scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

लोकसभा चुनाव के बीच पीएम मोदी ने बताया प्‍लान, पश्चिम बंगाल के हर व्यक्ति को म‍िल सकते हैं 300 करोड़ रुपये!

अगर पीएम मोदी के नए वादे को भी चुनावी जुमला नहीं घोषित किया जाता है तो पश्चिम बंगाल के प्रत्येक व्यक्ति को 300 करोड़ रुपये मिल सकता है।
Written by: Ankit Raj
Updated: April 03, 2024 18:52 IST
लोकसभा चुनाव के बीच पीएम मोदी ने बताया प्‍लान  पश्चिम बंगाल के हर व्यक्ति को म‍िल सकते हैं 300 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PC- PTI)
Advertisement

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच कहा है कि वह ED द्वारा जब्त किए गए धन को गरीबों को वापस करने के लिए कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा पश्चिम बंगाल से जब्त की गई राशि 3000 करोड़ रुपये है।

इससे पहले भी पीएम मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान एक रैली में कहा था कि जो चोर-लुटेरों के पैसे विदेशी बैंकों में जमा हैं ना, वो अगर ले आए तो देश के गरीब आदमी को मुफ्त में 15-20 लाख रुपए यूं ही मिल जाएंगे। हालांकि सत्ता में आने के बाद अमित शाह ने एक टीवी इंटरव्यू में पीएम मोदी के उस बयान को 'चुनावी जुमला' बता दिया था।

Advertisement

अगर पीएम मोदी के नए प्‍लान पर अमल क‍िया जाता है तो पश्चिम बंगाल के प्रत्येक व्यक्ति को 300 करोड़ रुपये मिल सकता है। सवाल उठता है कैसे? तो समझिए, पश्चिम बंगाल की आबादी 10 करोड़ से ज्यादा है। अब पीएम के दावे के मुताबिक, अगर केंद्रीय एजेंसियों द्वारा पश्चिम बंगाल से जब्त की गई 3000 करोड़ रुपये की राशि को वहां की जनता में बांटा जाएगा तो प्रत्येक व्यक्ति को 300 करोड़ रुपये मिलेगा।

किससे बातचीत में पीएम ने कही 3000 करोड़ रुपये वाली बात?

27 मार्च को पीएम मोदी ने कृष्णानगर लोकसभा (पश्चिम बंगाल) से भाजपा उम्मीदवार अमृता रॉय से फोन पर बातचीत की थी। दोनों के बीच आठ मिनट 36 सेंकड बातचीत चली थी। इसी दौरान उन्‍होंने उनसे कहा- मैं आपको एक बात बताता हूं... (पूरा बयान फोटो पर पढ़ें)

MODI
अमृता रॉय से बातचीत में पीएम मोदी ने ये बातें कही थीं।

राज परिवार की अमृता रॉय का किससे है मुकाबला?

अमृता रॉय कृष्णानगर राज परिवार की बहू हैं। उनके पति का नाम सौमिष चंद्र रॉय है, जो कृष्णानगर की राजबाड़ी के 39वें वंशज हैं। अमृता रॉया का मुकाबला टीएमसी उम्मीदवार महुआ मोइत्रा से है।

Advertisement

जांच एजेसियों के पास कितने पैसे?

सरकार ने संसद में बताया था कि 2017 से 2023 के बीच में आर्थिक अपराधों की जांच करने वाली एजेंसियों द्वारा लगभग 1.11 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया था कि ईडी, डीआरआई, आयकर विभाग और अन्य केंद्रीय एजेंसियों द्वारा 10,683 करोड़ रुपये की 204 अचल संपत्तियां कुर्क की गईं हैं।

Advertisement

संसद में दिये गए जवाब में पंकज चौधरी ने यह भी कहा था 2017-18 और 2021-22 के बीच दोनों बोर्डों द्वारा बेची गई संपत्ति 71 करोड़ रुपये की थी। वित्त राज्य मंत्री ने बताया था कि कई मामलों में सीबीडीटी (Central Board of Direct Taxes) और सीबीआईसी (Central Board of Indirect Taxes and Customs) द्वारा संपत्तियों को कुर्क किया जाता है। कुर्क को अदालत में चुनौती दी जाती है और जब तक अदालत मामले का फैसला नहीं करती इन संपत्तियों को नहीं बेचा जा सकता है।

इसके साथ ही पिछले पांच वर्षों के दौरान (1 फरवरी, 2018 से 31 जनवरी, 2023 तक) प्रवर्तन निदेशालय द्वारा 15,619.56 करोड़ की जब्ती की गई थी। मंत्री द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक, 15,113.91 करोड़ रुपये की संपत्ति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में जमा कर दी गई है।

मौजूदा न‍ियम के मुताब‍िक पैसा जब्त करने के बाद क्या करती है ED?

अब सवाल यह उठता है कि ईडी द्वारा जब्त किया गया पैसा आखिर जाता कहां है? दरअसल, वित्तीय जांच एजेंसी को पैसे जब्त करने की अनुमति तो है लेकिन वो बरामद नकदी को अपने पास नहीं रख सकते हैं। प्रोटोकॉल के मुताबिक, जब भी एजेंसी नकदी बरामद करती है तो आरोपी को नकदी का स्रोत बताने का मौका दिया जाता है। अगर आरोपी/संदिग्ध जांचकर्ताओं को वैध उत्तर देने में फेल होता है तो नकदी को गलत तरीके से कमाया गया धन माना जाता है।

ऐसे मामलों में ईडी, SBI के अधिकारियों को इसकी जानकारी देती है ताकि बैंक कर्मचारी मौके पर पहुंचकर नोट काउंटिंग मशीन से रकम की गिनती कर सकें। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, रकम को बहुत ही व्यवस्थित तरीके से गिना जाता है। यहां तक कि इसमें 500 से लेकर 100 रुपए तक के कितने नोट हैं, इसकी भी जानकारी रखी जाती है।

गिनती के बाद सील पैक की जाती है रकम

जब्त राशि को गिनने के बाद उसे डिब्बों में रखकर सील कर दिया जाता है। इसके बाद गवाहों के सामने सील पैक बॉक्स में रखकर राज्य की एक बैंक शाखा में ले जाया जाता है, जहां एजेंसी के खाते में जमा किया जाता है। इसके बाद इस रकम को केंद्र सरकार के खजाने में ट्रांसफर किया जाता है। साथ ही रेड के दौरान मिले सामान को लिफाफे में डालकर लॉकर में रख दिया जाता है। कार्रवाई के दौरान अगर अभियुक्त दोषी ठहराया जाता है तो राशि ‘पब्लिक मनी’ के रूप में केंद्र को ट्रांसफर कर दी जाती है। वहीं, अगर आरोपी बरी हो जाता है, तो पैसा उसे वापस कर दिया जाता है।

धनशोधन कानून (PMLA) में ईडी को पैसे जब्ती का अधिकार दिया गया है। ईडी जब छापेमारी की कार्रवाई करती है तो उसे जो भी रुपए या सामान मिलते हैं, वह उसकी रिपोर्ट तैयार करवाती है। इस रिपोर्ट पर आरोपी व्यक्ति के साथ-साथ ईडी के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर हस्ताक्षर करते हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक आदेश में कहा है कि छापेमारी के 365 दिन के भीतर अगर प्रवर्तन निदेशालय आरोप साबित कर पाने में नाकाम रहती है, तो उसे जब्त समान लौटाने होंगे। कोर्ट ने यह फैसला भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (BPCL) के महेंद्र कुमार खंडेलवाल की दायर याचिका पर सुनाया था।

Advertisement
Tags :
Advertisement
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो