scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

क्या आप भी रोज रात 11 बजे के बाद सोते हैं? शरीर को बर्बाद कर देगी ये आदत, एक्सपर्ट से जानें बॉडी पर क्या होता है असर

डॉ. गुडे के मुताबिक, 'देर से सोने पर नींद के दौरान होने वाली नेचुरल रिपेयर साइकिल बाधित हो जाती है। इतना ही नहीं, अगर आप लंबे समय से ऐसा करते आ रहे हैं यानी आधी रात सोते हैं, तो इससे आपका जीवन काल भी कम हो सकता है।'
Written by: हेल्थ डेस्क | Edited By: Shreya Tyagi
नई दिल्ली | Updated: February 10, 2024 15:37 IST
क्या आप भी रोज रात 11 बजे के बाद सोते हैं  शरीर को बर्बाद कर देगी ये आदत  एक्सपर्ट से जानें बॉडी पर क्या होता है असर
डॉ. दिलीप गुडे बताते हैं कि नियमित रूप से आधी रात के बाद सोने वाले लोगों के शरीर की प्राकृतिक सर्कैडियन लय बाधित हो सकती है। (P.C- Freepik)
Advertisement

आज की मॉर्डन लाइफस्टाइल और बिजी शेड्यूल के चलते अधिकतर लोग देर रात तक जागते हैं। इसके अलावा रात के समय बिस्तर पर लेटने के बाद घंटों फोन चलाना युवाओं की आदत का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में सोने के घंटे रात 11 बजे के बाद ही शुरू होते हैं। वहीं, अगर आप भी आधी रात के बाद सोने वाले लोगों में शामिल हैं, तो बता दें कि ऐसा कर आप अपनी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। आइए जानते हैं कैसे-

क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स?

मामले को लेकर इंडियन एक्सप्रेस संग हुई एक खास बातचीत के दौरान यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के वरिष्ठ सलाहकार चिकित्सक डॉ. दिलीप गुडे ने बताया, 'देर रात सोने से तनाव बढ़ सकता है, ये बात तो अधिकतर लोग जानते हैं लेकिन इससे अलग भी आधी रात तक जागने से सेहत पर कई गंभीर नुकसान हो सकते हैं।'

Advertisement

डॉ. गुडे के मुताबिक, 'देर से सोने पर नींद के दौरान होने वाली नेचुरल रिपेयर साइकिल बाधित हो जाती है। इतना ही नहीं, अगर आप लंबे समय से ऐसा करते आ रहे हैं यानी आधी रात सोते हैं, तो इससे आपका जीवन काल भी कम हो सकता है।'

बॉडी पर कैसा होता है असर?

सर्कैडियन रिदम में गड़बड़ी

डॉ. दिलीप गुडे बताते हैं कि नियमित रूप से आधी रात के बाद सोने वाले लोगों के शरीर की प्राकृतिक सर्कैडियन लय बाधित हो सकती है। इससे हार्मोनल सिस्टम सही ढंग से काम नहीं कर पाता है, साथ ही आपका मेटाबॉलिज्म भी प्रभावित होता है और शरीर के तापमान में भी बदलाव होने लगता है।

Advertisement

याददाश्त हो सकती है कम

अगर आप लंबे समय तक देर से सोने वाला रूटीन फॉलो करते हैं, तो इससे एक समय बाद आपको चीजों पर फोकस करने में समस्या आ सकती है। साथ ही ये आपकी मेंटल हेल्थ पर भी बेहद खराब असर डाल सकता है। 7-8 घंटे से कम नींद लेने पर चीजों को यद रखने की क्षमता कम या पूरी तरह से खो भी सकती है।

Advertisement

तनाव हार्मोन में वृद्धि

डॉ. गुडे बताते हैं कि देर रात तक जागने से स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल में वृद्धि होती है, जिससे एंग्जायटी, डिप्रेशन बढ़ सकता है।

मोटापा बढ़ा सकती है ये आदत

इतना ही नहीं, देर रात तक जागने पर मेटाबॉलिज्म भी स्लो पड़ने लगता है, जिससे आपका वजन भी तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में अगर आप बढ़ते वजन से परेशान हैं, तो इसके पीछे देर रात तक जागना एक अहम कारण हो सकता है। वहीं, बढ़ता वजन कई और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण हो सकता है। मोटापे से इंसुलिन रेजिस्टेंस हो सकता है, जो डायबिटीज का कारण बनता है, साथ ही ये पाचन पर भी बेहद खराब असर डालता है। लंबे समय तक अपर्याप्त नींद हाई बीपी और हार्ट से संबंधी समस्याओं के खतरे को भी बढ़ा सकती है।

नींद न आने पर क्या करें?

  • सबसे पहले एक स्लीप शेड्यूल बनाएं। सोने के लिए एक समय निर्धारित कर लें। कुछ समय बाद आपको खुदबखुद उस समय नींद आने लगेगी और इस तरह आप अपना स्लीप साइकिल ठीक कर सकते हैं।
  • नींद न आने की स्थिति में मन को शांत करने के लिए आप कोई किताब पढ़ सकते हैं या बिस्तर पर जाने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग या एक्सरसाइज कर सकते हैं।
  • सोने से पहले गर्म पानी में नहाना आपकी मदद कर सकता है।
  • सोने से करीब 3 घंटे पहले तक शराब या कैफीन युक्त आहार लेने से बचें।
  • इसके अलावा सोने से पहले फोन चलाने या लैपटॉप स्क्रीन पर अधिक समय बीताने से भी नींद आने में परेशानी हो सकती है, ऐसे में सोने से पहले इनसे दूरी बना लें।

Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।

Advertisement
Tags :
Advertisement
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो