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बंदरों के आंतक से नेपाल को चीन नहीं भारत दिलाएगा मुक्ति, जानिए क्या है तैयारी

बंदरों के आंतक से मुक्ति के लिए नेपाली सांसदों और डॉक्टरों की टीम भारत में स्टडी करेगी।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Jyoti Gupta
नई दिल्ली | Updated: January 31, 2024 17:11 IST
बंदरों के आंतक से नेपाल को चीन नहीं भारत दिलाएगा मुक्ति  जानिए क्या है तैयारी
बंदरों के आतंक से नेपाल को मुक्ति दिलाएगा भारत (ANI)
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नेपाल के लोग बंदरों के आतंक से परेशान है। इसलिए नेपाल में ‘‘बंदरों के आतंक’’ को लेकर एक बैठक की गई। जिसमें इस समस्या के समाधान को लेकर चिंताएं जाहिर की गई। अब बंदरों के आतंक से लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए नेपाली सांसदों और डॉक्टरों की एक टीम भारत का दौरा करेगी। टीम भारत में उन तरीकों के बारे में जानकारी हांसिल करेगी जिससे बंदरों की आबादी को नियंत्रित किया जा सकता है। टीम बंदरों की आबादी को रोकने लिए भारत में स्टडी करेगी।

‘बंदरों के आतंक’’ से मुक्ति नेपाल की मदद करेगा भारत

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरे से पहले कृषि, सहकारी और प्राकृतिक संसाधन समिति के सदस्यों ने संसदीय बैठकों में ‘‘बंदरों के आतंक’’ के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि बंदरों की आबादी पर नियंत्रण के लिए कुछ जरूरी उपायों की जरूरत है। बैठक में कहा गया कि भारत सरकार इसके लिए मदद करेगी। इस फैसले के बाद दस पशु चिकित्सक और पांच वन रेंजर बंदरों की आबादी पर नियंत्रण के लिए भारत में स्टडी करेंगे।

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बंदरों को मारने की मिली अनुमति

इस दौरे के दौरान यह टीम बधियाकरण के जरिए बंदरों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए अध्ययन करेगी। इसके लिए टीम भारत के हिमाचल प्रदेश जाएगी। साल 2016 में हिमाचल प्रदेश ने पहली बार बंदरों को एक साल के लिए ‘‘नाशक जीव’ घोषित किया। इसके बाद बंदरों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए उन्हें मारने की अनुमति मिल गई। सरकार ने 2021 तक कम से कम चार बार अनुमति की समय सीमा बढ़ाई।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नेपाली प्रतिनिधि सभा की एक अन्य समिति पहुंची भारत

नेपाली प्रतिनिधि सभा की एक अन्य समिति के सदस्य संसदीय संवाद और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को भारत पहुंचे। अंतरराष्ट्रीय संबंध समिति के सदस्य सात फरवरी को नेपाल लौटेंगे। 11 सदस्यीय इस समिति में आठ सांसद हैं।

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