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Telangana Loksabha Election: करोड़पति उम्मीदवार, दलबदलू नेता; चेवेल्ला के मैदान में किसका पलड़ा भारी? पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट

कांग्रेस ने तेलंगाना में भाजपा के 'योगदान' को बताने के लिए गदिदा गुड्डु (गधे का अंडा) नामक एक अभियान शुरू किया है।
Written by: Rahul V Pisharody
नई दिल्ली | Updated: May 08, 2024 12:32 IST
telangana loksabha election  करोड़पति उम्मीदवार  दलबदलू नेता  चेवेल्ला के मैदान में किसका पलड़ा भारी  पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट
चेवेल्ला के मैदान में किसका पलड़ा भारी? (Express photo by Rahul V Pisharody)
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17 लोकसभा सीटों वाले तेलंगाना में एक सीट ऐसी है, जहां पर इस राज्य के तीन सबसे अमीर उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। यहां से चुनाव मैदान में उतरे बीजेपी, कांग्रेस और बीआरएस के उम्मीदवारों की संपत्ति करोड़ों में है। चेवेल्ला नाम की इस सीट से पढ़िए राहुल वी की ग्राउंड रिपोर्ट और जानिए क्या हैं चेवेल्ला के राजनीतिक हालात और क्या है जनता के मन में?

भाजपा के कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी (घोषित संपत्ति 4,568 करोड़ रुपये) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के दम पर जीत की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस के जी रंजीत रेड्डी (435 करोड़ रुपये) राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवार होने का फायदा उठाने की उम्मीद कर रहे हैं। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस), जिसने पिछले दो लोकसभा चुनावों में यह सीट जीती थी लेकिन पिछले साल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से राज्य में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है। पार्टी ने कासनी ज्ञानेश्वर मुदिराज (संपत्ति 228 करोड़) को मैदान में उतारा है।

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सभी उम्मीदवार करोड़पति

बिजनेसमैन कोंडा विश्वेश्वर, तेलंगाना के मैदान में उतरे सभी 525 उम्मीदवारों में सबसे अमीर हैं। उनकी संयुक्त पारिवारिक संपत्ति 4,568 करोड़ रुपये है। उनकी पत्नी संगीता रेड्डी की संपत्ति 3,208 करोड़ रुपये है। रंगारेड्डी जिला जो चेवेल्ला निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है का नाम कोंडा विश्वेश्वर के दादा कोंडा वेंकट रंगा रेड्डी के नाम पर रखा गया है जो संयुक्त आंध्र प्रदेश के पहले डिप्टी सीएम थे।

वहीं, बीआरएस उम्मीदवार मुदिराज के पास खेती योग्य जमीन और कमर्शियल और आवासीय भवनों जैसी अचल संपत्ति है। नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनावों में यहां के सात विधानसभा क्षेत्रों में से कांग्रेस ने चार और बीआरएस ने तीन सीटें जीतीं।

भाजपा कैंडिडेट कर रहे अपनी जीत का दावा

बीजेपी कैंडिडेट कोंडा विश्वेश्वर का दावा है कि भाजपा सभी सात क्षेत्रों में आगे चल रही है और वह 2 लाख वोटों से जीतेंगे। द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “चेवल्ला में काफी विविधता है, यहां ग्रामीण और शहरी आबादी है जिसमें आईटी से लेकर कृषि क्षेत्र तक शामिल हैं। मैंने अपने घोषणापत्र में दोनों के लिए योजनाएं पेश की हैं। मेरे दिमाग में न केवल नए सॉल्यूशन हैं बल्कि मैंने हर गांव और स्कूल का दौरा भी किया है।''

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कांग्रेस उम्मीदवार जी रंजीत ने 2019 के आम चुनावों में जीत हासिल की थी और कोंडा विश्वेश्वर को 14,000 वोटों से हराया था। उनका कहना है कि पिछले पांच सालों में एक सांसद के रूप में उनके काम का मतलब सीट से कांग्रेस की जीत होगी। प्रचार के लिए घर-घर जाकर वह कहते हैं कि चेवेल्ला के मतदाताओं ने दो बार बीआरएस का समर्थन किया था लेकिन इस बार उसके पास कोई नैरेटिव, नेता या कैडर नहीं है।

कांग्रेस का 'गदिदा गुड्डु' अभियान

कांग्रेस ने तेलंगाना में भाजपा के 'योगदान' को बताने के लिए गदिदा गुड्डु (गधे का अंडा) नामक एक अभियान शुरू किया है। पार्टी कैंडिडेट जी रंजीत इंडियन एक्स्प्रेस से बातचीत के दौरान कहते हैं, ''कांग्रेस केंद्र में सरकार बनाने जा रही है। तेलंगाना से कांग्रेस सांसदों की संख्या जितनी अधिक होगी केंद्रीय संसाधनों में राज्य की हिस्सेदारी उतनी ही अधिक होगी। लोगों ने देखा है कि कांग्रेस ने पिछले 100 दिनों में अपने वादों को पूरा किया है जबकि भाजपा और बीआरएस पिछले 10 सालों में अपने वादों को लागू करने में विफल रहे हैं।"

दूसरी ओर, भाजपा के कोंडा विश्वेश्वर का कहना है कि कांग्रेस के अभियान से उन्हें कोई चिंता नहीं है क्योंकि लोगों को एहसास हो गया है कि कांग्रेस अपने चुनावी वादे पूरे नहीं कर पाएगी। आज तेलंगाना सरकार केंद्र की वजह से काम कर रही है। राज्य दिवालिया है. 80,000 करोड़ रुपये का कर्ज और 60,000 करोड़ रुपये का वेतन चुकाने के बाद इसके पास कुछ नहीं बचा है। अगर पीएम मोदी ने 9,000 करोड़ रुपये और 4,000 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी नहीं दी होती तो राज्य वेतन देने में भी सक्षम नहीं होता।

