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ED के शिकंजे में डेढ़ दर्जन गैर भाजपाई सीएम और पूर्व सीएम, जानिए किस पर क्या है केस

हेमंत सोरेन झारखंड के तीसरे सीएम हैं, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले हेमंत सोरेन के ही पिता शिबू सोरेन और मधु कोड़ा को गिरफ्तार किया गया था।
Written by: दीप्‍त‍िमान तिवारी | Edited By: Ankit Raj
नई दिल्ली | Updated: February 01, 2024 11:00 IST
ed के शिकंजे में डेढ़ दर्जन गैर भाजपाई सीएम और पूर्व सीएम  जानिए किस पर क्या है केस
बाएं से- अरविंद केजरीवाल, शरद पवार, पिनराई विजयन और भूपेश बघेल
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झारखंड के निवर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सोरेन के अलावा भी विपक्षी दलों के कई मौजूदा और पूर्व मुख्यमंत्रियों की केंद्रीय एजेंसी जांच कर रही है। जाहिर है, उन सभी की सोरेन वाले घटनाक्रम पर गहरी नजर होगी।

अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली शराब नीति मामले में जांच एजेंसी का सामना कर रहे हैं। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि उनकी सरकार ने 100 करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर शराब कारोबारियों के पक्ष में नीति बनाई थी। केजरीवाल अब तक ईडी के चार समन की अनदेखी कर चुके हैं। ईडी ने उन्हें पांचवीं बार समन भेजा है और दो फरवरी को पेश होने को कहा है।

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रेवंत रेड्डी

तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी की जांच के दायरे में हैं। विधानसभा में टीडीपी के तत्कालीन नेता रेड्डी पर 2015 में एमएलसी चुनावों में अपने पक्ष में वोट देने के लिए एक नामांकित विधायक को कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत देने का मामला दर्ज किया गया था।

पिनराई विजयन

ईडी ने अप्रैल 2021 में केरल के सीएम पिनराई विजयन के खिलाफ पीएमएलए जांच शुरू की थी। यह मामला इडुक्की में जलविद्युत परियोजनाओं के आधुनिकीकरण के लिए कनाडाई फर्म एसएनसी लवलिन को दिए गए अनुबंध में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है। विजयन तब बिजली मंत्री थे।

वाईएस जगन मोहन रेड्डी

आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी यूपीए काल से ही कई जांचों का सामना कर रहे हैं। ईडी ने 2015 में उनके खिलाफ एक नए पीएमएलए मामले में केस दर्ज किया था। यह मामला जगन के स्वामित्व वाली भारती सीमेंट्स के वित्तीय मामलों से संबंधित है।

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भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल अपनी सरकार के दौरान कोयला परिवहन, शराब की दुकानों के संचालन और महादेव गेमिंग ऐप में अनियमितताओं से संबंधित कथित मनी लॉन्ड्रिंग के कम से कम तीन मामलों में ईडी जांच का सामना कर रहे हैं।

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लालू प्रसाद यादव और परिवार

बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव कथित आईआरसीटीसी घोटाले और नौकरी के बदले जमीन मामले में मुख्य आरोपी हैं।

आईआरसीटीसी मामला 2017 में शुरू किया गया था। आरोप है कि रेल मंत्री के रूप में लालू यादव ने आईआरसीटीसी के दो होटलों के रखरखाव के लिए किराए पर रखी गई कंपनी को कथित लाभ पहुंचाया था। लैंड फॉर जॉब मामले की जांच साल 2022 में शुरू हुई थी। लालू परिवार पर  रेलवे में नौकरी के बदले प्लॉट लेने का आरोप है।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा

हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मानेसर भूमि सौदा मामले और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को पंचकुला में भूमि आवंटन मामले में ईडी द्वारा जांच की जा रही है। एजेंसी पहले ही एजेएल मामले में हुड्डा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज कर चुकी है।

अशोक गहलोत

'राजस्थान एम्बुलेंस घोटाला' मामले में राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत और कभी उनके डिप्टी सीएम रह चुके सचिन पायलट समेत कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम का नाम भी शामिल है। मामले की जांच 2015 में शुरू हुई थी। आरोप है कि 2010 में फर्जी तरीके से ज़िकित्जा हेल्थकेयर को '108' एम्बुलेंस सेवा चलाने का ठेका दिया गया था। कंपनी में पायलट और कार्ति कभी कथित तौर पर निदेशक थे। कंपनी पर नकली चालान जमा करने का आरोप है।

अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी गोमती रिवरफ्रंट परियोजना के साथ-साथ खनन ठेकों में कथित अनियमितताओं के लिए सीबीआई और ईडी दोनों की जांच के दायरे में हैं।

मायावती

बसपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती का नाम किसी भी केंद्रीय एजेंसी की एफआईआर में नहीं है , लेकिन उनके सीएम कार्यकाल की कई परियोजनाएं और योजनाएं जांच के दायरे में हैं।

फारूक अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) को बीसीसीआई द्वारा दिए गए अनुदान में कथित अनियमितताओं के संबंध में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला की जांच चल रही है।

उमर अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला के बेटे और जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला से ईडी ने 2022 में जम्मू-कश्मीर बैंक के वित्तीय मामलों और उसके निदेशकों की नियुक्ति से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के सिलसिले में पूछताछ की थी।

महबूबा मुफ्ती

जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती को जम्मू-कश्मीर बैंक मामले में ईडी जांच का सामना करना पड़ रहा है, जो कथित तौर पर छापेमारी के दौरान ईडी द्वारा जब्त की गई दो डायरियों पर आधारित है। डायरियों में कथित तौर पर मुफ्ती परिवार को किए गए कथित भुगतान का जिक्र है।

नबाम तुकी

जुलाई 2019 में सीबीआई ने कथित भ्रष्टाचार के लिए अरुणाचल के पूर्व सीएम नबाम तुकी पर मामला दर्ज किया था। सीबीआई की एफआईआर के आधार पर, ईडी कथित मनी लॉन्ड्रिंग के लिए तुकी की जांच कर रही है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन मंत्री तुकी ने अपने भाई के साथ मिलकर पैसे की हेराफेरी की थी।

ओकरम इबोबी सिंह

नवंबर 2019 में सीबीआई ने कथित भ्रष्टाचार के लिए मणिपुर के पूर्व सीएम ओकराम इबोबी सिंह के आवास पर तलाशी ली। यह मामला मणिपुर डेवलपमेंट सोसाइटी में 332 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी से जुड़ा है। इबोबी मणिपुर डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। सीबीआई मामले के आधार पर, ईडी ने पीएमएलए मामला दर्ज किया है।

शंकर सिंह वाघेला

गुजरात के पूर्व सीएम शंकर सिंह वाघेला के खिलाफ केंद्रीय कपड़ा मंत्री रहने के दौरान मुंबई में एक बेशकीमती जमीन बेचकर सरकारी खजाने को 709 करोड़ रुपये का कथित नुकसान पहुंचाने के मामले में सीबीआई और ईडी जांच कर रही है। सीबीआई ने उनके खिलाफ 2015 में मामला दर्ज किया था। वहीं ईडी ने अगस्त 2016 में जांच शुरू की थी। वाघेला ने पीएम नरेंद्र मोदी और तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को "दंगा विशेषज्ञ" कहा था। जांच अभी भी जारी है।

शरद पवार

एनसीपी प्रमुख शरद पवार और उनके भतीजे अजीत पवार, जो अब महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम हैं, महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के संचालन में कथित अनियमितताओं के लिए ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच का सामना कर रहे हैं।

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