scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

Haryana Lok Sabha Chunav 2024: जाट 22% तो दो को ट‍िकट, ब्राह्मण 8 फीसदी तो भी दो को टि‍कट- समझ‍िए हर‍ियाणा चुनाव में क्‍या है जात‍ि का खेल

Haryana Lok Sabha Election 2024: हरियाणा के चुनाव में इस बार क्या फिर से जाट बनाम गैर जाट की राजनीति हावी होगी?
Written by: Pawan Upreti
नई दिल्ली | Updated: May 01, 2024 12:33 IST
haryana lok sabha chunav 2024  जाट 22  तो दो को ट‍िकट  ब्राह्मण 8 फीसदी तो भी दो को टि‍कट  समझ‍िए हर‍ियाणा चुनाव में क्‍या है जात‍ि का खेल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। (Source- Facebook/Nayab Saini)
Advertisement

लोकसभा चुनाव 2024 में हरियाणा में टिकट बंटवारे को देखें तो राज्य की राजनीति में 22% की भागीदारी वाले जाट समुदाय को बीजेपी ने दो टिकट दिए हैं। वहीं, 8% की आबादी वाले ब्राह्मण समुदाय के नेताओं को भी दो सीटों पर चुनाव मैदान में उतारा गया है। 2014 की तुलना में 2019 के लोकसभा चुनाव में हर‍ियाणा में बीजेपी को जाटों से करीब ढाई गुना ज्‍यादा वोट म‍िले। इसके बावजूद 2019 में जाटों की उम्‍मीदवारी 2014 के बराबर ही रही। समझते हैं क्‍या हर‍ियाणा के चुनावों में जात‍ि का खेल।

जाटों ने बीजेपी को द‍िए सबसे कम वोट

हरियाणा में पिछले लोकसभा चुनाव के आंकड़ों को जातीय आधार पर देखें तो बीजेपी को सबसे ज्‍यादा वोट गैर जाट समुदायों से मिला है। जाटों से म‍िले वोट का आंकड़ा सबसे कम (मुसलमानों के बाद) है। 2014 में जहां गैर जाट समुदाय ने बीजेपी को 48% वोट दिया था तो 2019 में यह बढ़कर 74% हो गया। आगे टेबल में देखें पूरा आंकड़ा

Advertisement

हरियाणा के गैर जाट समुदाय में से एक ब्राह्मण समुदाय को पिछले लोकसभा चुनाव में सोनीपत और रोहतक लोकसभा सीट पर बड़ी जीत मिली थी। एक वजह यह भी हो सकती है दो ब्राह्मणों को ट‍िकट द‍िए जाने की।

Haryana Brahmin Politics: सोनीपत और रोहतक में जीते थे ब्राह्मण उम्मीदवार

बीजेपी के ब्राह्मण उम्मीदवारों में सोनीपत सीट से मोहन लाल बडोली और रोहतक सीट से डॉक्टर अरविंद शर्मा शामिल हैं।

मोहन लाल बडोली सोनीपत की राई सीट से विधायक हैं तो डॉक्टर अरविंद शर्मा तीन बार सांसद रह चुके हैं। सोनीपत सीट से 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के ब्राह्मण उम्मीदवार रमेश चंद्र कौशिक ने कांग्रेस के हैवीवेट नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को डेढ़ लाख से ज्यादा वोटों से हराया था।

Advertisement

रोहतक से पिछले चुनाव में अरविंद कुमार शर्मा ने दीपेंद्र सिंह हुड्डा को नजदीकी मुकाबले में हराया था। इससे पहले दीपेंद्र सिंह हुड्डा 2009 और 2014 में इस सीट से लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं। पिछले चुनाव नतीजों को देखते हुए ही बीजेपी ने जाट मतदाताओं की अधिकता वाली इन सीटों पर इस बार भी ब्राह्मण उम्मीदवारों को उतारा है।

Advertisement

देखते हैं कि किस राजनीतिक दल ने किस जाति के कितने उम्मीदवारों को टिकट दिया है। हरियाणा में लोकसभा की कुल 10 सीटें हैं। इसमें से 2 सीटें दलित समुदाय के लिए आरक्षित हैं।

Haryana Lok Sabha Election: जेजेपी ने जाटों को दिए सबसे ज्यादा टिकट

जाति का नामबीजेपी ने दिए टिकटकांग्रेस ने दिए टिकटइनेलो ने दिए टिकटजेजेपी ने दिए टिकट
जाट2245
गुर्जर11--
अहीर11-2
वैश्य11-
ब्राह्मण212
दलित222
पंजाबी11
सैनी---1
मराठा--1-

किस जाति की कितनी आबादी

राजनीतिक दलों से मिले आंकड़ों के मुताबिक, हरियाणा में जाट समाज की आबादी 22% है। दलित समुदाय की आबादी 21%, ओबीसी की आबादी 30%, ब्राह्मण समुदाय की आबादी 8%, वैश्य 5%, पंजाबी 8%, राजपूत 3.5%, मुस्लिम 3.5% व शेष अन्य जातियों की आबादी है।

shruti choudhary satpal brahmchari
श्रुति चौधरी और सतपाल ब्रह्मचारी।

Haryana Congress Lok Sabha Candidates 2024: दीपेंद्र हुड्डा रोहतक से लड़ रहे चुनाव

