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'उम्मीद है कि भारत में सभी के अधिकार सुरक्षित रहेंगे', अमेरिका और जर्मनी के बाद अब UN का आया केजरीवाल की गिरफ्तारी पर बयान

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर यूएन का बयान सामने आया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के एक प्रवक्ता ने उम्मीद जताई कि भारत और जिस भी देश में चुनाव हो रहे हैं वहां के लोगों के राजनीतिक और नागरिक अधिकारों की रक्षा हो।
Written by: न्यूज डेस्क
March 29, 2024 13:51 IST
 उम्मीद है कि भारत में सभी के अधिकार सुरक्षित रहेंगे   अमेरिका और जर्मनी के बाद अब un का आया केजरीवाल की गिरफ्तारी पर बयान
UN महासचिव अंतोनियो गुतारेस। फोटो- (इंडियन एक्‍सप्रेस)।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और कांग्रेस पार्टी के खाते सीज होने के मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र की टिप्पणी सामने आई है। यूएन महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि यूएन को उम्मीद है कि हर कोई स्वतंत्र और निष्पक्ष माहौल में भारत में होने वाले लोकसभा चुनावों में मतदान कर सकेगा। उन्होंने यह टिप्पणी भारत को लेकर किए जा रहे एक सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा कि भारत और जिस भी देश में चुनाव हो रहे हैं, वहां के लोगों के राजनीतिक और नागरिक अधिकारों की रक्षा हो। इसके अलावा, हर कोई स्वतंत्र और निष्पक्ष माहौल में मतदान करने में सक्षम हो।

अमेरिकी राजदूत को किया था तलब

बता दें कि इससे पहले अमेरिका और जर्मनी की ओर से अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर बयान सामने आया था। तब विदेश मंत्रालय ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए दोनों देशों के डिप्लोमैट को तलब किया था। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से बयान सामने आया था कि अमेरिका अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की रिपोर्ट पर बारीकी से नजर रख रहा है और एक निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया का बढ़ावा देता है। अमेरिका अब तक इस मामले में दो बार टिप्पणी कर चुका है। भारत की ओर से इस कड़ी आपत्ति जाहिर की गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अमेरिकी को हमारे चुनावी और कानूनी प्रक्रिया में दखलअंदाजी नहीं करनी चाहिए।

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वहीं जर्मनी की ओर से कहा कि गया कि केजरीवाल की गिरफ्तारी के मामले को हमने नोट किया है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है। हमें उम्मीद है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांतों से संबंधित सभी मानकों को इस मामले में भी लागू किया जाएगा।

विदेश मंत्रालय ने जताया विरोध

विदेश मंत्रालय की ओर से पूरे मामले में कड़ी आपत्ति दर्ज की। विदेश मंत्रालय (MEA) के अधिकारियों ने मिशन के कार्यवाहक उप प्रमुख ग्लोरिया बर्बेना को दिल्ली में साउथ ब्लॉक स्थित अपने कार्यालय में बुलाया। बैठक 30 मिनट से अधिक समय तक चली। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जयसवाल ने गुरुवार को कहा, भारत में कानूनी प्रक्रियाएं केवल कानून के शासन द्वारा संचालित होती हैं। इससे पहले बुधवार को विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान में कहा था कि भारत ने कुछ कानूनी कार्यवाही के बारे में अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता की टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई है।

इनपुट - एजेंसी

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