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झारखंडः लोन पर लिया था ट्रैक्टर, रिकवरी के लिए आए लोगों पर किसान की गर्भवती बेटी को कुचल देने का आरोप

पीड़ित परिवार का कहना है कि महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के लोग बगैर सूचना के घर पर जा धमके थे। वो ट्रैक्टर को जबरन ले जाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन किसान की लड़की उनके सामने आ गई।
Written by: जनसत्ता ऑनलाइन | Edited By: shailendra gautam
Updated: September 17, 2022 09:06 IST
झारखंडः लोन पर लिया था ट्रैक्टर  रिकवरी के लिए आए लोगों पर किसान की गर्भवती बेटी को कुचल देने का आरोप
प्रतीकात्मक तस्वीर। (Photo Credit - Pixabay)
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झारखंड के हजारीबाग में एक स्तब्ध करने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि एक फाइनेंस कंपनी ने किसान की गर्भवती बेटी को महज इस वजह से कुचल कर मार डाला, क्योंकि वो लोन पर लिए ट्रैक्टर को जब्त करने का विरोध कर रही थी। पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के कारिंदों पर हत्या का केस दर्ज किया है।

पुलिस का कहना है कि आईपीसी के सेक्शन 302 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि कंपनी ने ट्रैक्टर की रिकवरी के लिए पीड़ित परिवार के घर जाने से पहले उनसे संपर्क नहीं किया था। कंपनी के लोग सीधे ही किसान के घर जा पहुंचे थे। हजारीबाग के एसपी मनोज रतन के मुताबिक कंपनी के कारिंदों से बहस के बाद ये वारदात हुई, जिसमें लड़की को कुचलकर मार दिया गया।

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उधर पीड़ित परिवार का कहना है कि महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के लोग बगैर सूचना के घर पर जा धमके थे। वो ट्रैक्टर को जबरन ले जाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन किसान की लड़की उनके सामने आ गई। दोनों के बीच तीखी बहस हुई।

उसके बाद कंपनी के कारिंदों ने लड़की को ट्रैक्टर के नीचे कुचल दिया। परिवार के एक नजदीकी शख्स का कहना है कि मामले का पता चलने पर वो जख्मी लड़की को लेकर अस्पताल गए पर वो पहले ही मर चुकी थी। चेकअप के बाद डॉक्टरों ने उसे ब्रॉट डेड घोषित कर दिया।

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उनका कहना है कि दिव्यांग किसान मिथिलेश मेहता की बेटी मोनिका तीन महीने की गर्भवती भी थी। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने महिंद्रा फाइनेंस से कर्ज लेकर ट्रैक्टर खरीदा था। दो दिन पहले कंपनी की ओर से मैसेज आया कि किश्त की रकम के बकाया 1 लाख 20 हजार रुपये जमा करें. लेकिन वो तय तिथि पर नहीं पहुंच पाए। उसके बाद कंपनी ने ट्रैक्टर की रिकवरी के लिए अपने कारिदों को किसान के घर भेज दिया।

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