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क्यों कम उम्र में कैंसर का शिकार हो रहे हैं लोग, क्या फैमली हिस्ट्री होने पर भी इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है? यहां जानें जवाब

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पिछले कुछ सालों में लोग अनहेल्दी लाइफस्टाइल के चलन में तेजी से ढले हैं। तंबाकू और स्मोकिंग का चलन तेजी से बढ़ा है, नाइट लाइफ, जंक फूड, आदि लोगों की आदतों में शामिल होते जा रहे हैं। सिगरेट के हर पैकेट पर लिखा होता है कि इससे कैंसर होता है, फिर भी लोग स्मोकिंग कर रहे हैं। जबकि, ये तमाम कारण अप्रत्यक्ष रूप से या कई बार सीधे तौर पर भी कैंसर के जौखिमों को पैदा करने में योगदान देते हैं।
Written by: हेल्थ डेस्क | Edited By: Shreya Tyagi
नई दिल्ली | Updated: March 30, 2024 18:38 IST
क्यों कम उम्र में कैंसर का शिकार हो रहे हैं लोग  क्या फैमली हिस्ट्री होने पर भी इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है  यहां जानें जवाब
अनहेल्दी खाना खाने और शारीरिक गतिविधियों में कमी के चलते लोग मोटापे का शिकार हो रहे हैं। वहीं, कई हेल्थ रिपोर्ट्स बताती हैं कि शरीर पर बढ़ती चर्बी भी कुछ प्रकार के कैंसर का कारण बन सकती है। (P.C- Freepik)
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बीते कुछ दिनों पहले वेल्स की राजकुमारी केट मिडलटन (Kate Middleton) को लेकर एक बेहद चौंका देने वाली खबर सामने आई। केट मिडलटन ने एक वीडियो जारी कर बताया कि महज 42 साल की उम्र में वे कैंसर का शिकार हो गई हैं। वहीं, अधिक चिंता की बात यह है कि पिछले कुछ सालों में 40 से भी कम उम्र में कैंसर से पीड़ितों की संख्या में तेजी से इजाफा देखने को मिला है।

इतना ही नहीं, दुनियाभर समेत भारत में युवा भी इस गंभीर और जानलेवा बीमारी से जूझ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इसके पीछे की वजह क्या है? क्यों हृदय रोग के बाद अब कैंसर जैसी घातक और जानलेवा बीमारी तेजी से युवाओं को अपनी चपेट में ले रही है? आइए जानते हैं कैंसर से जुड़े कुछ ऐसे ही जरूरी सवालों के जवाब, साथ ही जानेंगे किस तरह आप कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं या खुद के बचाव के लिए किन बातों को ध्यान में रखना जरूरी है-

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क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले?

इस सवाल को लेकर हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पिछले कुछ सालों में लोग अनहेल्दी लाइफस्टाइल के चलन में तेजी से ढले हैं। लोगों का रहन-सहन अब पूरी तरह बदल गया है। तंबाकू और स्मोकिंग का चलन तेजी से बढ़ा है, नाइट लाइफ, जंक फूड, आदि लोगों की आदतों में शामिल होते जा रहे हैं। सिगरेट के हर पैकेट पर लिखा होता है कि इससे कैंसर होता है, फिर भी लोग स्मोकिंग कर रहे हैं। जबकि, ये तमाम कारण अप्रत्यक्ष रूप से या कई बार सीधे तौर पर भी कैंसर के जौखिमों को पैदा करने में योगदान देते हैं।

बढ़ता पॉल्यूशन, प्लास्टिक का ज्यादा इस्तेमाल, कॉस्मेटिक का इस्तेमाल, माइक्रोवेव में खाना पकाने की आदतें भी उम्र से पहले ही लोगों को कैंसर का शिकार बना रही हैं।

इन सब से अलग आज के समय में बच्चों का खेलना-कूदना और बड़ों का एक्सरसाइज करना न के बराबर हो गया है। अनहेल्दी खाना खाने और शारीरिक गतिविधियों में कमी के चलते लोग मोटापे का शिकार हो रहे हैं। वहीं, कई हेल्थ रिपोर्ट्स बताती हैं कि शरीर पर बढ़ती चर्बी भी कुछ प्रकार के कैंसर का कारण बन सकती है।

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क्या लाइफस्टाइल में बदलाव से कैंसर का खतरा कम हो सकता है?

इसे लेकर कई शोध के नतीजें बताते हैं कि जेनेटिक मामलों से अलग हेल्दी लाइफस्टाइल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करने में मददगार साबित हो सकती है। अधिक कमाल की बात यह है कि इसके लिए व्यक्ति को ज्यादा मेहनत की भी जरूरत नहीं होती है। फास्टफूड और प्रोसेस्ड फूड से परहेज कर घर का बना सादा खाना खाने, नियमित व्यायाम करने, अल्कोहल और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाकर और नॉन वेज का सीमित सेवन कर कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

क्या फैमली हिस्ट्री होने पर कैंसर से बचा जा सकता है?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फैमिली हिस्ट्री होने पर कैंसर की आशंका रहती है। हालांकि, ये जरूरी नहीं है कि बीमारी हो ही जाए। ऐसे में कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखकर आप यकीनन इस खतरे को टाल सकते हैं। जैसे समय-समय पर अपनी जांच कराते रहें। खासकर जेनेटिक टेस्टिंग या जीन प्रोफाइल से खतरे को पहले ही भांपा जा सकता है। इस तरह समय रहते सही इलाज के साथ आप स्थिति को अधिक गंभीर होने से रोक सकते हैं। हालांकि, यहां भी हेल्दी लाइफस्टाइल को प्राथमिकता देना जरूरी है।

क्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं को कैंसर का खतरा अधिक है?

इस गंभीर बीमारी का खतरा महिला और पुरुषों दोनों को समान होता है। एक ओर जहां महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर, सर्विकल कैंसर, ओवरी का कैंसर प्रमुख रूप से होता है तो पुरुषों में प्रोस्टेट और ओरल कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है। इससे अलग गॉल ब्लैडर कैंसर भी दोनों जेंडर में कॉमन है, लेकिन यह महिलाओं को ज्यादा शिकार बनाता है। ऐसे में पुरुषों और महिलाओं, दोनों को समान रूप से सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है।

क्या कैंसर को अर्ली स्टेज में पहचाना जा सकता है?

इसे लेकर एक्सपर्ट्स बताते हैं कि आमतौर पर कैंसर के लक्षण सामान्य बीमारियों की तरह ही होते हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग इन्हें मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समय के साथ स्थिति गंभीर होती चली जाती है। ऐसे में अपने शरीर में होने वाले हर छोटे से छोटे बदलावों पर ध्यान दें। खासकर बॉडी के किसी भी हिस्से पर कोई गांठ नजर आने, लंबे समय तक किसी घाव के न भरने, खून की उल्टी होने, मल में खून आने, लगातार खांसी होने, अचानक वजन के कम होने पर तुरंत अपनी जांच कराएं। ये तमाम लक्षण कैंसर की ओर इशारा हो सकते हैं।

Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।

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