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"धोती-कुर्ता पहनकर आए तो शादी नहीं करूंगी" आडवाणी को उनकी होनी वाली पत्नी से मिली थी 'खुली धमकी'

भास्कर रॉय की किताब ‘Fifty Year Road’ में आडवाणी के उन दिनों का भी जिक्र मिलता है, जब वह बतौर पत्रकार और संघ प्रचारक काम कर रहे थे।
Written by: स्पेशल डेस्क
नई दिल्ली | March 11, 2024 19:23 IST
 धोती कुर्ता पहनकर आए तो शादी नहीं करूंगी  आडवाणी को उनकी होनी वाली पत्नी से मिली थी  खुली धमकी
लाल कृष्ण आडवाणी की शादी फरवरी 1965 में हुई थी। (Express archive photo)
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मार्गदर्शक मंडल में शामिल हो चुके भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को अब उनकी हिंदुत्ववादी राजनीति के लिए याद किया जाता है। हालांकि, उन्हें करीब से जानने वाले उनके व्यक्तित्व के एक दूसरे पहलू के बारे में बताते हैं।

पूर्व पत्रकार और लेखक भास्कर रॉय ने अपनी किताब में ‘Fifty Year Road’ में लिखा है कि "मैं आडवाणी के कथित रूप से दो परस्पर विरोधी पक्षों से चकित रहा हूं। संगीत, सिनेमा और पुस्तकों में उनका टेस्ट बहुत ही उच्च कोटि का रहा है। वह सत्यजीत रे की फिल्मों के प्रशंसक रहे हैं। उन्हें आर्ट फिल्में देखना पसंद है। जब 1989 के चुनाव के लिए वह प्रचार करने निकले थे, तो उनके समान में एल्विन टॉफलर की किताब फ्यूचर शॉक भी थी।"

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कैथोलिक स्कूल में पढ़ने वाले आडवाणी कैसे बने हिंदुत्ववादी नेता?

आडवाणी का जन्म 8 नवंबर, 1927 को अविभाजित भारत के कराची (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। उनकी पढ़ाई कराची के कैथोलिक स्कूल 'सेंट पैट्रिक हाई स्कूल' में हुई थी। किशोरावस्था में वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गए।

विभाजन से पहले के कराची में हिंदुओं और मुसलमानों के अलावा पारसी, ईसाईयों, यहूदियों और एंग्लो-इंडियन भी थे। ऐसे माहौल में पल-बढ़ रहे आडवाणी के लिए कट्टर हिंदुत्व की विचारधारा पराई थी।

लेकिन विभाजन के आघात ने सब बदल दिया। 12 सितंबर, 1947 को वह अकेले कराची से दिल्ली पहुंचे। उन्हें अपना घर छोड़कर शरणार्थी बनकर भारत आ जाना पड़ा। इन सब चीजों ने युवा आडवाणी को हमेशा-हमेशा के लिए बदल दिया।

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आरएसएस प्रचारक आडवाणी की शादी

भास्कर रॉय की किताब में आडवाणी के उन दिनों का भी जिक्र मिलता है, जब वह बतौर पत्रकार और संघ प्रचारक काम कर रहे थे। रॉय ने लिखा है, मैं आडवाणी से मिलने पहुंचा था। हम उनके पृथ्वीराज रोड स्थित बंगले में बैठे थे। आडवाणी ने पुराने दिनों के अपने कुछ पत्रकार सहकर्मियों को याद किया जब उन्होंने ऑर्गनाइज़र के लिए काम किया था।

इसके बाद आडवाणी ने अपनी शादी का किस्सा बताते हुए रॉय से कहा, "हमारी शादी मुंबई में हुई थी। एक प्रचारक के रूप में मैंने अपने सामान्य धोती-कुर्ते में समारोह में जाने का फैसला किया था। जब कमला को मेरी इस योजना की भनक लगी तो उन्होंने संदेश भेजा कि वह धोती-कुर्ता पहने किसी व्यक्ति से शादी नहीं करेंगी।"

यह बताते हुए आडवाणी हँसे रहे थे। रॉय ने पूछा तो आप अपनी शादी में क्या पहनकर गए? आडवाणी ने बताया- मैंने एक सूट पहना था।

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