कांग्रेस के प्रमुख उम्मीदवारों की बात करें तो प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा सिरसा से, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश जेपी हिसार से, राज्यसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा रोहतक से और जानेमाने फिल्म अभिनेता राज बब्बर गुरुग्राम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

Haryana BJP Lok Sabha Candidates 2024: करनाल सीट से लड़ रहे खट्टर

बीजेपी के प्रमुख उम्मीदवारों में हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री रणजीत चौटाला हिसार से, केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर फरीदाबाद से, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह गुरुग्राम से, बड़े कारोबारी और पूर्व सांसद नवीन जिंदल कुरुक्षेत्र से और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर करनाल सीट से चुनाव मैदान में हैं।

जेजेपी के प्रमुख उम्मीदवारों में चौटाला परिवार की बहू और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की मां नैना सिंह चौटाला हिसार से, पॉपुलर हरियाणवी गायक राहुल यादव उर्फ फाजिलपुरिया गुरुग्राम से चुनाव मैदान में हैं। इनेलो की ओर से अभय सिंह चौटाला कुरुक्षेत्र से और चौटाला परिवार की बहू सुनैना चौटाला हिसार से ताल ठोक रहे हैं।

Haryana Jat vs Non Jat Politics : जाट बनाम गैर जाट की राजनीति

हरियाणा की राजनीति की धुरी जाट बनाम गैर जाट की सियासत है। 1966 में बने इस प्रदेश को 58 साल हो चुके हैं और इसमें से 33 साल तक जाट समुदाय के नेता ही मुख्यमंत्री बनते रहे हैं। साल 2014 में जब बीजेपी ने अपने दम पर हरियाणा में सरकार बनाई तो उसने गैर जाट समुदाय से आने वाले मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया।

खट्टर से पहले गैर जाट मुख्यमंत्रियों की सूची में भगवत दयाल शर्मा, राव बीरेंद्र सिंह, भजन लाल, मनोहर लाल खट्टर और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का नाम शामिल है।

Nayab Singh Saini
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। (Express photo by Jasbir Malhi)

Haryana Congress: देखिए कांग्रेस को किसने 2014 और 2019 में कितने वोट द‍िए

समुदाय का नामलोकसभा चुनाव 2014लोकसभा चुनाव 2019
कांग्रेस को मिले वोट (प्रतिशत में )कांग्रेस को मिले वोट (प्रतिशत में )
गैर जाट1218
जाट2133
ओबीसी3022
दलित3928
मुस्लिम6386

Haryana BJP: अब देखिए कि बीजेपी को किस समुदाय ने 2014 और 2019 में कितने प्रतिशत वोट दिया।

समुदाय का नामलोकसभा चुनाव 2014लोकसभा चुनाव 2019
बीजेपी को मिले वोट (प्रतिशत में )बीजेपी को मिले वोट (प्रतिशत में )
गैर जाट4874
जाट1950
ओबीसी4373
दलित2958
मुस्लिम914

पिछले दो लोकसभा चुनाव के आंकड़ों को देखें तो यह साफ पता चलता है कि जाट समुदाय ने 2014 के चुनाव के मुकाबले 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को बड़े पैमाने पर वोट दिया। इसके साथ ही ओबीसी और दलित समुदाय में भी बीजेपी का वोट प्रतिशत बढ़ा है जबकि कांग्रेस को 2014 के मुकाबले ओबीसी और दलित समुदाय ने कम वोट दिया है और जाट और गैर जाट समुदाय से मिले वोटों में भी कुछ ही प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

कौन से हैं प्रमुख इलाके

हरियाणा में कुल 22 जिले हैं और यहां प्रमुख रूप से सात क्षेत्र हैं। हरियाणा को बांगर, बागड़, खादर, देशवाली बेल्ट (जाटलैंड), अहीरवाल, मेवात और दक्षिण हरियाणा की बेल्ट में बांटा गया है। महेंद्रगढ़-नारनौल और रेवाड़ी के इलाके को अहीरवाल बेल्ट कहा जाता है। उत्तरी हरियाणा के करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर व पंचकूला को खादर बेल्ट कहा जाता है। बागड़ बेल्ट में हिसार, भिवानी, चरखी दादरी सिरसा व फतेहाबाद के इलाके आते हैं तो जींद और कैथल को बांगर बेल्ट में गिना जाता है।

देशवाली बेल्ट यानी जाट बेल्ट में रोहतक, सोनीपत, झज्जर और पानीपत के जिले आते हैं। मेवात में नूंह व फिरोजपुर झिरका आदि इलाके आते हैं।

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
×
tlbr_img1 Shorts tlbr_img2 चुनाव tlbr_img3 LIVE TV tlbr_img4 फ़ोटो tlbr_img5 वीडियो