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Kanpur Lok Sabha Chunav 2024: जो जीतेगा कानपुर वही बनाएगा सरकार! 'पैराशूट कैंडिडेट' बताया जा रहा BJP प्रत्याशी

उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से एक कानपुर सीट पर लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में 13 मई को मतदान होगा।
Written by: shrutisrivastva
नई दिल्ली | Updated: May 10, 2024 16:57 IST
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कानपुर से बीजेपी उम्मीदवार रमेश अवस्थी (Source- Twitter)
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उत्तर प्रदेश की कानपुर लोकसभा सीट के बारे में कहा जाता है कि जो भी कानपुर जीतता है वह नई दिल्ली में सरकार बनाता है। यह दावा ग़लत भी नहीं है। यह साल 1977 से चला आ रहा है, 1991 और 1999 के अपवादों को छोड़कर।

2004 के बाद यह पूरी तरह सच हो गया। 2004 और 2009 में कांग्रेस उम्मीदवार श्रीप्रकाश जयसवाल ने सीट जीती और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) ने सरकार बनाई। वहीं, 2014 और 2019 में भाजपा उम्मीदवारों ने सीट जीती और भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए सत्ता में आया।

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कौन-कौन है कानपुर के चुनाव मैदान में?

इस बार के आम चुनाव में यहां मुक़ाबला सवर्ण उम्मीदवारों के बीच है। बीजेपी ने रमेश अवस्थी को मैदान में उतारा है जबकि कांग्रेस ने आलोक मिश्रा पर भरोसा जताया है। इंडिया गठबंधन के करार के तहत सपा ने यह सीट कांग्रेस को ही दी है। वहीं, बसपा ने कुलदीप भदौरिया को कानपुर से टिकट दिया है।

कानपुर में 13 मई को मतदान होना है और स्थानीय लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति उत्साह दिखा रहे हैं। वहीं, विपक्ष आश्वस्त है कि केंद्र में एक बार और बहुमत से आने पर भाजपा सरकार संविधान के साथ छेड़छाड़ करेगी, उनकी इस बात ने कई लोगों को भाजपा के खिलाफ वोट करने के लिए प्रेरित किया है।

BJP प्रत्याशी को कह रहे 'पैराशूट कैंडिडेट'

भाजपा ने जब से रमेश अवस्थी को टिकट दिया है तभी से चर्चाएं हैं कि पार्टी ने कानपुर में 'पैराशूट कैंडिडेट' उतारा है। लोगों का कहना है कि वह रमेश अवस्थी को पहचानते ही नहीं हैं। दरअसल, रमेश अवस्थी कानपुर के रहने वाले नहीं हैं। इन्हीं चर्चाओं के बीच सोशल मीडिया पर रमेश अवस्थी का एक वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है। वीडियों में कानपुर के भाजपा कार्यकर्ता रमेश अवस्थी को पहचान नहीं पा रहे हैं और वह किसी दूसरे शख्स को रमेश अवस्थी समझकर उनका स्वागत कर रहे हैं।

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हालांकि, भाजपा ने रमेश के लिए प्रचार-प्रसार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पीएम मोदी के साथ ही सीएम योगी भी भाजपा प्रत्याशी के लिए कानपुर में रोड शो कर चुके हैं। पार्टी ने भोजपुरी स्टार अक्षरा सिंह और मोनालिसा को भी चुनाव प्रचार के लिए कानपुर बुलाया था। वहीं, 'द ग्रेट खली' ने भी चुनाव प्रचार करते हुए कानपुरवासियों से रमेश अवस्थी के लिए वोट देने की अपील की थी।

लगातार 3 बार बीजेपी और 3 बार कांग्रेस ने जीती कानपुर सीट

इस सीट पर बीजेपी के जगत वीर सिंह द्रोण और कांग्रेस के नेता श्रीप्रकाश जायसवाल ने 3-3 बार जीत दर्ज की है। जगत वीर सिंह द्रोण 1991, 1996 और 1998 के चुनाव में बीजेपी के टिकट पर सांसद चुने गए थे। वहीं, कांग्रेस के टिकट पर श्रीप्रकाश जायसवाल ने 1999, 2004 और 2009 के आम चुनाव में जीत हासिल की थी। 2014 के लोकसभा चुनाव में कानपुर सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने भी जीत हासिल की थी।

कांग्रेस ने 1996 के बाद पहली बार पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल के अलावा किसी अन्य उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। वह तीन चुनाव जीतने के बाद 2014 और 2019 में लगातार दो चुनाव यहां से हार गए थे। भाजपा के दिग्गज मुरली मनोहर जोशी ने 2014 में श्रीप्रकाश को हराया था। वहीं, 2019 में बीजेपी के सत्यदेव पचौरी ने जायसवाल को हराया था। भाजपा ने अपने मौजूदा सांसद सत्यदेव पचौरी को हटाकर रमेश अवस्थी को मैदान में उतारा है।

लगातार चार चुनाव जीते निर्दलीय एसएम बनर्जी

कानपुर लोकसभा सीट पर पहली बार साल 1952 में वोटिंग हुई थी। उस चुनाव में 3 सांसद चुने गए थे। इसमें कांग्रेस के हरिहर नाथ शास्त्री और शिव नारायण टंडन के अलावा प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के राजा राम शास्त्री शामिल थे। साल 1957 के आम चुनाव में इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। निर्दलीय उम्मीदवार एसएम बनर्जी ने 1957 के बाद साल 1962, साल 1967 और साल 1971 के आम चुनाव में भी जीत हासिल की। वह कानपुर सीट से लगातार चार चुनाव जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवार थे।

कानपुर से बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशियों के हमनाम निर्दलीय उम्मीदवार

कानपुर शहर लोकसभा सीट से बीजेपी ने रमेश अवस्थी और कांग्रेस ने आलोक मिश्रा को अपना प्रत्याशी बनाया है। इनके नामांकन के बाद रमेश अवस्थी के मिलते-जुलते नाम से एक निर्दलीय रमेश चंद्र अवस्थी ने भी अपना नामांकन कराया है। वहीं एक निर्दलीय प्रत्याशी आलोक मिश्रा ने भी नामांकन कराया है। इसी तरह अकबरपुर से सपा की तरफ से पूर्व सांसद राजा रामपाल अपना नामांकन कर चुके हैं लेकिन उनके नाम के ही एक अन्य निर्दलीय प्रत्याशी राजा रामपाल ने भी पर्चा भरा है।

कानपुर सीट का जातीय समीकरण

कानपुर लोकसभा क्षेत्र में पांच विधानसभा सीटें शामिल हैं- गोविंद नगर, सीसामऊ, आर्यनगर, किदवई नगर और कानपुर कैंट। 2011 की जनगणना के अनुसार, कानपुर लोकसभा सीट की कुल जनसंख्या 2,226,317 है, जिसमें अनुसूचित जाति की जनसंख्या 11.72% और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 0.12% है। ब्राह्मण, वैश्य और मुस्लिम मतदाताओं के अलावा, पंजाबी मतदाता भी निर्वाचन क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रभाव रखते हैं। कानपुर लोकसभा सीट पर सवर्ण वोटर्स का दबदबा है। इनकी संख्या सबसे ज्यादा 5 लाख है।

लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम

2019 के चुनावों में, भाजपा के सत्यदेव पचौरी 4.68 लाख वोट हासिल करके विजयी हुए थे। कांग्रेस के श्रीप्रकाश जयसवाल 3.13 लाख वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे।

पार्टीप्रत्याशीवोट (प्रतिशत)
बीजेपीसत्यदेव पचौरी55.63
कांग्रेसश्रीप्रकाश जयसवाल37.13
सपारामकुमार5.73

लोकसभा चुनाव 2014 के परिणाम

वहीं, 2014 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी से बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर ने कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल को 222946 वोटों के अंतर से हराया था।

पार्टीप्रत्याशीवोट (प्रतिशत)
बीजेपीमुरली मनोहर जोशी56.85
कांग्रेसश्रीप्रकाश जयसवाल30.15
बीएसपीसलीम अहमद12.37
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