scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

लोकसभा चुनाव और शेयर बाजार: नरस‍िंंह राव और मनमोहन स‍िंंह के प्रधानमंत्री रहते सबसे ज्‍यादा बढ़ा न‍िवेशकों का पैसा

चुनाव का असर बाजार पर पड़ता ही है। ऐसे में इस बात पर भी चर्चा होती है क‍ि चुनाव नतीजों के बाद बाजार की स्‍थ‍ित‍ि कैसी रहेगी?
Written by: shrutisrivastva
नई दिल्ली | Updated: May 24, 2024 14:09 IST
लोकसभा चुनाव और शेयर बाजार  नरस‍िंंह राव और मनमोहन स‍िंंह के प्रधानमंत्री रहते सबसे ज्‍यादा बढ़ा न‍िवेशकों का पैसा
मनमोहन स‍िंंह के दूसरे कार्यकाल में शेयर बाजार में हजार रुपए 1780 रुपये बने, जबक‍ि नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में 1863 रुपये (22 मई को)।
Advertisement

लोकसभा चुनाव 2024 और 5 ट्र‍िल‍ियन डॉलर इकॉनमी की चर्चा के बीच भारतीय शेयर बाजार ( बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज - बीएसई) में सूचीबद्ध कंपन‍ियों की कुल पूंजी (मार्केट कैप) का आंकड़ा 5 ट्र‍िल‍ियन डॉलर (416 लाख करोड़ रुपये) के पार कर गया गया।

21 मई को पहली बार बाजार ने यह उपलब्‍ध‍ि हास‍िल की। 23 मई को भी बाजार बंद होते समय बीएसई में सूचीबद्ध कंपन‍ियों का कुल मार्केट-कैप 5.05 ट्रि‍ल‍ियन डॉलर (420.22 लाख करोड़ रुपये) था। 23 मई को एनएसई ने भी यह आंकड़ा पार कर ल‍िया। अमेर‍िका, चीन, जापान और हांगकांग के बाद भारत इस आंकड़े को पार करने वाला पांचवा शेयर बाजार बन गया है।

Advertisement

चुनाव सह‍ित देश-व‍िदेश में चलने वाली गत‍िव‍िध‍ियों का असर बाजार पर पड़ता ही है। चुनाव के बीच इस ऐत‍िहास‍िक आंकड़े से बाजार में उम्‍मीद जगी है और इस बात पर भी चर्चा होने लगी है क‍ि चुनाव नतीजों के बाद बाजार की स्‍थ‍ित‍ि कैसी रहेगी। इस चर्चा के बीच हम यह समझने की कोश‍िश करते हैं क‍ि प‍िछले चुनावों के वक्‍त शेयर बाजार का प्रदर्शन कैसा रहा था।

सबसे पहले यह देखते हैं क‍ि क‍िस प्रधानमंत्री के कार्यकाल में शेयर बाजार से न‍िवेशकों को सबसे ज्‍यादा फायदा हुआ। अंग्रेजी अखबार ह‍िंंदुस्‍तान टाइम्‍स ने बीएसई के आंकड़ों के आधार पर यह गणना की है क‍ि क‍िसी प्रधानमंत्री के कार्यकाल की शुरुआत पर बीएसई में क‍िया गया एक हजार रुपये का न‍िवेश उस प्रधानमंत्री के कार्यकाल के अंत में कहां पहुंच गया।

क‍िस प्रधानमंत्री के कार्यकाल में शेयर बाजार से न‍िवेशकों को हुआ क‍ितना फायदा?

प्रधानमंत्रीकार्यकालकार्यकाल की शुरुआत में बीएसई में क‍िया गया एक हजार रुपये का न‍िवेश कार्यकाल के अंत में क‍ितना हो गया (रुपये में)
नरस‍िंंह राव21 जून 91 से 16 मई 962807.6
अटल बिहारी वाजपेयी16 मई 96 से 31 मई 96974.3
एचडी देवेगौड़ा3 जून 96 से 21 अप्रैल 971000.2
इंद्र कुमार गुजराल21 अप्रैल 97 से 19 मार्च 981005.5
अटल बिहारी वाजपेयी19 मार्च 98 से 21 मई 041298.5
मनमोहन सिंह24 मई 04 से 22 मई 092710.6
मनमोहन सिंह22 मई 09 से 26 मई 141779.8
नरेंद्र मोदी26 मई 14 से 13 मई 191611.5
नरेंद्र मोदी13 मई 19 से 22 मई 241863.4

अटल ब‍िहारी वाजपेयी के कार्यकाल में न‍िवेशकों को घाटा

गणना के मुताब‍िक 1996 में 13 द‍िन के अटल ब‍िहारी वाजपेयी के कार्यकाल में ही न‍िवेशकों को घाटा हुआ। बाकी सभी प्रधानमंत्री के कार्यकाल में कुछ न कुछ फायदा ही हुआ। सबसे कम फायदा एचडी देवगौड़ा और इंद्र कुमार गुजराल के कार्यकाल में हुआ। ये दोनों साल भर से कम ही प्रधानमंत्री के पद पर रहे थे।

Advertisement

मोदी के कार्यकाल में निवेशकों को कितना फायदा?

नरेंद्र मोदी और मनमोहन स‍िंंह के दो कार्यकालों की तुलना करें तो पता चलता है क‍ि मनमोहन स‍िंंह के पहले कार्यकाल के दौरान बीएसई में एक हजार रुपये का न‍िवेश 2710 रुपये तक पहुंच गया था, जबक‍ि दूसरे कार्यकाल में यह 1780 रुपये तक गया था। नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में जहां न‍िवेशकों को हजार रुपये के न‍िवेश पर 611 रुपये का फायदा हुआ, वहीं दूसरे कार्यकाल में 863 रुपये का। टेबल में देख‍िए 1991 से 2024 के बीच क‍िस प्रधानमंत्री के कार्यकाल में शेयर बाजार से न‍िवेशकों को क‍ितना फायदा हुआ

चुनाव पर‍िणाम का भी शेयर बाजार पर असर पड़ता है। लोकसभा चुनाव 2024 के पर‍िणाम 4 जून को आएंगे। इससे पहले जब भी मतगणना हुई तो उस द‍िन या उसके अगले द‍िन शेयर बाजार (सेंसेक्‍स और न‍िफ्टी) की चाल कैसी रही, नीचे द‍िए गए टेबल से समझ‍िए:

लोकसभा चुनाव पर‍िणाम और शेयर बाजार का कैसा रहा र‍िश्‍ता

चुनावी वर्षमतगणना या उसके अगले द‍िन सेंसेक्स में उछालमतगणना या उसके अगले द‍िन न‍िफ्टी में उछाल
19911.11.2
19961.50.9
19982.71.7
1999-0.21.1
2004-11.1-12.2
200917.317.7
20140.91.1
2019-0.8-0.7

अब इस चार्ट से समझ‍िए क‍ि लोकसभा चुनाव के दौरान (लोकसभा चुनाव की घोषणा होने से लेकर मतगणना तक) शेयर बाजार की चाल कैसी रही

चुनावी वर्षचुनाव की घोषणा से मतगणना के बीच सेंसेक्स में उछालचुनाव की घोषणा से मतगणना के बीच न‍िफ्टी में उछाल
19912.51.1
199615.214.9
19983.01.7
19997.711.1
2004-22.6-25.0
200966.061.6
201413.413.8
20194.74.4

बात अगर करें क‍ि चुनाव के बाद एक साल के दौरान शेयर बाजार का परफॉर्मेंस कैसा रहा तो इस ल‍िहाज से 1991 का चुनाव टॉप पर और 2019 का चुनाव सबसे नीचे आता है। देख‍िए इस चार्ट में

चुनाव के बाद एक वर्ष में शेयर बाजार का कैसा रहा प्रदर्शन

चुनावी वर्षसेंसेक्सनिफ्टी
1991135.7113.5
1996-1.3-5.2
1998-0.8-1.9
1999-12.9-7.7
200443.543.4
200918.117.2
201414.816.3
2019-21.1-22.5
Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 चुनाव tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो