scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

मण‍िपुर में लोकसभा चुनाव का बायकॉट, अमर्त्‍य सेन ने उठाया 'आजादी पर हमले' का मुद्दा, वकील बोले- न्‍यायपाल‍िका पर भी खतरा 

अमर्त्य सेन ने कहा है, 'ब्रिटिश शासन की तरह स्‍वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत में भी आरोप‍ियों को बिना मुकदमे के गिरफ़्तार करने और जेल में रखने की असहनीय प्रथा जारी है।'
Written by: स्पेशल डेस्क | Edited By: Ankit Raj
नई दिल्ली | March 28, 2024 14:01 IST
मण‍िपुर में लोकसभा चुनाव का बायकॉट  अमर्त्‍य सेन ने उठाया  आजादी पर हमले  का मुद्दा  वकील बोले  न्‍यायपाल‍िका पर भी खतरा 
अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन (Illustration: Suvajit Dey)
Advertisement

मण‍िपुर की कुछ मह‍िलाओं ने चुनाव आयोग को अर्जी देकर बताया है क‍ि वे राज्‍य में लोकसभा चुनाव का बायकॉट कर रही हैं। इसके ल‍िए उन्‍होंने आठ कारण ग‍िनाए हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्‍च‍िम बंगाल में संदेशखाली की पीड़‍ितों में से एक, रेखा पात्रा से बात कर उन्‍हें 'शक्‍त‍ि स्‍वरूपा' बताया था। रेखा पात्रा को भाजपा ने बशीरहाट से उम्‍मीदवार बनाया है। इसी बीच अमर्त्‍य सेन और कई श‍िक्षाव‍िदों ने भारत में आजादी पर हमले का मुद्दा उठाया है।

मण‍िपुर में क‍िसने क‍िया चुनाव का बायकॉट 

भीषण जातीय ह‍िंसा का दंश झेल रहे मण‍िपुर में कुकी मह‍िलाओं ने मतदान के बह‍िष्‍कार का फैसला क‍िया है। कुकी-जोमी-ह्मार की 18 मह‍िला प्रत‍िन‍िध‍ियों ने एक प‍िटीशन पर दस्‍तखत करके मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त को इसकी जानकारी दी है। इसमें लोकसभा चुनाव 2024 में मतदान का बह‍िष्‍कार करने के आठ कारण बताए गए हैं। दस्‍तखत करने वाली कुछ मह‍िलाएं मणि‍पुर से बाहर भी रहती हैं। कुकी-जो वीमेंस डेल्‍ही फोरम की संयोजक मैरी ग्रेस जोउ ने 'टेलीग्राफ' अखबार से कहा क‍ि 3 मई, 2023 से जो दंश झेल रहे हैं, दुन‍िया को उसकी याद द‍िलाने के ल‍िए मतदान का बह‍िष्‍कार ही एक मात्र उपाय था। क्‍या बोले अमर्त्‍य सेन नोबेल पुरस्‍कार व‍िजेता अमर्त्‍य सेन सह‍ित कई नामी शिक्षाविदों ने "बड़ी संख्या में लेखकों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को अदालती कार्यवाही के बिना लंबे समय तक कैद में रखने" के खिलाफ बयान जारी किए हैं।

Advertisement

अमर्त्य सेन को क्यों आई ब्रिटिश इंडिया की याद?

अमर्त्य सेन ने अलग से एक बयान में कहा है, "ब्रिटिश शासन के दौरान, भारतीयों को अक्सर बिना मुकदमे के गिरफ़्तार कर जेल में डाल दिया जाता था, और कुछ को लंबे समय तक जेल में रखा जाता था…एक युवा के रूप में, मुझे उम्मीद थी कि जैसे-जैसे भारत स्वतंत्र होता जाएगा, भारतीय औपनिवेशिक शासन की इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था को समाप्त कर देगा। अफ़सोस की बात है ऐसा नहीं हुआ। स्‍वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत में भी आरोप‍ियों को बिना मुकदमे के गिरफ़्तार करने और जेल में रखने की असहनीय प्रथा जारी है।"

आरएसएफ की द‍िल्‍ली पुल‍िस के अफसरों पर बैन की मांग 

रिपोर्टर्स सैन्स फ्रंटियर्स (RSF) ने "यूरोपीय संघ से दिल्ली पुलिस के चार वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है, जो सीधे या परोक्ष रूप से NewsClick वेबसाइट में काम करने वाले या उसके लिए काम करने वाले दर्जनों पत्रकारों के खिलाफ अत्याचार के लिए ज़िम्मेदार हैं।" बता दें क‍ि वेबसाइट के दो अधिकारी अक्टूबर से जेल में हैं। आरएसएफ पेरिस स्‍थ‍ित एक NGO है, जो सूचना की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा के ल‍िए काम करता है।

Advertisement

500 वकीलों ने सीजेआई को ल‍िखा- न्‍यायपाल‍िका खतरे में

इस बीच, पूर्व सॉल‍िस‍िटर जनरल हरीश साल्‍वे सह‍ित 500 वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्‍य न्‍यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को च‍िट्ठी ल‍िख कर कहा है क‍ि न्‍यायपाल‍िका खतरे में है। इसे राजनीत‍िक और व्‍यावसाय‍िक दबाव से बचाने की जरूरत है। एक खास समूह मनमाफ‍िक फैसले के ल‍िए दबाव बनाने की नीयत से एजेंडे के तहत ओछे आरोप लगा कर अदालतों को बदनाम करने की साज‍िश अंजाम दे रहा है। ऐसा करने वालों के ख‍िलाफ हमें खड़ा होना होगा। 26 मार्च को ल‍िखी च‍िट्ठी में यह भी कहा गया है क‍ि ऐसा चुनाव के मौके पर हो रहा है और 2018-19 में भी ऐसा देखा गया था।

Advertisement

Advertisement
Tags :
Advertisement
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो