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चीन को एक और टेंशन देने जा रहा है अमेरिका, बाइडेन सरकार ने किया 'ड्रैगन' के नुकसान वाला ऐलान

China America Tension: अमेरिका द्वारा चीनी ईवी पर नए टैक्स लगाने का फैसला दोनों देशों के बीच टेंशन बढ़ा सकता है।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Yashveer Singh
नई दिल्ली | Updated: May 14, 2024 20:04 IST
चीन को एक और टेंशन देने जा रहा है अमेरिका  बाइडेन सरकार ने किया  ड्रैगन  के नुकसान वाला ऐलान
अमेरिका चीनी EVs पर लगाने जा रहा नए टैक्स (File Photo -Express)
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अमेरिका में बाइडेन प्रशासन ने ऐलान किया है कि वो चीन के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, एडवांस बैटरीज, सोलर सेल, एल्यूमीनिय और मेडिकल इक्विपमेंट्स पर नए टैरिफ लगाने के बारे में प्लान कर रहा है। अमेरिका में इस साल चुनाव होना है और उससे पहले बाइडेन सरकार का यह प्लान दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनातनी बढ़ा सकता है।

चीनी ईवी पर टैरिफ लगाने का यह ऐलान अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनसे पहले राष्ट्रपति रहे रिपब्लिकन कैंडिडेट डोनाल्ड ट्रंप के बेहद गर्मागरम चुनावी अभियान के बीच आया है। एपी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले ये टैरिफ महंगाई पर कोई इम्पेक्ट न डालें इसका भी खास ख्याल रखा जाएगा।

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रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि अमेरिका को नहीं लगाता कि नए टैरिफ चीन के साथ टेंशन बढ़ने की वजह बनेंगे। उन्होंने कहा कि वो चीन से उम्मीद करते हैं कि वह उसके प्रोडक्ट्स पर लगने वाले नए टैक्स पर रिस्पॉन्ड करने के तरीके खोजेगा। हालांकि टैरिफ के कारण अगर बड़ा ट्रेड डिस्प्यूट हुआ तो यह नहीं कहा जा सकता कि लॉन्ग टर्म में इनका प्रोडक्ट्स के दाम पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

अगले साल से लागू होंगे नए टैक्स

अगले साल से लगाए जाने वाले ये टैरिफ अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीकों से लागू किए जाएंगे। 2024 में नए टैरिफ ईवी, सोलर सेल, सीरिंज, सुई, स्टील और एल्यूमीनियम सहित कई अन्य आइट्म्स पर प्रभावी होंगे। मौजूदा वक्त में अमेरिका में चीन से बहुत कम ईवी हैं लेकिन  अमेरिकी अधिकारी इस बात से चिंतित हैं कि चीनी सरकार द्वारा द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण कम कीमत वाले इलेक्ट्रॉनिक व्हिकल्स की जल्द ही यूएस की मार्केट में बाढ़ आ जाएगी।

रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि चीनी कंपनियां USD 12,000 जितनी कम कीमतों पर  EVs बेच सकती हैं। दुनिया भर की डिमांड पूरी करने के लिए उनके सोलर सेल प्लांट और एल्यूमीनियम मिल्स पर्याप्त मात्रा में उत्पादन करते हैं। चीनी अधिकारी अपने समर्थन में यह दावा करते हैं कि कम दाम के जरिए वो दुनिया की मदद ग्रीन इकोनॉमी को हासिल करने में कर रहे हैं।

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