scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

पीएम मोदी को रूस ने दिया सबसे बड़ा नागरिक सम्मान, 326 साल पुराना है यह अवार्ड

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल सम्मान से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय नेता हैं।
Written by: स्पेशल डेस्क | Edited By: shruti srivastava
नई दिल्ली | Updated: July 10, 2024 11:27 IST
पीएम मोदी को रूस ने दिया सबसे बड़ा नागरिक सम्मान  326 साल पुराना है यह अवार्ड
व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को सम्मान पहनाते हुए (Source- Reuters)
Advertisement

रूस के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वहां के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है। मंगलवार को ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ पीएम मोदी को दिया गया। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुद प्रधानमंत्री को यह सम्मान पहनाया। पीएम मोदी इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजे जाने वाले पहले भारतीय नेता हैं।

Advertisement

पीएम मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ सम्मान देने की घोषणा 2019 में की गई थी। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए क्रेमलिन के सेंट एंड्रयू हॉल में एक विशेष समारोह के दौरान पीएम मोदी को पुरस्कार प्रदान किया।

Advertisement

2019 में भारत में रूसी दूतावास ने घोषणा की थी, "12 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी को रूस और भारत के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी और रूसी और भारतीय लोगों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देने में असाधारण सेवाओं के लिए ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल से सम्मानित किया गया।" रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी 2019 में कहा था, "भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस के साथ साझेदारी को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू प्राप्त हुआ।"

यह पुरस्कार 300 साल पहले स्थापित किया गया था। ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल रूस का सर्वोच्च सम्मान है, जिसे 1699 के आसपास रूस के पहले सम्राट पीटर द ग्रेट द्वारा स्थापित किया गया था। इसे 1918 में रूसी क्रांति के बाद समाप्त कर दिया गया था और बाद में 1998 में रूस के राष्ट्रपति के एक कार्यकारी आदेश द्वारा इसे फिर से शुरू किया गया था।

ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल रूस का सर्वोच्च सम्मान है

यह प्रतिष्ठित पुरस्कार देश की समृद्धि, शक्ति और गौरव में योगदान देने वाली असाधारण सेवाओं के लिए उत्कृष्ट राजनेताओं, सार्वजनिक हस्तियों, सैन्य नेप्रमुखों और विज्ञान, संस्कृति, कला और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के उत्कृष्ट प्रतिनिधियों और रूस के अन्य नागरिकों को प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त, इसे रूसी संघ के लिए विशिष्ट योगदान देने वाले विदेशी राज्यों और सरकारों के प्रमुखों को भी दिया जा सकता है।

Advertisement

क्या-क्या मिलता है सेंट एंड्रयू द एपोस्टल के साथ

सेंट एंड्रयू द एपोस्टल के साथ एक बैज, एक स्टार और एक हल्का नीला रेशम मौयर रिबन शामिल है। युद्ध में विशिष्टता के लिए दिये जाने वाले लोगों के लिए बैज और स्टार को तलवारों से सजाया जाता है। ऑर्डर की चेन में 17 ऑल्टरनेटिंग लिंक और इसमें रूसी संघ के राज्य प्रतीक, दो सिर वाले ईगल की एक सोने की बनी इमेज शामिल है।

इस अवार्ड को सेंट एंड्रयू के नाम से दिया जाता है

इस अवार्ड को सेंट एंड्रयू के नाम से दिया जाता है, जिन्हें यीशु के 12 मूल अनुयायियों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि ईसा मसीह को क्रूस पर चढ़ाये जाने के बाद, अनुयायियों ने उनका संदेश फैलाने के लिए लंबी दूरी की यात्रा की थी। सेंट एंड्रयू ने रूस, ग्रीस और यूरोप और एशिया के अन्य स्थानों की यात्रा की और कॉन्स्टेंटिनोपल चर्च की स्थापना की, जिसके कारण बाद में रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्च की स्थापना हुई। रूस में देश की लगभग 140 मिलियन की आबादी में से 90 मिलियन से अधिक लोग चर्च को फॉलो करते हैं।

सेंट एंड्रयू को रूस और स्कॉटलैंड का संरक्षक संत माना जाता है। स्कॉटलैंड के झंडे पर 'X' प्रतीक संत के प्रतीक से आता है, जिसे 'सॉल्टायर' कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि उन्हें इसी आकार के क्रूस पर लटकाया गया था।

इन विदेशी हस्तियों को मिल चुका है यह सम्मान

पीएम मोदी के साथ जिन ग्लोबल राजनीतिक हस्तियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है उनमें अजरबैजान के पूर्व राष्ट्रपति हेदर अलीयेव, कजाकिस्तान के पहले राष्ट्रपति नूरसुल्तान नज़रबायेव और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल हैं।

वहीं, पुरस्कार मिलने पर, प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत के लोगों और भारत और रूस के पारंपरिक संबंधों को समर्पित किया। उन्होंने कहा, “मुझे रूस के सर्वोच्च (नागरिक) पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए मैं आपका (राष्ट्रपति पुतिन) हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं है, यह 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है।’’ उन्होंने कहा कि यह सम्मान दोनों देशों के बीच ‘‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’’ को उजागर करता है।

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 खेल tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो