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Bharat Jodo Yatra: राहुल गांधी के साथ मार्च करने के लिए फारूक अब्दुल्ला पहुंचे लखनपुर, बोले- "युवा होता, तो मैं यात्रा की शुरुआत से ही कांग्रेस नेता के साथ चलता"

जम्मू-कश्मीर की सीमा पर पहुंचे राहुल गांधी ने कहा, 'मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों की पीड़ा समझता हूं और सिर झुकाकर आपके पास आया हूं।’’
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: संजय दुबे
January 19, 2023 21:35 IST
bharat jodo yatra  राहुल गांधी के साथ मार्च करने के लिए फारूक अब्दुल्ला पहुंचे लखनपुर  बोले   युवा होता  तो मैं यात्रा की शुरुआत से ही कांग्रेस नेता के साथ चलता
भारत जोड़ो यात्रा के लखनपुर सीमा पर पहुंचने पर गुरुवार, 19 जनवरी, 2023 को एक रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला और अन्य। (पीटीआई फोटो)
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Farooq Abdullah Welcomes Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) गुरुवार की शाम अपने अंतिम चरण में जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के लखनपुर (Lakhanpur) पहुंच गई। पंजाब से पठानकोट (Pathankot) के रास्ते लखनपुर में प्रवेश करने पर कांग्रेस पार्टी समेत कई दलों के नेताओं ने उनका स्वागत किया। नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) और पार्टी के वरिष्ठ नेता गुरुवार को राहुल गांधी की अगुवाई वाली ‘‘भारत जोड़ो यात्रा’’ के जम्मू कश्मीर में दाखिल होने पर उनका स्वागत करने पहुंचे।

पार्टी नेताओं और विधायकों के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता कठुआ पहुंचे

नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक नेता ने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता कई वाहनों में यात्रा में शामिल होने के लिए निकले। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला, कई पूर्व मंत्रियों और विधायकों तथा वरिष्ठ नेताओं के साथ जम्मू में अपने भटिंडी आवास से दोपहर करीब 1.30 बजे कठुआ रवाना हुए। वे शाम करीब चार बजे जम्मू से करीब 90 किलोमीटर दूर कठुआ पहुंचे और अब्दुल्ला सीधे पूर्व मंत्री लाल सिंह के आवास पहुंचे।

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अब्दुल्ला ने कहा कि यात्रा देश के फायदे के लिए है, नफरत को पीछे छोड़ना होगा

अब्दुल्ला ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं यात्रा में शामिल होने के उनके फैसले से खुश हूं, क्योंकि विविधता में एकता हमारी ताकत है...हमें नफरत को पीछे छोड़ना होगा और देश को एक साथ आगे ले जाना होगा।’’ फारूक अब्दुल्ला (85) ने कहा कि यात्रा देश के फायदे के लिए है और ‘‘यदि मैं युवा होता, तो मैं यात्रा की शुरुआत से ही राहुल गांधी के साथ चलता। मैं उम्रदराज हूं और लगातार नहीं चल सकता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं दिल्ली में यात्रा में शामिल हुआ, यहां (लखनपुर) में शामिल हो रहा हूं और जब यह जम्मू और घाटी में पहुंचेगी तब भी मैं इसमें शामिल होऊंगा।’’

जम्मू-कश्मीर चुनाव में देरी को बताया लोकतंत्र पर हमला

उन्होंने कहा, ‘‘वे (भाजपा) कह रहे हैं कि स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन वास्तविकता यह है कि आतंकवादी घटनाएं बढ़ी हैं। सुरक्षा स्थिति के लिए गृह मंत्रालय जिम्मेदार है।’’ निर्वाचन आयोग द्वारा जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनावों की घोषणा नहीं करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि चुनाव में देरी लोकतंत्र पर हमला है। बहरहाल, यात्रा में शामिल होने के लिए बुजुर्गों समेत आम लोग भी आए हुए हैं।

लखनपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वह कन्याकुमारी से पैदल चलकर कश्मीर आए और हजारों लोगों से बात की। दावा किया, ‘‘भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने नफरत फैलाई है। पहले मैंने सोचा था कि यह बहुत गहराई तक फैला है, लेकिन ऐसा नहीं है और ऐसा मुख्य रूप से टेलीविजन पर दिखाई देता है।’’ उन्होंने नफरत, हिंसा, बेरोजगारी और महंगाई को देश के मुख्य मुद्दे करार देते हुए मीडिया पर इन्हें उजागर न करने का आरोप लगाया।

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राहुल गांधी ने कहा- मैं अपनी जड़ों की ओर लौट रहा हूं

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पूर्वज इसी भूमि से संबंध रखते थे, मुझे लगता है कि मैं घर वापस लौट रहा हूं। मैं अपनी जड़ों की ओर लौट रहा हूं, मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों की पीड़ा समझता हूं और सिर झुकाकर आपके पास आया हूं।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि वह दिन में लगभग सात घंटे चलते हैं और हर दिन 25 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की भविष्यवाणी के उलट इस दौरान यात्रा में कोई भी नहीं थका।

लखनपुर में यात्रा का स्वागत करने के लिए बुजुर्ग पूरन चंद और मोहम्मद इस्माइल अपने घरों से कई किलोमीटर पैदल चलकर आए। चंद (87) ने कहा, ‘‘मैं यहां राहुल गांधी का स्वागत करने के लिए आया हूं, जिन्होंने पदयात्रा शुरू की है।’’ चंद ने कहा कि वह कांग्रेस नेता की एक झलक पाने के लिए अपने आवास से चार किलोमीटर पैदल चले, क्योंकि उन्हें लगा कि वह ‘‘बहुत शानदार काम’’ कर रहे हैं।

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