करोड़पति उम्मीदवारों के बीच जनता कंफ्यूज

वहीं, करोड़पति उम्मीदवारों के बीच चेवेल्ला मतदाता कंफ्यूज हैं। तंदूर के गोदलापल्ली गांव के एक ऑटोरिक्शा चालक अब्दुल रशीद इंडियन एक्स्प्रेस को बताते हैं कि सभी तीन मुख्य उम्मीदवार दलबदलू हैं, वे अपनी व्यक्तिगत संपत्ति और बिजनेस में ज्यादा रुचि रखते हैं।" वह कहते हैं, “मतदान के दौरान हमें पांच मतदाताओं के परिवार के रूप में माना जाता है। लेकिन अगले पांच साल तक किसी को हमारी चिंता नहीं है। कांग्रेस ने बहुत सारे वादे किए हैं लेकिन उन्हें इसे बिना भ्रष्टाचार के लागू करने की जरूरत है। कम से कम बीआरएस ने जाति या धर्म से परे गरीबों के लिए बहुत कुछ किया। चेवेल्ला में भी इसका मजबूत आधार है और उसका पलड़ा भारी है।''

कंस्ट्रकशन लेबर के महेश भी कांग्रेस की योजनाओं की आलोचना करते हैं। इंडियन एक्स्प्रेस से बातचीत के दौरान कहते हैं, “200 यूनिट मुफ्त बिजली के वादे को ठीक से लागू नहीं किया गया है, 500 रुपये तक सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर ब्लैक मार्केट में बेचे जा रहे हैं। कांग्रेस का ध्यान सुर्खियां बटोरने पर है काम करने पर नहीं।''

कोई बीजेपी तो कोई कांग्रेस की जीत का कर रहा दावा

कोंडा विश्वेश्वर के समर्थक, नरेंद्र रेड्डी जो एक धोबी हैं, इंडियन एक्स्प्रेस से बातचीत के दौरान कहते हैं कि भाजपा को हिंदुओं के बीच काफी समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा, “रंगारेड्डी जिले की प्रति व्यक्ति आय 8 लाख रुपये से अधिक है जो राज्य में सबसे अधिक है और फिर भी कोई विकास नहीं हुआ है। केवीआर (कोंडा विश्वेश्वर) सभी का सम्मान करते हैं और अधिक पैसा कमाने के लिए राजनीति में नहीं हैं। वह शिक्षित और इनोवेटिव हैं। जो लोग जनता के लिए काम करते हैं, अपने परिवार के लिए नहीं, उन्हें चुना जाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि पिछले नवंबर में चुनावी हार के बाद बीआरएस खत्म हो गयी है।

वहीं, विकाराबाद शहर के साईं बाबा नगर के निवासी बी मोहन के अनुसार, कांग्रेस को फायदा है क्योंकि वह राज्य में सत्ता में है, जी रंजीत ने अपनी जीतने की क्षमता साबित कर दी है। लोग पहले ही विधानसभा चुनावों में परिवर्तन के लिए मतदान कर चुके हैं। केवीआर के विपरीत जो अमीर और प्रभावशाली है, रंजीत एक अच्छे उम्मीदवार हैं जिन्होंने सभी वर्गों के लोगों के लिए काम किया है।"

चेवल्ला के मैदान में सभी दलबदलू

2014 में तेलंगाना के निर्माण के बाद पहले लोकसभा चुनाव में कोंडा विश्वेश्वर ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (तब बीआरएस इसी नाम से जाना जाता था) के टिकट पर चेवेल्ला से जीत हासिल की। इसके बाद वह कांग्रेस में चले गए लेकिन 2019 में उसके टिकट पर सीट जीतने में असफल रहे। 2022 में वह बीजेपी में चले गए।

कांग्रेस उम्मीदवार जी रंजीत जो चेवेल्ला से मौजूदा सांसद हैं, उन्होंने 2019 में बीआरएस उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। वह कुछ महीने पहले ही कांग्रेस में शामिल हुए थे। वहीं, बीआरएस ने इस सीट के लिए अनुभवी ओबीसी नेता कसानी ज्ञानेश्वर मुदिराज को चुना है, जो खुद पिछले साल तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) से बीआरएस में आए थे। चेवेल्ला निर्वाचन क्षेत्र में ओबीसी का बड़ा हिस्सा है।

चेवेल्ला में पिछले चुनावों के परिणाम

पिछले लोकसभा चुनाव में चेवेल्ला सीट पर टीआरएस (अब बीआरएस) के जी रंजीत रेड्डी ने जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस के कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी को हराया था। रंजीत को 5.28 लाख (40.62%) और कोंडा को 5.13 लाख (39.50%)वोट मिले थे। तीसरे स्थान पर बीजेपी के बी जनार्धन रेड्डी थे जिन्हें 2.01 लाख वोट मिले थे।

2014 के आम चुनावों में इस सीट से टीआरएस के कोंडा विश्वेश्वर ने जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस के कार्तिक रेड्डी को हराया था। कार्तिक को 3.62 लाख (27.51%) और कोंडा को 4.35 लाख (33.06%)वोट मिले थे। तीसरे स्थान पर टीडीपी के तुला वीरेंदर गौड़ थे जिन्हें 3.53 लाख वोट मिले थे।

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