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Saran Lok Sabha Election 2024: यहां से हार चुकी हैं राबड़ी देवी, क्या इस बार बदला ले पाएंगी बेटी रोहिणी आचार्य?

सारण लोकसभा सीट पर लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में 20 मई 2024 को चुनाव होना है।
Written by: shrutisrivastva
नई दिल्ली | Updated: May 13, 2024 17:52 IST
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सारण लोकसभा सीट पर कड़ा मुक़ाबला (Source- facebook)
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लोकसभा चुनाव 2024 के रण में बिहार की एक सीट ऐसी भी है जहां पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के परिवार के तीन सदस्य चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। सारण सीट से लालू यादव खुद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं, इस बार लालू-राबड़ी की बेटी रोहिणी आचार्य मैदान में हैं। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि जिस सीट पर उनकी मां को हार का स्वाद चखना पड़ा था क्या रोहिणी वहां विजय पताका लहरा पाएंगी?

सारण बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से एक है। यह निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन आयोग की सिफारिशों के आधार 2008 में अस्तित्व में आया था। परिसीमन से पहले यह छपरा लोकसभा क्षेत्र था। जहां इस बार भी बीजेपी ने सारण से अपने वर्तमान संसद राजीव प्रताप रूडी को उतारा है, वहीं लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने रोहिणी आचार्य को अपना उम्मीदवार बनाया है। आइए जानते हैं इस सीट का पूरा समीकरण।

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लालू प्रसाद यादव का गढ़

सारण लोकसभा सीट को लालू प्रसाद यादव का गढ़ माना जाता रहा है। इस सीट से लालू प्रसाद यादव 1977, 1989, 2004 और 2009 में कुल 4 बार सांसद रहे हैं। वहीं, भाजपा के राजीव प्रताप रूडी भी यहां से 4 बार 1996, 1999, 2014 और 2019 में सांसद रह चुके हैं। राजीव प्रताप रूडी इस बार हैट्रिक लगाने की तैयारी में हैं। 2014 के चुनाव में रूडी ने लालू प्रसाद यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी को हराया था। वहीं, साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने राजद उम्मीदवार चंद्रिका राय को 1 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया था।

कौन-कौन हैं सारण के चुनावी मैदान में?

इस बार राजीव रूडी जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से मैदान में उतरे हैं। दूसरी ओर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य परिवार की पारंपरिक सीट को एक बार फिर से वापस पाने के लिए चुनाव लड़ रही हैं। रोहिणी पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रख रही हैं। वह 2022 में अपने पिता लालू यादव को किडनी देकर चर्चा में आई थीं। रोहिणी सिंगापुर में अपने परिवार के साथ रहती हैं लेकिन चुवान के लिए अब वह भारत आ चुकी हैं।

सारण सीट (तब छपरा) पर पहली बार लोकसभा चुनाव 1957 में हुआ था। इसके बाद कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार रामशेखर प्रसाद सिंह ने लोकसभा चुनाव 1962, 1967 और 1971 में सफलता पाई थी। सारण के गठन के बाद पहली बार साल 2009 में चुनाव हुआ, जिसमें आरजेडी उम्मीदवार लालू प्रसाद यादव ने बीजेपी प्रत्याशी राजीव प्रताप रूडी को मात दी थी। छपरा लोकसभा सीट पर 1996 में पहली बार कमल खिला था. यहां से बीजेपी उम्मीदवार राजीव प्रताप रूडी ने जीत दर्ज की थी।

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जब रूडी ने राबड़ी यादव को दी थी मात

लोकसभा चुनाव 2014 में भारतीय जनता पार्टी ने सारण सीट से राजीव प्रताप रूडी को चुनावी मैदान में उतारा था। इस चुनाव में रूडी ने लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी यादव को 40 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से हराया था। राजीव प्रताप रूडी को कुल 3.55 लाख वोट तो वहीं राबड़ी देवी को 3.14 लाख मत मिले थे।

पार्टीप्रत्याशीवोट प्रतिशत
बीजेपीराजीव प्रताप रूडी41.12
आरजेडीराबड़ी देवी36.38
जेडीयूसलीम परवेज12.39

लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम

2019 के आम चुनाव में बीजेपी कैंडीडेट ने लालू यादव के समधी को हराया था। राजीव प्रताप रूडी ने इस बार लालू प्रसाद यादव के समधी और आरजेडी उम्मीदवार चंद्रिका राय को हराया था। रूडी ने लगभग 5 लाख वोट हासिल किए थे, वहीं चंद्रिका राय को 3 लाख से ज्यादा वोट मिले थे।

पार्टीप्रत्याशीवोट प्रतिशत
बीजेपीराजीव प्रताप रूडी51.29
आरजेडीचंद्रिका राय41.33
NOTANOTA3.00

सारण में इस बार 11 क्षेत्रीय दल और निर्दलीय उम्मीदवार

इस संसदीय चुनाव में यहां कुल 14 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें भाजपा, राजद और बसपा के अतिरिक्त पांच क्षेत्रीय दल के और छह निर्दलीय प्रत्याशी हैं। क्षेत्रीय दल जनहित किसान पार्टी ने गजेन्द्र प्रसाद चौरसिया, भारतीय एकता दल ने ज्ञानी कुमार शर्मा, गण सुरक्षा पार्टी ने वरूण कुमार दास, भारतीय लोक चेतना पार्टी ने राजेश कुशवाहा और भारतीय सार्थक पार्टी ने अमनौर के पूर्व बीजेपी विधायक शत्रुघ्न तिवारी उर्फ चोकर बाबा को उतारा है। वहीं आरती कुमारी, प्रभात कुमार, मोहम्मद सलीम, राघवेंद्र प्रताप सिंह, लक्ष्मण प्रसाद यादव और शेख नौसाद बतौर निर्दलीय चुनाव में उतरे हैं।

सारण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र गठित होने के बाद इस सीट पर तीन संसदीय चुनाव हो चुके हैं। इन चुनावों में उतरने वाले क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों की बात करें तो एक चुनाव के बाद दूसरे में वे गायब हो जाते हैं। इसमें भारतीय एकता दल अपवाद है, जिसने 2014 के बाद इस चुनाव में भी अपना उम्मीदवार उतारा है।

लालू यादव का आखिरी लोकसभा चुनाव

2009 में परिसीमन के बाद हुए चुनाव में राजद की ओर से उतरे लालू यादव ने सारण सीट से भाजपा के राजीव प्रताप रुडी को हराया था। लालू ने के रुडी को 51 हजार से अधिक वोट से हराया था। यह लालू यादव द्वारा जीता गया आखिरी चुनाव था। लालू यादव को चारा घोटाले में सजा होने के बाद साल 2013 में उनकी संसद सदस्यता चली गई थी और उनके चुनाव लड़ने पर पाबंदी लग गई थी। इस तरह से हम कह सकते हैं लालू यादव ने अपना आखिरी लोकसभा चुनाव इसी सीट से जीता था।

सारण लोकसभा क्षेत्र

सारण लोकसभा क्षेत्र में कुल छह विधान सभा क्षेत्र हैं, जिसमें छपरा, मढ़ौरा, गरखा, अमनौर, परसा और सोनपुर शामिल है। इनमें से चार विधानसभा सीटों पर आरजेडी का कब्जा है और दो पर बीजेपी के विधायक हैं। सारण लोकसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 16,67,253 है।

सारण का जातीय समीकरण

इस संसदीय क्षेत्र में राजपूत और यादव समुदाय की बहुलता है। जिसे ध्यान में रखते हुए राजनीतिक दल अक्सर यहां से यादव या फिर राजपूत उम्मीदवार उतारते हैं। सारण लोकसभा क्षेत्र में सबसे अधिक यादवों की आबादी 25 प्रतिशत है। यहां राजपूत 23%, वैश्य वोटर 20 प्रतिशत, मुस्लिम 13 प्रतिशत और दलित 12 प्रतिशत हैं। सारण से बनिया, मुस्लिम और दलितों भी उम्मीदवारों की जीत-हार में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

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