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स्विट्जरलैंड में वैश्विक वार्ता: यूक्रेन में शांति बहाली के लिए सम्मेलन में भारत भी शामिल, राष्ट्रपति जेलेंस्की को उम्मीद- बातचीत से बनेगा इतिहास

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को युद्ध समाप्त करने के लिए शर्तें रखीं। उनके प्रस्तावों को कीव ने छलपूर्ण और बेतुका करार दिया। सम्मेलन में ब्रिटेन, इक्वाडोर और केन्या जैसे दूर-दराज के देशों के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्रियों ने भाग लिया है, जबकि तुर्की और सऊदी अरब जैसे अन्य देशों ने अपने विदेश मंत्रियों को भेजा।
Written by: जनसत्ता
नई दिल्ली | Updated: June 16, 2024 08:23 IST
स्विट्जरलैंड में वैश्विक वार्ता  यूक्रेन में शांति बहाली के लिए सम्मेलन में भारत भी शामिल  राष्ट्रपति जेलेंस्की को उम्मीद  बातचीत से बनेगा इतिहास
15 जून, 2024 को स्विटजरलैंड के ल्यूसर्न के पास स्टैनस्टैड में यूक्रेन में शांति पर शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान भाषण सुनते प्रतिभागी। (रॉयटर्स)
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यूक्रेन में शांति के लिए रोडमैप पर चर्चा के लिए विश्व के नेता स्विट्जरलैंड में एकत्रित हुए हैं। रूस की अनुपस्थिति के कारण वास्तविक सफलता की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। युद्ध के तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी यथास्थिति है। कीव अपनी मांग पर अड़ा हुआ है कि रूस यूक्रेनी क्षेत्र को छोड़ दे, जिस पर उसने कब्जा कर लिया है, जबकि मास्को अपने आक्रामक अभियान को जारी रखे हुए है और पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है। रूस ने शर्त रखी है कि यूक्रेन नाटो की सदस्यता छोड़े। भारत ने इस सम्मेलन में पर्यवेक्षक के तौर पर विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी को भेजा है। भारत के अलावा ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका ने भी अपने अधिकारी भेजे हैं।

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जेलेंस्की बोले- संयुक्त प्रयासों से रोका जा सकता है युद्ध

वैश्विक सम्मेलन में रूस की अनुपस्थिति के बावजूद यूक्रेन राष्ट्रपति वोलोदोमीर जेलेंस्की ने उम्मीद जताई कि वार्ता से इतिहास बनेगा। स्विस राष्ट्रपति वियोला एमहर्ड के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘हम दुनिया के सामने यह विचार रखने में सफल रहे हैं कि संयुक्त प्रयासों से युद्ध को रोका जा सकता है और न्यायपूर्ण शांति स्थापित की जा सकती है।’

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50 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख शामिल

अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ एक प्रेस वार्ता के दौरान, जेलेंस्की ने कहा कि शिखर सम्मेलन संघर्ष के अंतिम अंत के लिए आधार तैयार कर सकता है। स्विट्जरलैंड में 50 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख, ल्यूसर्न झील के किनारे स्थित बर्गेनस्टाक रिसार्ट में होने वाले सम्मेलन में भाग लेंगे। यूरोपीय निकायों और संयुक्त राष्ट्र सहित लगभग 100 प्रतिनिधिमंडलों के भी आने की संभावना थी। आलोचकों का कहना था कि रूस की उपस्थिति के बिना यह बैठक निरर्थक होगी, जिसने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण किया था। रूस के अलावा चीन भी यहां नहीं पहुंचा है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को युद्ध समाप्त करने के लिए शर्तें रखीं। उनके प्रस्तावों को कीव ने छलपूर्ण और बेतुका करार दिया। सम्मेलन में ब्रिटेन, इक्वाडोर और केन्या जैसे दूर-दराज के देशों के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्रियों ने भाग लिया है, जबकि तुर्की और सऊदी अरब जैसे अन्य देशों ने अपने विदेश मंत्रियों को भेजा।

रूस का समर्थन करने वाला चीन सम्मेलन से दूर

रूस का समर्थन करने वाला चीन भी उन देशों में शामिल हो गया है जो इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। बेजिंग ने कहा है कि किसी भी शांति प्रक्रिया में रूस और यूक्रेन की भागीदारी की आवश्यकता होगी, और उसने शांति के लिए अपने खुद के विचार भी पेश किए हैं। पिछले महीने, चीन और ब्राजील यूक्रेन संकट के राजनीतिक समाधान पर छह ‘साझा सहमतियों’ पर एकराय हुए थे तथा अन्य देशों से उनका समर्थन करने तथा शांति वार्ता को बढ़ावा देने में भूमिका निभाने का अनुरोध किया था।

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छह बिंदुओं में एक समझौता शामिल है कि एक उचित समय पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन का समर्थन किया जाए जिसे रूस और यूक्रेन दोनों द्वारा मान्यता दी जाए, जिसमें सभी पक्षों की समान भागीदारी हो और सभी शांति योजनाओं पर निष्पक्ष चर्चा हो।

युद्ध की पृष्ठभूमि और कूटनीतिक रणनीति के तहत, शिखर सम्मेलन के आयोजकों ने तीन एजंडा प्रस्तुत किए हैं : परमाणु सुरक्षा, जिसमें रूसी कब्जे वाला जपोरिज्जिया बिजली संयंत्र भी शामिल है, मानवीय सहायता और युद्ध बंदियों की अदला-बदली और वैश्विक खाद्य सुरक्षा, जो काला सागर के माध्यम से ढुलाई में बाधा के कारण बाधित हुई है।

इस बीच, पुतिन चाहते हैं कि कोई भी शांति समझौता युद्ध के प्रारंभिक चरणों में तैयार किए गए मसविदा समझौते के आधार पर हो, जिसमें यूक्रेन की तटस्थ स्थिति और उसके सशस्त्र बलों की सीमा के प्रावधान शामिल हों। पिछले कई वर्षों से यूक्रेन द्वारा नाटो में शामिल होने के प्रयास से मास्को नाराज है। शुक्रवार को पुतिन ने रूसी राजनयिकों और वरिष्ठ सांसदों से कहा कि अगर यूक्रेन नाटो में शामिल होने के अपने प्रयास को छोड़ देता है और 2022 में मास्को द्वारा कब्जा किए गए चार क्षेत्रों से सैनिकों को वापस बुलाना शुरू कर देता है, तो वह तुरंत संघर्ष विराम का आदेश देंगे और बातचीत शुरू करेंगे।

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