scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

Land Scam Case में झारखंड-बिहार-बंगाल में ताबड़तोड़ छापेमारी, इस पूर्व IAS पर भी कसा ED का शिकंजा

आईएएस अधिकारी छवि रंजन पहले झारखंड की राजधानी रांची में उपायुक्त के रूप में कार्यरत थे।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: नीलम राजपूत
Updated: April 13, 2023 16:10 IST
land scam case में झारखंड बिहार बंगाल में ताबड़तोड़ छापेमारी  इस पूर्व ias पर भी कसा ed का शिकंजा
आईएएस अधिकारी छवि रंजन के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी (फोटो- एएनआई)
Advertisement

जमीन हड़पने के एक मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही ईडी की टीम ने आईएएस अधिकारी छवि रंजन के झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में कई ठिकानों पर छापेमारी की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि तीनों राज्यों में कुल 22 ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है, जिनमें झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी छवि रंजन के परिसर भी शामिल हैं।

रंजन पहले झारखंड की राजधानी रांची में उपायुक्त के रूप में कार्यरत थे। सूत्रों के मुताबिक, कुछ निजी व्यक्तियों और राज्य सरकार के कुछ अन्य अधिकारियों से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की जा रही है।

Advertisement

बर्खास्त बिशप को धनशोधन के आरोप में जबलपुर में गिरफ्तार किया गया

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन के एक मामले में मध्य प्रदेश के एक बर्खास्त बिशप को गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पी सी सिंह को संघीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बुधवार रात जबलपुर शहर से गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि बर्खास्त बिशप को बृहस्पतिवार को धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) संबंधी स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी सिंह की हिरासत की मांग करेगी। एजेंसी ने पिछले महीने ‘चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया’ (सीएनआई) जबलपुर डायोसिस के बर्खास्त बिशप के आवास की तलाशी ली थी और वे दस्तावेज एवं रिकॉर्ड बरामद किए थे, जो झारखंड की राजधानी रांची में भी सिंह के कथित भूमि निवेश को दर्शाते हैं।

धनशोधन का यह मामला मध्य प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद सामने आया है। ईओडब्ल्यू ने पिछले साल सितंबर में जबलपुर स्थित सिंह के बंगले से लगभग 1.60 करोड़ रुपये की भारतीय और विदेशी मुद्रा बरामद करने के बाद सिंह को गिरफ्तार किया था। ईओडब्ल्यू ने पिछले साल आठ सितंबर को एक शिकायत के आधार पर उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसके यहां छापा मारा था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वह एक शैक्षणिक सोसाइटी संबंधी वित्तीय कदाचार में शामिल था। आरोप के अनुसार, 2004-05 और 2011-12 के बीच सोसाइटी के विभिन्न संस्थानों द्वारा छात्रों की फीस के रूप में एकत्र किए गए 2.70 करोड़ रुपये का दुरुपयोग किया गया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद सीएनआई ने सिंह को बिशप के पद से बर्खास्त कर दिया।

Advertisement

Advertisement
Advertisement
Tags :
Advertisement
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो