scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

भाजपा के राष्ट्रीय सम्मेलन में कम पड़ गया था खाना-पानी! जानिए किसकी थी जिम्मेदारी

व्यवस्था की जिम्मेदारी दिल्ली भाजपा के कंधों पर थी। लेकिन दिल्ली यूनिट ने यह स्वीकार करने से ही इनकार कर दिया कि किसी भी चीज़ की कमी थी।
Written by: स्पेशल डेस्क
नई दिल्ली | Updated: February 20, 2024 13:33 IST
भाजपा के राष्ट्रीय सम्मेलन में कम पड़ गया था खाना पानी  जानिए किसकी थी जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा (PC- BJP)
Advertisement

भारतीय जनता पार्टी का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन रविवार (18 फरवरी, 2023) को खत्म हुआ। राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया गया था। The Indian Express के दैनिक कॉलम Delhi Confidential में से पता चलता है कि 'दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल' के राष्ट्रीय अधिवेशन में खाना-पानी कम पड़ गया था।

अखबार के कॉलम में कार्यक्रम में भाग लेने वाले कुछ प्रतिनिधियों के हवाले से बताया गया है कि सप्ताह के अंत में भारत मंडपम में हुए भाजपा के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में पीने के पानी और भोजन की अपर्याप्त व्यवस्था चर्चा का विषय थी।

Advertisement

'पानी की कमी की कई शिकायतों' के बाद भाजपा के राष्ट्रीय सचिव (संगठन) बीएल संतोष ने कार्यक्रम के पहले दिन शनिवार शाम को एक त्वरित बैठक में स्थिति का आकलन करने के बाद 'बुनियादी व्यवस्था' की जिम्मेदारी संभाली।

किसके जिम्मे थी खाना-पानी की व्यवस्था?

व्यवस्था की जिम्मेदारी दिल्ली भाजपा के कंधों पर थी। लेकिन दिल्ली यूनिट ने यह स्वीकार करने से ही इनकार कर दिया कि किसी भी चीज़ की कमी थी। दिल्ली भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कार्यक्रम में आए कुछ गणमान्य व्यक्तियों के वीडियो को 'सबूत' के तौर पर पेश किया। वीडियो में कुछ नेता व्यवस्था की तारीफ कर रहे हैं। वीडियो संदेशों को "सबूत" के रूप में दिखाकर दिल्ली भाजपा का कहना है कि कार्यक्रम में सब कुछ ठीक रहा।

क्या रहा राष्ट्रीय अधिवेशन का हासिल?

मोदी-मोदी:

Advertisement

भाजपा के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में देश भर से 11,500 पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए थे। अलगे लोकसभा चुनाव में दो माह से भी कम समय बचा है। ऐसे भाजपा ने बैठक में लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में लौटने का लक्ष्य रखा।

बीजेपी के सम्मेलन का फोकस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर रहा, जो इसके कार्यक्रमों और इसके आयोजन स्थल पर लगाए गए कटआउट के अलावा पार्टी नेताओं द्वारा दिए गए भाषणों में हावी रहे।

नरेंद्र मोदी ने भाजपा के लिए 370 सीटों का लक्ष्य रखा है। इस आंकड़े में विचारधारा से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को चुनाव तक अपनी सारी ऊर्जा लगा देने को कहा गया है। 370 के संबंध में पीएम मोदी ने कहा कि यह सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि है, जिनकी जम्मू -कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए आंदोलन के दौरान जम्मू-कश्मीर में कारावास में मृत्यु हो गई थी।

राम मंदिर:

भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर एक विस्तृत बयान जारी किया गया। बयान में इस बात को रेखांकित किया गया कि पार्टी इसे अपने प्रमुख चुनावी मुद्दे के रूप में रखेगी। बयान में मोदी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों और कल्याणकारी उपायों के बारे में भी बात की गई। यह पीएम मोदी की बार-बार दोहराई जाने वाली बात को प्रतिबिंबित करता है। भाजपा विकास और हिंदुत्व को एक साथ साधकर चलने की तैयारी में है।

Advertisement
Tags :
Advertisement
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो