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गंभीर बीमारी का शिकार हुईं Shamita Shetty, हॉस्पिटल के बैड से महिलाओं को दी चेतावनी, कहा 'एक बार जरूर करें पता'

शमिता शेट्टी ने एक वीडियो शेयर किया बै जिसमें वे हॉस्पिटल के बैड पर नजर आ रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने तमाम महिलाओं को एक गंभीर बीमारी को लेकर आगह भी किया है। आइए जानते हैं इसके बारे में-
Written by: हेल्थ डेस्क | Edited By: Shreya Tyagi
नई दिल्ली | Updated: May 14, 2024 15:20 IST
गंभीर बीमारी का शिकार हुईं shamita shetty  हॉस्पिटल के बैड से महिलाओं को दी चेतावनी  कहा  एक बार जरूर करें पता
शमिता शेट्टी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसे देख फैंस चिंता में आ गए हैं। (P.C- @shamitashetty_official/Instagram)
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बॉलीवुड एक्ट्रेस और शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) की बहन शमिता शेट्टी (Shamita Shetty) सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहती हैं। हालांकि, हाल ही उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसे देख फैंस चिंता में आ गए हैं। वीडियो में शमिता हॉस्पिटल के बैड पर नजर आ रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने तमाम महिलाओं को एक गंभीर बीमारी को लेकर आगह भी किया है। आइए जानते हैं इसके बारे में-

दरअसल, शमिता शेट्टी बताती हैं कि वे एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित हैं और उन्हें खुद इस बीमारी के बारे में नहीं पता था। ऐसे में महिलाएं इस बीमारी और इससे जुड़े लक्षणों के बारे में जरूर जान लें।

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क्या होती है एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis)?

बता दें कि ये महिलाओं को प्रभावित करने वाली गंभीर स्थिति है। इससे पीड़ित महिलाओं में यूट्रस की लाइनिंग से मिलते-जुलते टिश्यूज यूट्रस के बाहर के हिस्से में भी बनने लगते हैं। ये आमतौर अंडाशय (ovaries), फैलोपियन ट्यूब (fallopian tubes) और गर्भाशय की बाहरी सतह जैसे पेल्विक अंगों पर बनते हैं। वहीं, मासिक धर्म चक्र के दौरान ये टिश्यूज भी हार्मोनल परिवर्तनों पर प्रतिक्रिया करते हैं, जिससे यूट्रस की लाइनिंग की तरह ही रक्तस्राव होने लगता है। हालांकि, क्योंकि इनका कोई निकास मार्ग नहीं होता है, तो इससे सूजन, घाव और दर्द बढ़ने लगता है। इससे अलावा इन टिश्यूज की वजह गांठ या सिस्ट बन जाती है, जिससे फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं भी होने लगती हैं।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

  • पैल्विक पेन
  • पीरियड्स समय पर नहीं आना
  • पीरियड्स के दौरान भयंकर दर्द होना
  • शारीरिक संबंध बनाने के दौरान दर्द होना
  • इनफर्टिलिटी
  • बेवजह थकान और चिड़चिड़ापन
  • पाचन संबंधी समस्याएं आदि

क्या है बचाव का तरीका?

एंडोमेट्रियोसिस से बचाव के लिए हेल्थ एक्सपर्ट्स सबसे पहले लाइफस्टाइल में हेल्दी बदलाव करने की सलाह देते हैं। इसके साथ ही अगर आपको ऊपर दिए गए लक्षण नजर आ रहे हैं, तो एक बार अपनी जांच जरूर कराएं। एंडोमेट्रियोसिस का इलाज सर्जरी से ही संभव है।

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Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।

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