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भारत-श्रीलंका के बीच नौका सेवा शुरू, कनेक्टिविटी से दोनों देशों को व्यापार, पर्यटन में ऐसे मिलेगा फायदा

पीएम मोदी ने कहा, “हम भारत और श्रीलंका के बीच राजनयिक और आर्थिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। नागपट्टिनम और कांकेसंथुराई के बीच नौका सेवा की शुरुआत हमारे संबंधों को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।''
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: संजय दुबे
Updated: October 14, 2023 11:48 IST
भारत श्रीलंका के बीच नौका सेवा शुरू  कनेक्टिविटी से दोनों देशों को व्यापार  पर्यटन में ऐसे मिलेगा फायदा
नौका के रूप में उपयोग किए जाने वाले जहाज को चेरियापानी कहा जाता है और इसमें 150 यात्री बैठ सकते हैं। (ट्विटर/@KRD_forum)
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि नागपट्टिनम और श्रीलंका के कांकेसंथुराई के बीच नौका सेवाओं की शुरुआत दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग तथा आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने तमिलनाडु के नागापट्टिनम और श्रीलंका के कांकेसंतुराई के बीच फेरी सेवा को हरी झंडी दिखाई। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए।

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पीएम मोदी बोले- राजनयिक और आर्थिक संबंधों में होगा नए अध्याय की शुरुआत

नौका सेवाओं के शुभारंभ पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हम भारत और श्रीलंका के बीच राजनयिक और आर्थिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। नागपट्टिनम और कांकेसंथुराई के बीच नौका सेवा की शुरुआत हमारे संबंधों को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।'' भारत और श्रीलंका संस्कृति, वाणिज्य और सभ्यता का गहरा इतिहास साझा करते हैं, इसको रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “नागापट्टिनम और आसपास के शहर लंबे समय से श्रीलंका सहित कई देशों के साथ समुद्री व्यापार के लिए जाने जाते हैं।

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प्राचीन तमिल साहित्य में किया गया है ऐतिहासिक बंदरगाह का उल्लेख

पूमपुहार के ऐतिहासिक बंदरगाह का उल्लेख प्राचीन तमिल साहित्य में एक केंद्र के रूप में किया गया है। पट्टिनाप्पलाई और मणिमेकलाई जैसे संगम युग का साहित्य भारत और श्रीलंका के बीच चलने वाली नौकाओं और जहाजों के बारे में बताता है। “महान कवि सुब्रमण्यम भारती ने अपने गीत ‘सिंधु नाधियिन मिसाई’ में हमारे दोनों देशों को जोड़ने वाले एक पुल की बात कही थी। यह नौका सेवा उन सभी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को जीवंत बनाती है।”

यह बताते हुए कि कनेक्टिविटी भारत और श्रीलंका के बीच साझेदारी का केंद्रीय विषय है, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “राष्ट्रपति विक्रमसिंघे की हालिया यात्रा के दौरान, हमने संयुक्त रूप से अपनी आर्थिक साझेदारी के लिए एक विज़न दस्तावेज़ अपनाया। कनेक्टिविटी का मतलब केवल दो शहरों को करीब लाना नहीं है। यह हमारे देशों को करीब, हमारे लोगों को करीब और हमारे दिलों को करीब लाता है। कनेक्टिविटी व्यापार, पर्यटन और लोगों से लोगों के संबंधों को बढ़ाती है। यह दोनों देशों के युवाओं के लिए अवसर भी पैदा करता है।”

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पीएम मोदी ने बताया कि 2015 से दोनों देशों के बीच परिवहन कनेक्टिविटी में सहयोग बढ़ा है। उन्होंने कहा, “2015 में मेरी श्रीलंका यात्रा के बाद, हमने दिल्ली और कोलंबो के बीच सीधी उड़ानें शुरू कीं। बाद में, हमने श्रीलंका से तीर्थ नगरी कुशीनगर में पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान के उतरने का जश्न मनाया। चेन्नई और जाफना के बीच सीधी उड़ान 2019 में शुरू हुई। अब, नागपट्टिनम और कांकेसंथुराई के बीच नौका सेवा इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।”

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नागपट्टिनम से नौका सेवा 30 मिनट में श्रीलंका के कांकेसंथुराई हार्बर पहुंच जाएगी। सेवा को सुविधाजनक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 3 करोड़ रुपये की लागत से नागापट्टिनम बंदरगाह की खुदाई की।

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