेवन करने से पित्त दोष का उपचार होता है। इस चूर्ण को बनाने के लिए आप आंवला, हरितकी और सौंफ के चूर्ण का सेवन करें। आंवला और हरितकी एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लामेटरी गुणों से भरपूर होता है जो पेट की सूजन, गैस और एसिडिटी का उपचार करता है।

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ये पेट की परत को महफूज़ रखने में असरदार होता है। इस चूर्ण में मौजूद सौंफ पेट की गैस को कम करती है और पाचन से जुड़ी परेशानियां दूर करती है। आप चाहें तो इसे बाजार से भी खरीद सकते हैं। इस चूर्ण का सेवन आप खाने से आधा घंटे पहले कर सकते हैं। एक गिलास पानी में एक चम्मच चूर्ण मिलाएं और उसमें थोड़ा सा शहद मिलाएं और खाने से आधा घंटे पहले इसका सेवन कर लें, आपको गैस,एसिडिटी और हार्ट बर्न की समस्या से छुटकारा मिलेगा।

मुलेठी का करें सेवन

मुलेठी औषधीय गुणों से भरपूर आयुर्वेदिक हर्ब है जिसका सेवन करने से इम्युनिटी स्ट्रॉन्ग होती है और पेट से जुड़ी परेशानियां भी दूर होती है। एंटी-इंफ्लामेटरी गुणों से भरपूर मुलेठी पाचन से जुड़ी परेशानियों को दूर करती है। आप पेट की गैस से परेशान रहते हैं तो एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच मुलेठी का पाउडर मिक्स करें और खाने के बाद उसका सेवन करें।

पुदीना का करें सेवन

पुदीना एक ऐसा बेहतरीन हर्ब है जो पेट के लिए अमृत है। इसका सेवन करने से गैस,एसिडिटी और अपच जैसी परेशानी से निजात मिलती है और पेट को ठंडक महसूस होती है। इसमें मौजूद नेचुरल मेन्थॉल पाचन को दुरुस्त करने में मदद करता है। इसका सेवन करने से एसिड रिफ्लेक्स की समस्या का उपचार होता है। एक कप गर्म पानी में कुछ पुदीने की पत्तियां मिलाकर आप उसका सेवन करें आपका पाचन दुरुस्त रहेगा। आप चाहें तो इसमें नींबू भी मिलाकर इसमें पी सकते हैं।

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