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Fact Check: पत्रकार के सामने महिला पर हमले का वायरल वीडियो संदेशखाली का नहीं है

संदेशखाली हिंसा के नाम पर शेयर किया जा रहा वीडियो साल 2018 का है।
Written by: जनसत्ता ऑनलाइन
नई दिल्ली | Updated: February 26, 2024 11:06 IST
fact check  पत्रकार के सामने महिला पर हमले का वायरल वीडियो संदेशखाली का नहीं है
वायरल दावा फर्जी है। (PC - X)
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अंकिता देशकर

पश्चिम बंगाल के हिंसा प्रभावित संदेशखाली इलाके की कई तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। हमें एक महिला की पिटाई का वीडियो मिला। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला को पत्रकार के सामने ही पीटा जा रहा है। वीडियो को संदेशखाली के नाम पर वायरल किया जा रहा है। लेकिन जांच के बाद पता चला कि यह वीडियो हाल का नहीं है। न ही वीडियो का संबंध संदेशखाली की हिंसा से है।

क्या वायरल हो रहा है?

X यूजर LonerMonkey ने वायरल वीडियो को अपने प्रोफाइल पर शेयर किया है।

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दूसरे यूजर्स भी यही वीडियो शेयर कर रहे हैं।

कैसे हुई पड़ताल?

हमने अपनी जांच, वीडियो से प्राप्त स्क्रीनशॉट को रिवर्स इमेज सर्च में डालकर शुरू की। रिवर्स इमेज सर्च करने के बाद हमें एक्स यूजर कीया घोष का एक पोस्ट मिला।

पोस्ट में बताया गया है कि वीडियो में दिख रही महिला नीलिमा डॉक्टर सरकार हैं। इसके बाद हमने कैप्शन में दिए गए शब्दों को गूगल पर सर्च किया। फिर हमें इसके बारे में कई खबरें मिलीं।

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न्यूज का स्क्रीनशॉट

रिपोर्ट 01 अक्टूबर, 2018 को प्रकाशित हुई थी। हमें घटना के बारे में और समाचार रिपोर्ट भी मिलीं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह घटना पश्चिम बंगाल के बारासात में हुई थी।

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न्यूज का स्क्रीनशॉट

वीडियो को एनडीटीवी के यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड किया गया था।

निष्कर्ष: कैमरे पर महिला की पिटाई का वायरल वीडियो हाल का नहीं है। वीडियो का संदेशखाली से कोई संबंध नहीं है। टीएमसी नेता द्वारा भाजपा समर्थक पर हमले का 2018 का पुराना वीडियो झूठे दावों के साथ शेयर किया जा रहा है।

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