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नेपाल में एक साल में तीसरी बार बदलेगा सरकार, प्रचंड को हटाने के लिए कॉमरेड ओली और नेपाली कांग्रेस ने मिलाया हाथ

नेपाल में सियासी उठापटक जारी है। साल में तीसरी बार वहां बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है। देश की दो सबसे बड़ी पार्टियों- नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल ने आपस में समझौता कर लिया है।
Written by: न्यूज डेस्क
काठमांडू | July 02, 2024 15:05 IST
नेपाल में एक साल में तीसरी बार बदलेगा सरकार  प्रचंड को हटाने के लिए कॉमरेड ओली और नेपाली कांग्रेस ने मिलाया हाथ
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। Express Photo
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नेपाल में नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला है। यहां दो सबसे बड़े दलों नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल ने प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल को सत्ता से बेहखल कर दिया है। इसके लिए दोनों पार्टिओं ने एक नई 'राष्ट्रीय आम सहमति सरकार' बनाने के लिए आधी रात को सत्ता-साझाकरण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ने विश्वास मत का सामना करने और तत्काल इस्तीफा न देने का फैसला किया है। नेपाल में एक साल में तीसरी बार सरकार बदल रही है। नेपाल में पिछले 16 साल में 13 सरकारें बनी हैं जिससे इस हिमालयी देश की राजनीतिक प्रणाली की कमजोरी जाहिर होती है।

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दोनों पार्टियों के बीच समझौते में क्या-क्या

नेपाल में 78 वर्षीय देउबा और 72 वर्षीय ओली ने संसद के बचे हुए कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री पद को बारी-बारी से साझा करने पर सहमति व्यक्त की है। नेपाल के प्रतिनिधि सदन में सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस के पास 89 सीट जबकि सीपीएन-यूएमएल के पास 78 सीट हैं। दोनों दलों की संख्या को जोड़ा जाए तो यह 167 है जो 275 सदस्यीय सदन में बहुमत के 138 सीट के आंकड़े के लिए पर्याप्त है। मीडिया में आई खबरों में दोनों दलों के कई वरिष्ठ नेताओं के हवाले से कहा गया है कि दोनों नेता नयी सरकार बनाने, संविधान में संशोधन करने और सत्ता बंटवारे के फॉर्मूले पर बातचीत करने के लिए सहमत हुए।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों में जो समझौता हुआ है उसके मुताबिक ओली के कार्यकाल के दौरान, सीपीएन-यूएमएल प्रधानमंत्री पद और वित्त मंत्रालय सहित मंत्रालयों का नियंत्रण संभालेगी। वहीं नेपाली कांग्रेस गृह मंत्रालय सहित दस मंत्रालयों की देखरेख करेगी। सीपीएन-यूएमएल कोशी, लुम्बिनी और करनाली प्रांतों में प्रांतीय सरकारों का नेतृत्व करेगी और नेपाली कांग्रेस बागमती, गंडकी और सुदूरपश्चिम प्रांतों की प्रांतीय सरकारों का नेतृत्व करेगी।

8 मंत्री दे सकते हैं इस्तीफा

प्रचंड सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद प्रचंड कैबिनेट में शामिल (सीपीएन-यूएमएल) के आठ मंत्री मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सीपीएन-यूएमएल नेता महेश बर्तौला ने कहा कि प्रधानमंत्री 'प्रचंड' भी जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं और देश में नई सरकार का गठन हो सकता है। सीपीएन-यूएमएल ने मंगलवार दोपहर तीन बजे पार्टी कार्यालय में बैठक बुलाई है, जिसमें बड़ा फैसला हो सकता है।

इनपुट-भाषा

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